नोएडा पुलिस कर्मियों के लिए भावातीत ध्यान पर विशेष परिचयात्मक कार्यक्रम
200 से अधिक पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों ने लिया हिस्सा, तनाव प्रबंधन और मानसिक संतुलन पर दिया गया जोर
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नोएडा। पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और समग्र कल्याण को ध्यान में रखते हुए नोएडा पुलिस लाइन के ऑडिटोरियम में भावातीत ध्यान (ट्रान्सेंडेंटल मेडिटेशन) पर विशेष परिचयात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया। नोएडा पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम में 200 से अधिक पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भावातीत ध्यान की सरल एवं सहज प्रक्रिया से परिचित कराना और यह जानकारी देना था कि नियमित ध्यान अभ्यास मानसिक शांति, आंतरिक संतुलन और स्पष्ट सोच के लिए किस प्रकार उपयोगी हो सकता है। पुलिस सेवा की व्यस्त एवं चुनौतीपूर्ण कार्यप्रणाली को देखते हुए कार्यक्रम में मानसिक और शारीरिक विश्राम के महत्व पर भी विशेष चर्चा की गई।
विचारों को रोकने के बजाय मन को सहज रूप से शांत करने की प्रक्रिया
कार्यक्रम के दौरान भावातीत ध्यान की प्रकृति और इसके अभ्यास के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि यह एक सरल, प्राकृतिक और सहज प्रक्रिया है, जिसमें मन को जबरदस्ती विचारों से हटाने अथवा किसी एक बिंदु पर एकाग्र करने का प्रयास नहीं किया जाता। अभ्यास के दौरान मन स्वाभाविक रूप से अधिक शांत अवस्था की ओर जाता है और शरीर को गहरे विश्राम का अनुभव होता है।
टीएम शिक्षकों ने साझा की ध्यान की प्रक्रिया
स्पिरिचुअल रीजेनेरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया की ओर से टीएम शिक्षकों अदिति श्रीवास्तव और गौरव ठाकुर ने प्रतिभागियों के साथ संवाद किया। उन्होंने भावातीत ध्यान की प्रक्रिया, नियमित अभ्यास और दैनिक जीवन में इसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी साझा की।
इस दौरान प्रतिभागियों को महर्षि महेश योगी के विचारों तथा ध्यान और चेतना के क्षेत्र में उनके योगदान से भी परिचित कराया गया।
योग, स्ट्रेचिंग और प्राणायाम से भी कराया गया अभ्यास
कार्यक्रम में योग एवं प्राणायाम को भी शामिल किया गया। सुमित मलिक, पीयूष और प्रीति ने प्रतिभागियों को योग, स्ट्रेचिंग, विश्राम एवं प्राणायाम के विभिन्न अभ्यास कराए। इन सत्रों के माध्यम से पुलिस कर्मियों को शरीर और मन को तनावमुक्त रखने तथा स्वस्थ दिनचर्या विकसित करने के व्यावहारिक तरीकों की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण को लेकर पुलिस कर्मियों ने दिखाई रुचि
कार्यक्रम में शामिल पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों ने भावातीत ध्यान के बारे में जानकारी प्राप्त करने में उत्साह दिखाया। प्रतिभागियों को बताया गया कि भावातीत ध्यान प्रशिक्षित शिक्षक से व्यक्तिगत रूप से सीखा जाता है और इसे सीखने के लिए पांच दिवसीय पाठ्यक्रम निर्धारित है।
कार्यक्रम के दौरान कई प्रतिभागियों ने इस प्रक्रिया को आगे सीखने और इसे अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने में रुचि व्यक्त की।
दिन में दो बार 15 से 20 मिनट के अभ्यास की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में बताया गया कि भावातीत ध्यान का अभ्यास आराम से बैठकर आंखें बंद करके दिन में दो बार लगभग 15 से 20 मिनट किया जाता है। आयोजकों के अनुसार यह एक सहज प्रक्रिया है, जिसमें विचारों को रोकने या मन को नियंत्रित करने का प्रयास नहीं किया जाता।
पुलिस कर्मियों के कल्याण की दिशा में पहल
कार्यक्रम के माध्यम से नोएडा पुलिस कर्मियों को लगातार जिम्मेदारियों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच अपने मानसिक एवं आंतरिक संतुलन पर ध्यान देने के लिए एक सरल और व्यावहारिक दृष्टिकोण से परिचित कराया गया। आयोजकों के अनुसार, ऐसे कार्यक्रम पुलिस कर्मियों के व्यक्तिगत कल्याण के साथ-साथ कार्यक्षेत्र में बेहतर मानसिक स्पष्टता और संतुलन को बढ़ावा देने में सहायक हो सकते हैं।
स्पिरिचुअल रीजेनेरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया विभिन्न संस्थानों के सहयोग से भावातीत ध्यान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए परिचयात्मक कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। महर्षि महेश योगी द्वारा प्रस्तुत भावातीत ध्यान को आधुनिक जीवन के लिए एक सरल एवं सहज प्रक्रिया के रूप में लोगों तक पहुंचाने का प्रयास इन पहलों के माध्यम से जारी है।
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