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राहुल गांधी बोले- लोकतंत्र बचाने के लिए सवाल पूछना जरूरी, चेन्नई में युवाओं से किया संवाद
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में वोट चोरी और तमिल संस्कृति का मुद्दा उठाया, शिक्षा, बेरोजगारी और युवाओं की समस्याओं पर भी हुई चर्चा
अनप्लग इंडिया। डेस्क
चेन्नई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को चेन्नई में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान युवाओं से संवाद किया। उन्होंने छात्रों से लोकतंत्र, शिक्षा और समाज से जुड़े मुद्दों पर सवाल पूछने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने वाली ताकतों से डरने की जरूरत नहीं है। अपने संबोधन में उन्होंने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, तमिल भाषा और संस्कृति तथा शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
चेन्नई के आइलैंड ग्राउंड्स में आयोजित यह कार्यक्रम युवाओं के साथ संवाद की राहुल गांधी की पहल का हिस्सा था। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्यक्रम पहली बार दक्षिण भारत में आयोजित किया गया। इससे पहले राहुल गांधी कोटा, देहरादून, प्रयागराज, पुणे और इंदौर में भी छात्रों और युवाओं से बातचीत कर चुके हैं।
राहुल बोले- सवाल पूछना छात्रों की जिम्मेदारी
राहुल गांधी ने छात्रों से कहा कि किसी विचार को बिना समझे स्वीकार नहीं करना चाहिए। उनके मुताबिक, सवाल पूछने और किसी विषय को समझने की प्रवृत्ति ही व्यक्ति को आगे बढ़ने में मदद करती है।
उन्होंने समाज सुधारक पेरियार का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी विशेषता सवाल पूछना और स्थापित विचारों पर तर्क के आधार पर विचार करना था। राहुल ने छात्रों को अपनी भाषा, इतिहास और संस्कृति से जुड़े रहने के साथ स्वतंत्र रूप से सोचने के लिए प्रेरित किया।
तमिल भाषा और संस्कृति का मुद्दा उठाया
अपने भाषण में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु की भाषा, संस्कृति और इतिहास को लेकर केंद्र सरकार का रवैया उचित नहीं है। उन्होंने हिंदी थोपे जाने की आशंका जताते हुए कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं और सांस्कृतिक पहचान का सम्मान किया जाना चाहिए।
राहुल ने नई शिक्षा नीति और शिक्षा व्यवस्था के केंद्रीकरण पर भी सवाल उठाए। उन्होंने तमिलनाडु के शिक्षा बजट, मेडिकल सीटों और विश्वविद्यालयों के संचालन को लेकर कई दावे किए। इन आंकड़ों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित सरकारी रिकॉर्ड की जांच जरूरी है।
वोट चोरी के आरोप पर भी बोले राहुल
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में चुनाव प्रक्रिया और मताधिकार का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों के वोट और लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए दावा किया कि सरकार दबाव में काम कर रही है।
दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए राहुल ने हिरासत और पाबंदियों पर सवाल उठाए। उनके ये बयान राजनीतिक आरोप हैं; संबंधित पक्षों का जवाब इस खबर के लिए उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है।
छात्रों ने शिक्षा और अवसरों से जुड़े सवाल उठाए
कार्यक्रम में छात्रों ने भी अपनी समस्याएं और चिंताएं राहुल गांधी के सामने रखीं। एक छात्र ने दो भाषा नीति और नई शिक्षा नीति को लेकर चिंता जताई। उसने शिक्षा के निजीकरण पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी शिक्षा ने उसे आगे बढ़ने का अवसर दिया, लेकिन कई विद्यार्थियों को समान अवसर नहीं मिल पाते।
एक अन्य युवक ने नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक से जुड़ी घटना में अपनी बहन को खोने की बात कही। उसने शिक्षा को गरीबी से बाहर निकलने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया और शिक्षा में समानता की जरूरत पर जोर दिया।
राहुल गांधी ने छात्रों की बात सुनी और शिक्षा तथा सामाजिक भेदभाव जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
दक्षिण भारत के युवाओं पर कांग्रेस का फोकस
‘यूथ इन इंडिया 2022’ रिपोर्ट के हवाले से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दक्षिण भारत के पांच राज्यों—आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना—में 15 से 29 वर्ष की आयु के करीब 7.5 करोड़ युवा हैं।
कांग्रेस की इस संवाद पहल में युवाओं से जुड़े विषयों, जैसे शिक्षा, बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताएं और मानसिक दबाव, को उठाया जा रहा है। पार्टी के अनुसार, इन कार्यक्रमों के जरिए युवाओं की समस्याओं को समझना और उन्हें राजनीतिक चर्चा के केंद्र में लाना उद्देश्य है।
निष्कर्ष: चेन्नई में राहुल गांधी का संबोधन शिक्षा, क्षेत्रीय पहचान, लोकतांत्रिक अधिकारों और युवाओं के अवसरों पर केंद्रित रहा। कार्यक्रम में छात्रों ने अपनी चिंताएं रखीं, जबकि राहुल ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए युवाओं से सवाल पूछने और अपनी बात रखने की अपील की।
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