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ग्रेटर नोएडा वेस्ट की इको विलेज-2 सोसायटी में पानी का संकट, हजारों निवासियों की दिनचर्या प्रभावित
करीब 4,000 फ्लैटों वाली सोसायटी में अनियमित जलापूर्ति से निवासी परेशान, प्रबंधन ने आपूर्ति में कमी को बताया वजह; प्राधिकरण ने जांच का आश्वासन दिया
अनप्लग इंडिया। डेस्क
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित सुपरटेक इको विलेज-2 हाउसिंग सोसायटी में पानी की अनियमित आपूर्ति से निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से पानी की सप्लाई बार-बार बाधित हो रही है। स्थिति यह है कि कुछ टावरों में पानी उपलब्ध रहता है, जबकि दूसरे टावरों के निवासियों को इसके लिए इंतजार करना पड़ता है। दैनिक जरूरतों के लिए पानी की उपलब्धता प्रभावित होने से परिवारों की परेशानी बढ़ गई है।
सोसायटी में 35 टावर और करीब 4,000 फ्लैट हैं। यहां की अनुमानित आबादी 7,000 से अधिक बताई गई है। ऐसे में पानी की आपूर्ति में बार-बार होने वाली बाधा बड़ी संख्या में लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही है।
कभी पानी आता है, कभी घंटों इंतजार
सोसायटी के निवासी बी. महांति ने बताया कि पानी की समस्या करीब एक महीने से बार-बार सामने आ रही है। उनके अनुसार, कुछ दिनों में पानी उपलब्ध रहता है, जबकि अन्य दिनों में आपूर्ति बाधित हो जाती है। उन्होंने बताया कि एक दिन दोपहर से देर रात तक पानी नहीं आने के कारण घरेलू कामकाज संभालना मुश्किल हो गया था।
एक अन्य निवासी शशि भूषण ने कहा कि पानी की सप्लाई रुकने पर टैंकरों की व्यवस्था की जाती है, लेकिन वरिष्ठ नागरिकों सहित कई निवासियों के लिए नीचे जाकर पानी लेना परेशानी भरा होता है। निवासियों का कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे सभी प्रभावित टावरों तक जरूरत के मुताबिक पानी पहुंच सके।
प्रबंधन ने आपूर्ति में कमी को बताया वजह
सोसायटी के एस्टेट मैनेजर अजीम खान ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि हाल के दो-तीन दिनों में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से पानी की आपूर्ति में कमी के कारण परेशानी हुई। उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी कुछ दिक्कतें सामने आई थीं, लेकिन उनके मुताबिक यह लगातार लंबे समय से चल रही समस्या नहीं है।
एस्टेट मैनेजर ने बताया कि कुछ टावरों में आपूर्ति प्रभावित हुई थी और टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। उन्होंने समस्या के जल्द समाधान की उम्मीद भी जताई थी।
हालांकि, निवासियों की शिकायतों और प्रबंधन के बयान के बीच पानी की कमी की वास्तविक वजह को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इसके लिए आपूर्ति व्यवस्था और सोसायटी के भीतर पानी के वितरण की अलग-अलग जांच जरूरी हो सकती है।
प्राधिकरण ने कहा, शिकायत मिलने पर होगी जांच
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जल विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक राजीव कुमार ने अखबार को बताया कि प्राधिकरण को अपनी ओर से जलापूर्ति में समस्या की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि सोसायटी के भीतर पानी के वितरण से जुड़ी दिक्कत होने की संभावना भी हो सकती है और मामले को देखा जाएगा।
इस बयान के बाद यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि आपूर्ति में कमी का कारण स्पष्ट किया जाए। यदि समस्या बाहरी जलापूर्ति में है, तो संबंधित विभाग को इसकी जांच करनी होगी। वहीं, यदि पानी सोसायटी तक पहुंचने के बाद टावरों में समान रूप से वितरित नहीं हो पा रहा है, तो सोसायटी प्रबंधन को वितरण व्यवस्था की जांच करनी चाहिए।
निवासियों को स्थायी समाधान का इंतजार
पानी की नियमित आपूर्ति किसी भी आवासीय परिसर की बुनियादी जरूरत है। बड़ी सोसायटियों में पानी की सप्लाई कुछ घंटों के लिए भी बाधित होने पर रसोई, सफाई, स्नान और अन्य घरेलू गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों और ऐसे परिवारों के लिए परेशानी अधिक बढ़ जाती है जिन्हें बार-बार नीचे जाकर पानी जुटाना पड़ता है।
निवासियों की मांग है कि पानी की आपूर्ति का समय निर्धारित किया जाए और यदि किसी टावर में सप्लाई बाधित होती है तो वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। साथ ही, प्राधिकरण और सोसायटी प्रबंधन के बीच समन्वय से समस्या की वास्तविक वजह सामने लाई जाए, ताकि निवासियों को बार-बार ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।
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