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12 अक्तूबर 2026 | भरोसेमंद खबरें, सीधे आपके शहर से
अंक: 12 Oct 2026
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राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक का राजघाट मार्च: लंच मीटिंग से धरने तक पूरे दिन क्या-क्या हुआ

Rinku Yadav • • 8 मिनट पढ़ें
राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक का राजघाट मार्च: लंच मीटिंग से धरने तक पूरे दिन क्या-क्या हुआ

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR को लेकर विपक्ष का तीसरे दिन भी प्रदर्शन; दो दिन की हिरासत के बाद आज राजघाट पहुंचे राहुल गांधी, खरगे और विपक्षी सांसद

अनप्लग इंडिया। डेस्क

नई दिल्ली। चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी INDIA ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। पिछले दो दिनों में प्रदर्शनकारियों को रोके जाने और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद आज विपक्ष ने अपनी रणनीति बदली। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की अगुवाई में विपक्षी सांसद पहले कनॉट प्लेस में एकत्र हुए और इसके बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में बसों से राजघाट पहुंचे। वहां सांसदों ने महात्मा गांधी की समाधि के पास शांतिपूर्ण धरना दिया।

सुबह से ही दिल्ली में बढ़ी सुरक्षा

विपक्ष के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। राजघाट और उसके आसपास बड़ी संख्या में पुलिस तथा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती की गई। दिल्ली पुलिस ने राजघाट पर भीड़ और प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश भी लगाए थे।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी राजघाट-किशन घाट रोड पर दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक यातायात प्रभावित रहने की चेतावनी दी थी और यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी।

CEC ज्ञानेश कुमार के आवास के बाहर भी सुरक्षा बढ़ाई गई। अधिकारियों के अनुसार उन्हें पहले से Z+ सुरक्षा प्राप्त है, लेकिन मौजूदा विरोध प्रदर्शनों और ताजा सुरक्षा इनपुट के कारण अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। गृह मंत्रालय ने 8 से 12 अक्टूबर के बीच दिल्ली में कानून-व्यवस्था के लिए 221 कंपनियां, यानी करीब 23 हजार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवान उपलब्ध कराए हैं।

दोपहर में कनॉट प्लेस में जुटे विपक्षी सांसद

दोपहर करीब 1:45 बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने INDIA ब्लॉक के नेताओं और सांसदों के लिए कनॉट प्लेस के Moets रेस्तरां में लंच मीटिंग रखी। राहुल गांधी भी बैठक में पहुंचे। बैठक का मकसद आगे की रणनीति तय करना और चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन को जारी रखना था।

बैठक में कांग्रेस के अलावा INDIA ब्लॉक के कई सहयोगी दलों के नेता भी मौजूद रहे। इनमें हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी और अन्य विपक्षी सांसद शामिल रहे।

राहुल गांधी बोले- करीब 300 सांसद शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते हैं

लंच बैठक के बाद राहुल गांधी ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा के करीब 300 सांसद शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें पिछले दो दिनों से प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पहले दिन उन्हें चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर जाने से रोका गया और दूसरे दिन जंतर-मंतर जाने की कोशिश के दौरान भी पुलिस ने कार्रवाई की।

उन्होंने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, CEC ज्ञानेश कुमार और RSS प्रमुख मोहन भागवत पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए और कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगा। ये आरोप राहुल गांधी और विपक्ष के राजनीतिक दावे हैं; चुनाव आयोग और भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है।

तीन बसों में राजघाट के लिए रवाना हुए राहुल और विपक्षी सांसद

लंच के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य INDIA ब्लॉक सांसद तीन बसों में राजघाट के लिए रवाना हुए।

काफिला कनॉट प्लेस से मिंटो ब्रिज होते हुए राजघाट की तरफ बढ़ा। पूरे रास्ते भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग की व्यवस्था थी। पुलिस की निगरानी में सांसद राजघाट तक पहुंचे।

पिछले दो दिनों के मुकाबले आज की स्थिति अलग रही। पुलिस ने विपक्षी सांसदों को राजघाट तक पहुंचने दिया और वहां उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति दी।

राजघाट पहुंचकर राहुल गांधी और खरगे धरने पर बैठे

राजघाट पहुंचने के बाद राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य विपक्षी सांसद महात्मा गांधी की समाधि के पास बैठे। सांसदों ने कुछ समय मौन धरना दिया और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।

विपक्ष ने इस प्रदर्शन को लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार से जुड़े मुद्दों से जोड़ते हुए आयोजित किया। खरगे ने कहा कि वे गांधी स्मारक पर बैठकर प्रार्थना करेंगे कि सरकार को देशहित और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने की समझ मिले।

आज राहुल गांधी को हिरासत में नहीं लिया गया

6 और 7 अक्टूबर को जहां विपक्षी सांसदों को पुलिस ने रोका और राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया था, वहीं 8 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसद राजघाट पहुंचने में सफल रहे।

इस तरह आज का प्रदर्शन पिछले दो दिनों से अलग रहा। राजघाट पर विपक्षी सांसदों ने धरना दिया और इसके बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ा।

पिछले दो दिनों में क्या हुआ था?

इस आंदोलन की शुरुआत 6 अक्टूबर को हुई थी, जब INDIA ब्लॉक के सांसद संसद भवन से चुनाव आयोग के कार्यालय, निर्वाचन सदन की ओर मार्च करना चाहते थे। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया था और इसके बाद आकाशवाणी भवन के पास विपक्षी सांसदों ने धरना दिया था।

7 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों ने जंतर-मंतर की ओर जाने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर से पहले रोक दिया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।

7 अक्टूबर के प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कुछ नेताओं के खिलाफ पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोपों से जुड़ी FIR भी दर्ज कीं। पुलिस के आरोपों को लेकर कांग्रेस और पुलिस के बीच अलग-अलग दावे सामने आए हैं।

विपक्ष की मुख्य मांग क्या है?

कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही विपक्ष Special Intensive Revision यानी SIR के तहत मतदाता सूची में किए जा रहे बदलावों को लेकर सवाल उठा रहा है और प्रक्रिया को वापस लेने की मांग कर रहा है।

विपक्ष का आरोप है कि SIR के जरिए मतदाता सूची में बड़ी संख्या में नाम प्रभावित हुए हैं और इससे मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है।

दूसरी ओर, चुनाव आयोग और भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार चुनाव आयोग और भाजपा ने मतदाता सूची में हेरफेर के आरोपों से इनकार किया है।

आंदोलन सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं

CEC के इस्तीफे और SIR के मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन देश के अन्य हिस्सों में भी देखने को मिला। बेंगलुरु में भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे और CEC के इस्तीफे की मांग की।

इससे पहले विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों के प्रदर्शनों का असर कई राज्यों में भी देखने को मिला है।

अब आगे क्या?

INDIA ब्लॉक के नेताओं ने संकेत दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के पद से हटने तक विरोध जारी रखने की बात कही।

इस बीच दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था अगले कई दिनों तक कड़ी रहने की संभावना है। गृह मंत्रालय की ओर से 8 से 12 अक्टूबर के बीच बड़ी संख्या में केंद्रीय बल दिल्ली पुलिस को उपलब्ध कराए गए हैं।

घटनाक्रम एक नजर में

6 अक्टूबर: विपक्षी सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग तक मार्च की कोशिश की; पुलिस ने रास्ते में रोका।

7 अक्टूबर: जंतर-मंतर की ओर मार्च की कोशिश; राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई नेता हिरासत में लिए गए और बाद में रिहा हुए। पुलिस की ओर से FIR भी दर्ज की गईं।

8 अक्टूबर सुबह: दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई और राजघाट समेत मध्य दिल्ली के कई इलाकों में बैरिकेडिंग की गई।

8 अक्टूबर दोपहर: राहुल गांधी, खरगे, प्रियंका गांधी और INDIA ब्लॉक के नेता कनॉट प्लेस में लंच मीटिंग के लिए जुटे।

8 अक्टूबर शाम: तीन बसों में विपक्षी सांसद राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी की समाधि के पास शांतिपूर्ण धरना दिया।

मुख्य मुद्दा: CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और SIR के तहत मतदाता सूची में बदलावों को लेकर विपक्ष की आपत्ति।

सरकार/EC का पक्ष: विपक्ष के मतदाता सूची में हेरफेर के आरोपों को चुनाव आयोग और भाजपा ने खारिज किया है।

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