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12 अक्तूबर 2026 | भरोसेमंद खबरें, सीधे आपके शहर से
अंक: 12 Oct 2026
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नोएडा के किसान नेताओं को हाउस अरेस्ट करने का आरोप, अशोक चौहान बोले- ‘बीजेपी का अघोषित आपातकाल’

न्यूज़रूम डेस्क • • 2 मिनट पढ़ें
नोएडा के किसान नेताओं को हाउस अरेस्ट करने का आरोप, अशोक चौहान बोले- ‘बीजेपी का अघोषित आपातकाल’

दिल्ली में प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में किसानों की भागीदारी रोकने का आरोप, ग्राम विकास संगठन ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

अनप्लग इंडिया। डेस्क

नोएडा। दिल्ली में आयोजित धरना-प्रदर्शन में नोएडा के किसानों की भागीदारी रोकने के लिए पुलिस प्रशासन पर किसान नेताओं को हाउस अरेस्ट करने का आरोप लगा है। ग्राम विकास संगठन, नोएडा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें सुबह से ही घर में नजरबंद कर रखा है। उन्होंने इस कार्रवाई को किसानों की आवाज दबाने की कोशिश बताते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा।

अशोक चौहान के मुताबिक, दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में नोएडा के किसान शामिल न हो सकें, इसके लिए पुलिस प्रशासन ने किसान नेताओं के खिलाफ यह कदम उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पुलिस के दम पर किसानों के आंदोलन को दबाना चाहती है।

‘अपने हक और अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा’

अशोक चौहान ने कहा कि किसान अपने हक और अधिकारों की मांग को लेकर संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेश की सरकारें जनता से संवाद करने के बजाय पुलिस के माध्यम से उसकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही हैं। उनके अनुसार, लोकतंत्र में लोगों को अपनी मांगों और समस्याओं को उठाने का अधिकार है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में इस अधिकार पर अंकुश लगाने की कोशिश की जा रही है।

मेट्रो स्टेशन बंद करने और नजरबंदी पर उठाए सवाल

अशोक चौहान ने दिल्ली में मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने और लोगों को घरों में नजरबंद किए जाने की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने इन कदमों को लोकतांत्रिक अधिकारों के विपरीत बताते हुए इसे भाजपा का ‘अघोषित आपातकाल’ करार दिया।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सुनना और उसकी समस्याओं का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है। किसानों की मांगों को सुनने और उनसे बातचीत करने के बजाय पुलिस कार्रवाई का सहारा लेना उचित नहीं है।

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