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12 अक्तूबर 2026 | भरोसेमंद खबरें, सीधे आपके शहर से
अंक: 12 Oct 2026
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नोएडा व्हीलर्स में 230 खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, तिरंगा लेकर स्केटिंग करने उतरे विशेष खिलाड़ी

Rinku Yadav • • 4 मिनट पढ़ें
नोएडा व्हीलर्स में 230 खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, तिरंगा लेकर स्केटिंग करने उतरे विशेष खिलाड़ी

नोएडा स्टेडियम में 13वें आयोजन के दौरान खिलाड़ियों को मिले स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक, समावेशी खेलों के जरिए प्रतिभाओं को मंच देने का संदेश

अनप्लग इंडिया। डेस्क

नोएडा। सेक्टर-21ए स्थित नोएडा स्टेडियम में शनिवार को सनराइज लर्निंग फाउंडेशन की ओर से 13वें नोएडा व्हीलर्स का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में दिल्ली-एनसीआर के आठ स्कूलों, विशेष शिक्षा केंद्रों और व्यक्तिगत श्रेणी से कुल 230 खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया। इनमें 85 व्यक्तिगत प्रविष्टियां शामिल रहीं। ऑटिज्म, एडीएचडी, डाउन सिंड्रोम, बौद्धिक दिव्यांगता और अन्य न्यूरोडेवलपमेंटल स्थितियों वाले बच्चों एवं युवाओं ने स्केटिंग के जरिए अपनी प्रतिभा, संतुलन और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय कवि, लेखक और समाजसेवी पंडित साहित्य चंचल ‘साधक’ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष एवं मानव सेवा समिति के अध्यक्ष यू.के. भारद्वाज विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

हर खिलाड़ी को मिला पदक जीतने का अवसर

नोएडा व्हीलर्स की खासियत यह रही कि प्रतियोगिता के प्रारूप में प्रत्येक खिलाड़ी को सम्मान और उपलब्धि का अनुभव कराने पर जोर दिया गया। आयोजकों के अनुसार, प्रत्येक प्रतिस्पर्धात्मक राउंड में तीन स्केटर्स को शामिल किया गया और खिलाड़ियों को स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक प्रदान किए गए। सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र और जलपान भी दिया गया।

तिरंगा लेकर स्केटिंग करते खिलाड़ियों ने बांधा समां

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘रॉक एंड रोल’ नाम से आयोजित संगीतमय स्केटिंग प्रस्तुति रही। इसमें सनराइज लर्निंग के 18 विद्यार्थियों ने हाथों में तिरंगा लेकर स्केटिंग की। देशभक्ति गीत ‘लहरा दो, लहरा दो’ की धुन पर खिलाड़ियों ने संतुलन और सामूहिक तालमेल के साथ प्रस्तुति दी। इस दौरान मौजूद दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया।

विशेष युवाओं के कौशल और रोजगार की तैयारी पर जोर

आयोजन में ‘द स्पेशल कैफे’ और ‘द स्पेशल शॉपे’ के माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले युवाओं के व्यावसायिक कौशल और आजीविका की तैयारी को भी प्रदर्शित किया गया। खिलाड़ियों और उनके परिवारों के लिए निःशुल्क संचार एवं भाषा परीक्षण तथा स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई।

फेलिक्स हॉस्पिटल ने मेडिकल एवं हेल्थ पार्टनर और मैकग्रा हिल इंडिया ने आयोजन के प्रायोजक के रूप में सहयोग दिया। ग्रेस फाउंडेशन को 57 खिलाड़ियों की भागीदारी और 57 पदक हासिल करने के लिए सम्मानित किया गया।

‘बच्चों को दया नहीं, अवसर और सम्मान चाहिए’

सनराइज लर्निंग फाउंडेशन की संस्थापक ट्रस्टी, ऑटिज्म विशेषज्ञ और 17 वर्षीय ऑटिस्टिक युवा की मां डॉ. सोनाली कटारिया ने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को स्कूलों की खेल प्रतियोगिताओं, स्पोर्ट्स क्लबों और टूर्नामेंट में भाग लेने के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते।

उन्होंने कहा कि इन बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है, बल्कि जरूरत ऐसे मंचों की है जहां वे अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर सकें, प्रतिस्पर्धा में भाग लें और विजेता बनने का अनुभव हासिल करें। उनके मुताबिक, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को दया के बजाय स्वीकार्यता, सम्मान और समान अवसर दिए जाने चाहिए।

आयोजकों ने कहा कि नोएडा व्हीलर्स का उद्देश्य खेलों के माध्यम से समावेशन को बढ़ावा देना और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों एवं युवाओं को अपनी प्रतिभा सामने लाने का अवसर देना है। आयोजन ने यह संदेश दिया कि समाज में वास्तविक समावेशन तभी संभव है, जब हर व्यक्ति को आगे बढ़ने और अपनी क्षमता साबित करने के समान अवसर मिलें।

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