चंदौली में अंतरजातीय विवाह से नाराज पिता ने बेटी का किया पिंडदान, बोले- अब कोई रिश्ता नहीं
दो महीने पहले प्रेमी से कोर्ट मैरिज कर सोनभद्र में रह रही है 20 वर्षीय युवती, परिवार की नाराजगी के बीच पिता ने श्राद्ध कर्म किया
अनप्लग इंडिया। डेस्क
चंदौली। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में परिवार की इच्छा के खिलाफ प्रेम विवाह करने वाली एक युवती को लेकर विवाद सामने आया है। बेटी के दूसरे जाति के युवक से शादी करने से नाराज पिता ने शनिवार शाम उसका पिंडदान कर दिया। पिता का कहना है कि बेटी के फैसले से परिवार को गहरा दुख पहुंचा है और अब उनका उससे कोई संबंध नहीं है।
यह मामला जिला मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर जगदीशराय गांव का बताया गया है। युवती ने लगभग दो महीने पहले अपने प्रेमी से कोर्ट मैरिज की थी। शादी के बाद दोनों सोनभद्र में साथ रह रहे हैं।
परिवार की सहमति के बिना की शादी
जानकारी के मुताबिक, गांव निवासी किसान प्रकाश सिंह की 20 वर्षीय बेटी नेहा सिंह का संबंध सावन नाम के युवक से था। सावन के पिता पशुपालन विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बताए गए हैं। नेहा करीब दो महीने पहले घर छोड़कर चली गई थी। इसके बाद उसने अपनी पसंद से सावन के साथ अदालत में विवाह कर लिया।
परिवार के लोगों ने नेहा को वापस लाने और अपना फैसला बदलने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन वह शादी के फैसले पर कायम रही। इसके बाद से परिवार और बेटी के बीच नाराजगी बनी हुई थी।
पीपल के पेड़ के नीचे किया पिंडदान
रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार शाम करीब पांच बजे प्रकाश सिंह ने अपने घर से लगभग 200 मीटर दूर पीपल के पेड़ के नीचे बेटी का पिंडदान किया। पिता ने कहा कि बेटी के फैसले से उन्हें गहरी ठेस पहुंची है। उनके मुताबिक, माता-पिता बच्चों के भविष्य के लिए मेहनत और त्याग करते हैं तथा चाहते हैं कि जीवन के बड़े फैसलों में परिवार की भावनाओं का भी ध्यान रखा जाए।
प्रकाश सिंह के छोटे भाई पप्पू सिंह ने बताया कि नेहा स्नातक तक पढ़ी है और परिवार ने उसे बेटे की तरह पाला था। परिवार चाहता था कि वह अपनी जाति में विवाह करे। दूसरे जाति के युवक से शादी करने के फैसले से परिवार के लोग आहत हैं।
युवती अपने फैसले पर कायम
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नेहा ने अपने प्रेमी के साथ रहने का फैसला किया है और परिवार के पास लौटने से इनकार किया है। इस घटनाक्रम ने परिवार की नाराजगी और युवती के अपने जीवनसाथी को चुनने के फैसले के बीच गहरे मतभेद को सामने ला दिया है।
यह घटना व्यक्तिगत पसंद, पारिवारिक अपेक्षाओं और विवाह के फैसले को लेकर परिवारों में पैदा होने वाले तनाव पर भी सवाल खड़े करती है।
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