गंगनहर की सफाई से नोएडा-गाजियाबाद में पानी का संकट, 20 लाख से अधिक लोगों पर असर की आशंका
21 अक्टूबर से गंगाजल की आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना, नोएडा प्राधिकरण ने नलकूप और रेनीवेल दुरुस्त करने की तैयारी शुरू की, जरूरत पड़ने पर टैंकरों से पहुंचेगा पानी
नोएडा/गाजियाबाद। त्योहारों के मौसम में नोएडा और गाजियाबाद के लोगों को पेयजल की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। गंगनहर की सालाना सफाई और सिल्ट हटाने के लिए पानी की आपूर्ति बंद किए जाने की तैयारी है। इससे गंगाजल पर निर्भर इलाकों में जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस व्यवस्था से दोनों शहरों के 20 लाख से अधिक लोग प्रभावित हो सकते हैं।
21 अक्टूबर से शुरू हो सकता है असर
रिपोर्टों के अनुसार, अपर गंगनहर की सफाई के लिए 21 अक्टूबर से पानी बंद करने की योजना है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में यह अवधि 25 नवंबर तक बताई गई है, जबकि नोएडा से जुड़ी एक अन्य रिपोर्ट में लगभग 25 दिनों तक गंगाजल की आपूर्ति बंद रहने की जानकारी दी गई है। अलग-अलग रिपोर्टों में अवधि को लेकर अंतर है।
मानसून के दौरान नहर में मिट्टी और गाद जमा हो जाती है। इससे पानी के प्रवाह पर असर पड़ता है। इसी कारण हर साल नहर की सफाई और जरूरी मरम्मत का काम किया जाता है।
इन इलाकों में बढ़ सकती है परेशानी
गाजियाबाद में इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा, कौशांबी, सिद्धार्थ विहार और डेल्टा कॉलोनी के कई इलाके गंगाजल की आपूर्ति पर निर्भर हैं। वहीं नोएडा में भी गंगाजल से जुड़े क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता प्रभावित होने की आशंका है।
ऐसे में त्योहारों के दौरान घरेलू जरूरतों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना संबंधित विभागों के सामने चुनौती हो सकती है।
नोएडा प्राधिकरण ने शुरू की तैयारी
गंगाजल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने वैकल्पिक इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जल विभाग नलकूपों की मरम्मत और रेनीवेल को दुरुस्त करने की तैयारी कर रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर इन स्रोतों से पानी की आपूर्ति बढ़ाई जा सके।
अधिकारियों के मुताबिक, नलकूपों और रेनीवेल को पूरी क्षमता से चलाने का प्रयास किया जाएगा। जिन इलाकों में पानी की कमी होगी, वहां जरूरत के अनुसार टैंकरों के जरिए आपूर्ति की जा सकती है।
लोगों को अभी से तैयारी रखने की जरूरत
गंगाजल की आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति में लोगों को पानी का इस्तेमाल सावधानी से करना होगा। हालांकि, वास्तविक स्थिति संबंधित विभागों की व्यवस्था और स्थानीय जलापूर्ति पर निर्भर करेगी। लोगों को सलाह है कि वे अपने क्षेत्र की जलापूर्ति से जुड़ी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें।
यह भी पढ़ें