गलगोटियास यूनिवर्सिटी में फॉर्मूला इम्पीरियल और इंडियन कार्टिंग रेस 2026 का आगाज
14 राज्यों के 37 इंजीनियरिंग संस्थानों की 40 टीमें ले रहीं हिस्सा, छात्रों ने खुद डिजाइन और तैयार किए रेसिंग वाहन
अनप्लग इंडिया। डेस्क
ग्रेटर नोएडा। गलगोटियास यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय स्तर की ऑटोमोटिव डिजाइन प्रतियोगिता फॉर्मूला इम्पीरियल एवं इंडियन कार्टिंग रेस 2026 (IKR-2026) का शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता में 14 राज्यों के 37 इंजीनियरिंग संस्थानों की 40 टीमें हिस्सा ले रही हैं। इसका उद्देश्य छात्रों को ऑटोमोटिव डिजाइन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और सतत परिवहन के क्षेत्र में अपनी तकनीकी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देना है।
इम्पीरियल सोसाइटी ऑफ इनोवेटिव इंजीनियर्स (ISIEINDIA) की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में गलगोटियास यूनिवर्सिटी सह-आयोजक की भूमिका निभा रही है। प्रतियोगिता के तहत छात्र गो-कार्ट और फॉर्मूला इम्पीरियल श्रेणियों में अपने वाहनों की डिजाइनिंग, निर्माण और परीक्षण के बाद रेसिंग में हिस्सा ले रहे हैं। इससे उन्हें किताबी ज्ञान को वास्तविक इंजीनियरिंग चुनौतियों में लागू करने का अवसर मिल रहा है।
IIT, NIT समेत कई प्रतिष्ठित संस्थानों की टीमें शामिल
प्रतियोगिता में आईआईटी रुड़की, एनआईटी वारंगल, एनआईटी कालीकट, एनआईटी रायपुर, जादवपुर यूनिवर्सिटी, वीआईटी, एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, केआईआईटी और थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की टीमें भाग ले रही हैं।
प्रतिभागी टीमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात, तेलंगाना, केरल, हरियाणा, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से पहुंची हैं। प्रतियोगिता के माध्यम से छात्रों को देशभर के अन्य तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने और अपने नवाचार को परखने का अवसर मिल रहा है।
उद्योग विशेषज्ञों ने छात्रों से किया संवाद
उद्घाटन समारोह में एमएसएमई चैंबर ऑफ कॉमर्स, जेके टायर मोटरस्पोर्ट्स, लिक्वी मोली और IFEVA के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान उद्योग विशेषज्ञों ने छात्रों के साथ उभरती तकनीकों, उद्योग की अपेक्षाओं और उद्यमिता से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
गलगोटियास यूनिवर्सिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने कहा कि प्रतियोगिता में शामिल प्रत्येक वाहन को छात्रों ने स्वयं डिजाइन किया, तैयार किया और उसका परीक्षण किया है। उद्योग को आज ऐसे इंजीनियरिंग शिक्षा मॉडल की आवश्यकता है, जिसमें विद्यार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों में अपनी तकनीकी क्षमताओं का इस्तेमाल करने का अवसर मिले।
उन्होंने कहा कि IKR-2026 के जरिए 40 टीमों को प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में अपने कौशल का प्रदर्शन करने का मंच मिल रहा है।
डिजाइन और नवाचार के आधार पर होगा मूल्यांकन
प्रतियोगिता के अगले चरणों में निर्णायक मंडल वाहनों की डिजाइन, इंजीनियरिंग संबंधी निर्णयों, तकनीकी नवाचार और टीमवर्क का मूल्यांकन करेगा। उद्योग-केंद्रित प्रारूप में होने वाली इस प्रतियोगिता से विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव हासिल करने और भविष्य में ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी क्षेत्र की चुनौतियों के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी।
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