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12 अक्तूबर 2026 | भरोसेमंद खबरें, सीधे आपके शहर से
अंक: 12 Oct 2026
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गाजियाबाद में डेंगू-मलेरिया पर रोकथाम के लिए आज से दस्तक अभियान, 31 अक्टूबर तक चलेगा जागरूकता कार्यक्रम

न्यूज़रूम डेस्क • • 4 मिनट पढ़ें
गाजियाबाद में डेंगू-मलेरिया पर रोकथाम के लिए आज से दस्तक अभियान, 31 अक्टूबर तक चलेगा जागरूकता कार्यक्रम

नगर निगम की करीब 100 फॉगिंग मशीनें और अन्य उपकरण अभियान में लगाए गए; स्वास्थ्य विभाग ने घरों के आसपास पानी जमा न होने देने और लक्षण दिखने पर जांच कराने की अपील की

अनप्लग इंडिया। डेस्क

गाजियाबाद। जिले में डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभियान तेज करने की तैयारी की है। सोमवार, 12 अक्टूबर से गाजियाबाद में दस्तक अभियान शुरू हो रहा है, जो 31 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मी और संबंधित विभाग लोगों को बीमारी के लक्षणों, बचाव के उपायों और समय पर जांच कराने के प्रति जागरूक करेंगे।

जिला प्रशासन ने संक्रामक रोगों पर नियंत्रण के लिए एक महीने का अभियान 1 अक्टूबर से शुरू किया था। इसी व्यापक प्रयास के तहत दस्तक अभियान को भी चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य बीमारी फैलने की आशंका को कम करना, संभावित मामलों की पहचान करना और लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक करना है।

जिले में डेंगू और मलेरिया के मामले सामने आए

जिला स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, उस समय तक गाजियाबाद में डेंगू के 31 और मलेरिया के 21 मामले दर्ज किए गए थे। इसके अलावा स्क्रब टाइफस के चार और लेप्टोस्पायरोसिस के तीन मामले भी रिपोर्ट किए गए थे।

ये आंकड़े 4 अक्टूबर की रिपोर्ट में उपलब्ध स्थिति को दर्शाते हैं। 12 अक्टूबर तक मामलों की संख्या में कोई बदलाव हुआ है या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों की जरूरत होगी। बरसात के बाद कई जगहों पर जमा पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल स्थिति पैदा कर सकता है। ऐसे में घरों, छतों, कूलरों, गमलों और खाली कंटेनरों में पानी जमा न होने देना डेंगू और मलेरिया की रोकथाम में महत्वपूर्ण है।

करीब 100 फॉगिंग मशीनों से चलाया जा रहा अभियान

गाजियाबाद नगर निगम ने मच्छरों पर नियंत्रण के लिए लगभग 100 फॉगिंग मशीनें, 10 स्प्रिंकलर यूनिट और पांच पावर स्प्रेयर मशीनें तैनात की थीं। अभियान के तहत उन इलाकों पर ध्यान दिया जा रहा है जहां बीमारी फैलने का जोखिम अधिक माना जाता है।

इन क्षेत्रों में मोहन नगर, शालीमार गार्डन, विजय नगर, क्रॉसिंग रिपब्लिक, नंदग्राम, वसुंधरा, खोड़ा, लोनी, मुरादनगर और डासना के कुछ हिस्से शामिल हैं। अभियान की शुरुआत संजय नगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल से जागरूकता रैली के माध्यम से की गई थी। रैली को मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने रवाना किया था। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, नगर निगम और अन्य विभागों के अधिकारियों तथा स्कूल के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था।

घरों के आसपास पानी जमा न होने दें

स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को सलाह दी गई है कि घरों और आसपास के इलाकों में पानी जमा न होने दें। पानी की टंकियों और बर्तनों को ढककर रखें तथा कूलर और गमलों में जमा पानी को नियमित रूप से बदलें या साफ करें। मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बाजू के कपड़े और उपयुक्त मच्छररोधी उपाय अपनाना भी उपयोगी है।

बुखार होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना चाहिए। तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, लगातार उल्टी, पेट में तेज दर्द या रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

अभियान की सफलता में लोगों की भागीदारी जरूरी

डेंगू और मलेरिया की रोकथाम केवल फॉगिंग तक सीमित नहीं है। मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करना, समय पर बीमारी की पहचान करना और स्थानीय स्तर पर सफाई बनाए रखना भी जरूरी है। स्वास्थ्यकर्मियों और नगर निगम की कार्रवाई के साथ निवासियों की भागीदारी से ही अभियान का प्रभाव बढ़ सकता है।

दस्तक अभियान 31 अक्टूबर तक चलना है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभिन्न इलाकों में जागरूकता गतिविधियां कितनी प्रभावी रहती हैं और स्वास्थ्य विभाग के नए आंकड़ों में बीमारी के मामलों की स्थिति क्या सामने आती है।

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