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राहुल बोले- मेरी बात सच होगी, ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे: रामलीला मैदान में विपक्ष की महारैली, खड़गे ने कहा- पाताल से भी खोजकर लाएंगे, अखिलेश ने 2027 में विदाई की कही बात

Rinku Yadav • • 9 मिनट पढ़ें
राहुल बोले- मेरी बात सच होगी, ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे: रामलीला मैदान में विपक्ष की महारैली, खड़गे ने कहा- पाताल से भी खोजकर लाएंगे, अखिलेश ने 2027 में विदाई की कही बात

20 विपक्षी दलों ने मिलकर किया शक्ति प्रदर्शन, SIR और कथित वोट चोरी के विरोध में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ का नारा; ममता बोलीं- हमारा लोकतंत्र और अधिकार लूटे गए, फारूक अब्दुल्ला ने कहा- हमें सिर्फ भगवान से डरना है

अनप्लग इंडिया। डेस्क

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली कर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोला। इंडिया ब्लॉक के बैनर तले आयोजित इस रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, वामपंथी दलों सहित करीब 20 विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने हिस्सा लिया। विपक्षी दलों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और मतदाता सूची से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

रैली में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और वामपंथी नेता एमए बेबी सहित कई प्रमुख विपक्षी नेताओं ने संबोधन दिया।

करीब चार घंटे तक चले इस राजनीतिक प्रदर्शन में नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंताएं रखीं। रैली के दौरान सबसे तीखे बयान राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से आए। राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटना होगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। वहीं खड़गे ने कहा कि विपक्ष उन्हें पाताल में भी चले जाने पर खोजकर लाएगा और जवाबदेही तय होने तक पीछे नहीं हटेगा।

राहुल गांधी बोले- ज्ञानेश कुमार CEC पद से हटेंगे, जेल भी जाएंगे

रैली के अंतिम चरण में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने संबोधन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने वोट चोरी करवाई है और उन्हें इसके लिए जवाब देना होगा। राहुल ने कहा, ‘ज्ञानेश कुमार CEC पद से हटेगा, ज्ञानेश कुमार जेल जाएगा।’

उन्होंने कहा कि यह सामान्य चोरी का मामला नहीं है, बल्कि देश के नागरिकों की आवाज और उनके मताधिकार से जुड़ा मामला है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी करके लोकतंत्र और संविधान पर हमला किया गया है।

राहुल ने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार के बिना नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री और अमित शाह गृह मंत्री नहीं बन पाते। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस ने देश की संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जा करने की कोशिश की है।

राहुल गांधी ने अपने भाषण में 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद मतदाता सूची से 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि सात में से एक मतदाता को सूची से बाहर किया गया। उनके मुताबिक, यह आंकड़ा चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में चुनाव आयोग के आंकड़ों का हवाला दिया।

उन्होंने कहा, ‘जो मैं कहता हूं, वह सच होता है।’ राहुल ने कहा कि वह इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेंगे और देश को न्याय दिलाने की कोशिश करेंगे।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष किसी से नफरत नहीं करता, बल्कि उसकी लड़ाई संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा, ‘हमें नफरत नहीं, मोहब्बत फैलानी है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने देश की आवाज दबाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम किया है।

खड़गे बोले- पाताल में भी चले गए तो खोजकर लाएंगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने संबोधन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है। खड़गे ने चेतावनी देते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार कहीं भी चले जाएं, उन्हें खोजकर लाया जाएगा और जवाबदेही तय की जाएगी।

खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह युवाओं, महिलाओं और दलितों के मताधिकार को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और चुनाव आयोग को जनता के सवालों का जवाब देना होगा।

उन्होंने कहा कि विपक्ष पर ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल किया जाए, तब भी विपक्ष डरने वाला नहीं है। खड़गे ने रैली को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए सभी विपक्षी दलों को एकजुट रहना होगा।

अखिलेश यादव बोले- यूपी वाले स्वागत भी अच्छा करते हैं और विदाई भी

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की राजनीति का जिक्र करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी उत्तर प्रदेश से आए थे, वे उत्तर प्रदेश से ही जाएंगे। यूपी के लोग स्वागत अच्छा करते हैं तो विदाई भी अच्छी करते हैं।

अखिलेश ने कहा कि 2027 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की विदाई तय है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव जीतने के बजाय चुनाव आयोग को हथियार बनाकर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करना चाहती है।

उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भी मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं। अखिलेश ने कहा कि एक करोड़ 27 लाख हिंदू मतदाताओं के नाम काटे जाने का मुद्दा सामने आया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ये लोग हिंदू हैं तो फिर इनके नाम मतदाता सूची से क्यों हटाए गए?

अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को वोट देने का अधिकार है और किसी भी व्यक्ति को उसकी राजनीतिक या धार्मिक पहचान के आधार पर मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

ममता बनर्जी बोलीं- हमारा लोकतंत्र और अधिकार लूटे गए

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में चुनावी प्रक्रिया और मतगणना को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोगों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया गया है। ममता ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र, मताधिकार और चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हुई है।

उन्होंने कहा, ‘हम छोड़ेंगे नहीं, जिंदगी देंगे, हम लड़ेंगे।’ ममता ने आरोप लगाया कि चुनाव में लोगों के अधिकारों के साथ-साथ नौकरियां, सम्मान और किसानों के हित भी प्रभावित हुए हैं।

उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। ममता ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा।

फारूक अब्दुल्ला बोले- हमें सिर्फ भगवान से डरना है

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने अपने संबोधन में धार्मिक आधार पर लोगों को निशाना बनाए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को बार-बार पाकिस्तानी कहकर उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाए जाते हैं।

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि मुसलमानों ने भारत के लिए खून दिया है और आगे भी देश के लिए खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का संविधान है, जिसमें सभी नागरिकों को बराबरी का अधिकार दिया गया है।

उन्होंने कहा कि संघर्ष इस बात के लिए होना चाहिए कि किसी भी भारतीय को उसके मताधिकार से वंचित न किया जाए। उन्होंने कहा, ‘हमें सिर्फ भगवान से डरना है, इनसे डरना नहीं है।’ फारूक ने सभी विपक्षी दलों से मिलकर आगे बढ़ने की अपील की।

तेजस्वी यादव ने ज्ञानेश कुमार को बताया शकुनि

राजद नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने रैली में महाभारत का उदाहरण देते हुए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में सामान्य तौर पर रामलीला होती है, लेकिन आज यहां वोट चोरों के खिलाफ महाभारत का आयोजन करना पड़ रहा है।

तेजस्वी ने शकुनि का उदाहरण देते हुए चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की आशंकाएं सामने रखीं और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया।

महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर का उदाहरण देकर चेताया

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि देश में मौजूदा समस्याओं को समय रहते समझने और उनका समाधान करने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से आम लोगों, युवाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने अग्निवीर योजना का जिक्र करते हुए कहा कि सेना में नौकरी का सपना देखने वाले युवाओं के सामने नई चुनौतियां खड़ी हुई हैं। महबूबा ने चेतावनी दी कि यदि लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

एमए बेबी बोले- यह दूसरी आजादी की लड़ाई

सीपीएम महासचिव एमए बेबी ने अपने संबोधन में मौजूदा आंदोलन को दूसरी आजादी की लड़ाई बताया। उन्होंने आरएसएस और फासीवाद के खिलाफ एकजुट संघर्ष की अपील की। उन्होंने कहा कि विपक्ष का लक्ष्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेना है।

25 दिनों में सातवीं बार एकजुट हुआ विपक्ष

रामलीला मैदान की यह रैली विपक्षी दलों के लगातार जारी विरोध प्रदर्शनों की कड़ी का हिस्सा थी। उपलब्ध कार्यक्रम विवरण के अनुसार, पिछले 25 दिनों में विपक्ष इस मुद्दे पर सातवीं बार एक मंच पर आया। इससे पहले 6 से 13 अक्टूबर के बीच छह बार प्रदर्शन किए गए थे।

रैली से पहले विपक्षी नेताओं ने मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक ‘चलो दिल्ली’ मार्च निकाला। इस दौरान कई दलों के कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शन को ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ का नाम दिया गया।

रैली के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर मताधिकार छिने जाने के विरोध में प्रतीकात्मक रूप से कटी उंगलियों की माला पहनकर भी विरोध जताया।

चुनाव आयोग ने आरोपों को किया खारिज

SIR और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष के आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने पहले इन आरोपों को खारिज किया है। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने जवाब में कहा था कि SIR से जुड़े फैसले आयोग के तीनों सदस्यों की सर्वसम्मति से लिए गए थे। आयोग ने यह भी कहा था कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य डुप्लीकेट और अपात्र प्रविष्टियों को हटाना है।

चुनाव आयोग का कहना है कि पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल होने का अवसर उपलब्ध है। दूसरी ओर विपक्ष का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम हटने का खतरा है। यही विवाद अब राजनीतिक और कानूनी बहस का विषय बना हुआ है।

रामलीला मैदान में आयोजित रैली के बाद विपक्ष ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर उसका विरोध जारी रहेगा।

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