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अंक: 01 Nov 2026
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SIR के विरोध में आज दिल्ली में विपक्ष की बड़ी रैली, रामलीला मैदान में जुटेंगे 20 से अधिक दलों के नेता

Rinku Yadav • • 6 मिनट पढ़ें
SIR के विरोध में आज दिल्ली में विपक्ष की बड़ी रैली, रामलीला मैदान में जुटेंगे 20 से अधिक दलों के नेता

राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी करेंगे संबोधित; दिल्ली पुलिस ने सुबह 10 से शाम 5 बजे तक दी अनुमति, सुरक्षा के लिए अर्धसैनिक बल भी तैनात

अनप्लग इंडिया। डेस्क

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों ने आज दिल्ली के रामलीला मैदान में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी की है। INDIA ब्लॉक के बैनर तले आयोजित इस रैली में 20 से अधिक विपक्षी दलों के शामिल होने की बात कही गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित कई प्रमुख नेता सभा को संबोधित करेंगे।

कांग्रेस ने रैली में करीब 10 लाख लोगों के पहुंचने का दावा किया है। विपक्षी दलों का मुख्य मुद्दा SIR की प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग है। बीते 25 दिनों में यह सातवां अवसर है, जब विपक्षी दल इस मुद्दे पर साझा मंच से विरोध दर्ज करा रहे हैं।

रामलीला मैदान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, अर्धसैनिक बल तैनात

रैली को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मैदान में सुरक्षा के लिए अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। पुलिस ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक की अनुमति दी है। निर्धारित समय समाप्त होने के बाद आयोजकों और उपस्थित लोगों को मैदान खाली करना होगा। मैदान में रातभर रुकने की अनुमति नहीं दी गई है।

रैली स्थल और आसपास के संवेदनशील रास्तों पर पुलिस की निगरानी रहेगी। भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में पुलिस की ओर से जारी विस्तृत ट्रैफिक डायवर्जन रूट या बंद सड़कों की पूरी सूची नहीं दी गई है। ऐसे में दिल्ली आने-जाने वाले लोगों को रवाना होने से पहले यातायात की ताजा जानकारी जांचने की सलाह दी जाती है।

सुबह से ही मैदान में पहुंचने लगे समर्थक

रविवार सुबह से ही रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक के समर्थकों का पहुंचना शुरू हो गया। रैली से पहले मैदान में सफाई की गई। बारिश के कारण मैदान की जमीन गीली होने की भी खबर है। आयोजन स्थल पर लोगों की आवाजाही बढ़ने के साथ पुलिस और प्रशासन की निगरानी भी तेज कर दी गई है।

राहुल गांधी की अपील- रैली के साथ दिल्ली के बाजारों से खरीदारी भी करें

रैली से पहले राहुल गांधी ने शनिवार रात सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दिल्ली आने वाले लोगों से स्थानीय व्यापारियों का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि त्योहारों के मौसम में दिवाली, छठ और भाई दूज के बीच बड़ी संख्या में लोग दिल्ली पहुंच रहे हैं। ऐसे में वे विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के साथ-साथ स्थानीय बाजारों से खरीदारी भी करें।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा रैली को लेकर अफवाहें फैला रही है। वहीं, दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने रैली की तारीख को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि त्योहारी सीजन में बड़े आयोजन और यातायात प्रतिबंधों से बाजारों का कारोबार प्रभावित हो सकता है।

व्यापारियों ने जताई 10 हजार करोड़ रुपये तक नुकसान की आशंका

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने INDIA ब्लॉक के दलों को पत्र लिखकर रैली की तारीख आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था। व्यापारिक संगठन ने त्योहारों के दौरान कारोबार को संभावित नुकसान पहुंचने की आशंका जताई है। CTI के मुताबिक, रैली के कारण दिल्ली के प्रमुख बाजारों में करीब 10 हजार करोड़ रुपये तक का व्यापार प्रभावित हो सकता है।

रामलीला मैदान के आसपास पांच किलोमीटर के दायरे में चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली, नया बाजार, चावड़ी बाजार, दरियागंज और कश्मीरी गेट जैसे बड़े बाजार आते हैं। व्यापारियों का कहना है कि बैरिकेडिंग, ट्रैफिक प्रतिबंध और आवाजाही में परेशानी के चलते दिल्ली के बाहर से आने वाले खरीदारों की संख्या घट सकती है। संगठन के अनुसार, इन बाजारों में रोजाना तीन से चार लाख खरीदार बाहर से आते हैं।

SIR के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में भी चल रही सुनवाई

SIR को लेकर विपक्ष का विरोध केवल सड़कों तक सीमित नहीं है। इस मामले में विपक्षी दलों के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया है। 12 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, RJD और वाम दलों सहित विपक्षी नेताओं ने बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया था। इसके बाद 13 अक्टूबर को 12 दलों के 13 नेताओं ने SIR के खिलाफ याचिका दायर की।

15 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया और मामले को SIR से संबंधित अन्य लंबित याचिकाओं के साथ जोड़ दिया। 27 अक्टूबर को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष सुनवाई हुई। इस दौरान चुनाव आयोग ने कहा था कि SIR से जुड़े फैसले सभी सदस्यों की सहमति से लिए गए हैं।

अदालत ने याचिकाकर्ताओं को चुनाव आयोग के जवाब पर अपनी बात रखने के लिए 10 दिन का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर 2026 को निर्धारित है।

अक्टूबर में भी विपक्ष ने लगातार किए थे प्रदर्शन

अक्टूबर महीने में विपक्षी दलों ने SIR के विरोध में कई साझा कार्यक्रम आयोजित किए थे। 6 से 13 अक्टूबर के बीच आठ दिनों में छह बार प्रदर्शन किए गए। आज की रामलीला मैदान रैली को नवंबर में विपक्ष का इस मुद्दे पर पहला बड़ा संयुक्त शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है।

राहुल गांधी ने 29 अक्टूबर को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लोगों से रैली में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने इसे किसी एक राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा तथा कथित वोट चोरी के खिलाफ देशव्यापी विरोध बताया था। आयोजकों के अनुसार, कुछ अन्य संगठनों ने भी रैली को समर्थन दिया है।

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