मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
▪ देश: आंध्र प्रदेश में तूफान मुरासु का कहर, 12 घंटे भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, 30 उड़ानें रद्द ▪ राजनीति: अमित शाह का राहुल गांधी पर तंज- नकली संसद में ही प्रधानमंत्री बन जाते, सोनिया गांधी को मिल जाती शांति ▪ राज्य: दिल्ली-NCR में दीपावली पर सिर्फ ग्रीन पटाखों की अनुमति, 7 और 8 नवंबर को तय समय में ही कर सकेंगे आतिशबाजी ▪ राजनीति: पंजाब में AAP को बड़ा झटका, तीन विधायक BJP में शामिल: बोले- फिरौती की इंडस्ट्री चल रही, गैंगस्टर सरकार का हिस्सा बन गए ▪ देश: राहुल बोले- मेरी बात सच होगी, ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे: रामलीला मैदान में विपक्ष की महारैली, खड़गे ने कहा- पाताल से भी खोजकर लाएंगे, अखिलेश ने 2027 में विदाई की कही बात ▪ राजनीति: SIR के विरोध में आज दिल्ली में विपक्ष की बड़ी रैली, रामलीला मैदान में जुटेंगे 20 से अधिक दलों के नेता ▪ देश: 1 नवंबर से बदल गए GST, बैंकिंग, टेलीकॉम और निवेश के नियम: अनजान कॉलर का नाम दिखेगा, कमर्शियल सिलेंडर महंगा, FASTag और पेंशन के लिए भी जरूरी बदलाव ▪ देश: राहुल गांधी बोले- 2024 का लोकसभा चुनाव अवैध, विपक्ष की मॉक संसद में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन-महाभियोग प्रस्ताव पास
3 नवंबर 2026 | भरोसेमंद खबरें, सीधे आपके शहर से
अंक: 03 Nov 2026
Unplug India

भरोसेमंद खबरें, सीधे आपके शहर से

आज का अखबार पढ़ें

अखिलेश यादव बोले- विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, सीधे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, बोले- पिछली बार भी ऐसा ही हुआ था

Rinku Yadav • • 5 मिनट पढ़ें
अखिलेश यादव बोले- विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, सीधे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, बोले- पिछली बार भी ऐसा ही हुआ था

वाराणसी में सपा प्रमुख का बयान, 2027 चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज; भाजपा के 200 विधायकों के टिकट कटने का भी किया दावा

अनप्लग इंडिया। डेस्क

वाराणसी। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने चुनाव लड़ने को लेकर बड़ा संकेत दिया है। मंगलवार को वाराणसी में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के लिए विधानसभा चुनाव लड़ना जरूरी नहीं है। उन्होंने पिछली बार का उदाहरण देते हुए कहा कि वह लोकसभा से आकर मुख्यमंत्री बने थे और इस बार भी वही रास्ता अपना सकते हैं।

अखिलेश यादव ने कहा, “हम मुख्यमंत्री तब बनते हैं, जब चुनाव नहीं लड़ते। इसलिए वही काम करेंगे, जो हमारे लिए शुभ होगा।” उन्होंने याद दिलाया कि 2012 में जब वह पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे, तब कन्नौज से लोकसभा सांसद थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने लोकसभा की सदस्यता छोड़कर विधान परिषद का सदस्य बनने का रास्ता अपनाया था।

भाजपा के 200 विधायकों के टिकट कटने का दावा

सपा प्रमुख ने भाजपा पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पार्टी पहले अपने 100 विधायकों के टिकट काटने की तैयारी में थी, लेकिन एमएलसी चुनाव में हार के बाद अब करीब 200 विधायकों के टिकट काटे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सबसे पहले काशी के मंत्रियों के टिकट कटने की संभावना है।

अखिलेश यादव वाराणसी की शिक्षक और स्नातक, दोनों विधान परिषद सीटों पर समाजवादी पार्टी की जीत के बाद पहली बार काशी पहुंचे थे। उन्होंने इस नतीजे को भाजपा के लिए राजनीतिक संदेश बताते हुए कहा कि जनता ने डबल इंजन सरकार को डबल हार का जवाब दिया है।

काशी को क्योटो बनाने के वादे पर प्रधानमंत्री पर तंज

वाराणसी के विकास को लेकर अखिलेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि काशी को क्योटो बनाने की बात कही गई थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कम से कम क्योटो की तस्वीर ही लगा दी जाती।

सपा प्रमुख ने कहा कि वाराणसी की जनता ने एमएलसी चुनाव में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों को जीत दिलाकर अपना संदेश दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर वाराणसी में मेट्रो परियोजना को आगे बढ़ाने का काम किया जाएगा।

EVM को लेकर फिर उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर अपनी पुरानी आपत्ति दोहराई। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी अगर सभी 80 लोकसभा सीटें EVM से जीत भी जाए, तब भी वह EVM के खिलाफ रहेगी।

उन्होंने PDA की व्याख्या करते हुए कहा कि इसमें पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक और आधी आबादी शामिल हैं। उनके मुताबिक, जो लोग पीड़ित, दुखी या अपमानित हैं, वे सभी PDA का हिस्सा हैं। उन्होंने PDA को प्रेम, दया और अपनापन से भी जोड़ा।

मणिकर्णिका घाट और दालमंडी का मुद्दा उठाया

वाराणसी के स्थानीय मुद्दों पर बात करते हुए अखिलेश ने मणिकर्णिका घाट, दालमंडी और आरक्षण से जुड़े मामलों को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि काशी की संस्कृति और विरासत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई है। उन्होंने कहा कि एमएलसी चुनाव के नतीजों में जनता ने इन मुद्दों पर अपना जवाब दिया है।

उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। बांदा में एक नवजात बच्चे को कुत्ते द्वारा नोचे जाने की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था पर चिंता जताई। भाजपा की ओर से निकाली जा रही पदयात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि असली अराजकता कहां है, इस पर सरकार को जवाब देना चाहिए।

धीरेंद्र शास्त्री के बयानों पर भी साधा निशाना

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम को लेकर दिए गए बयानों पर भी अखिलेश यादव ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से लोग दुखी हैं और उन्होंने कथित तौर पर धर्म के नाम पर की जा रही टिप्पणियों पर आपत्ति जताई।

अखिलेश ने कहा कि वह चाहते हैं कि ऐसे बयानों पर रोक लगे। उन्होंने भाजपा पर धार्मिक मुद्दों को लेकर राजनीति करने का आरोप भी लगाया।

कार्यकर्ताओं के परिवारों से मिले, संगठन की बैठक की

वाराणसी पहुंचने के बाद अखिलेश यादव सबसे पहले सीरगोवर्धनपुर गांव गए। वहां उन्होंने सपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष राजेश कुमार यादव उर्फ नत्थू के निधन पर उनके परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की।

इसके बाद वह युवजन सभा के प्रदेश सचिव अजय फौजी के घर पहुंचे और उनके बीमार पिता तथा पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश फौजी का हालचाल जाना।

अखिलेश यादव ने सुंदरपुर स्थित लता कुंज में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक भी की। इसमें एमएलसी चुनाव के नतीजों, संगठन की स्थिति और आगामी चुनाव की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक में PDA की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।

यह भी पढ़ें