केंद्र सरकार ने 850 फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने को दी मंजूरी, बिजली स्टोरेज के लिए ₹14,500 करोड़ स्वीकृत
केंद्रीय कैबिनेट ने यौन शोषण और दुष्कर्म के मामलों के जल्द निपटारे के लिए देश में 850 फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का फैसला किया है। इसके साथ ही बिजली को बड़े पैमाने पर स्टोर करने की क्षमता बढ़ाने के लिए 14,500 करोड़ रुपये की योजना मंजूर की गई है। कैबिनेट ने डेटा कलेक्शन सिस्टम को आधुनिक बनाने और महत्वपूर्ण खनिजों की प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने से जुड़े प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी है
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि यौन शोषण और दुष्कर्म से जुड़े मामलों का तेजी से निपटारा करने के लिए देशभर में 850 फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।
इसके अलावा बिजली भंडारण की क्षमता बढ़ाने के लिए 92 गीगावाट-घंटे (GWh) की ग्रिड स्केल एनर्जी स्टोरेज योजना के तहत 14,500 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य जरूरत के समय बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करना और नवीकरणीय ऊर्जा का बेहतर इस्तेमाल करना है।
बिजली स्टोर करने के लिए 14,500 करोड़ रुपये की योजना
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, 92 GWh क्षमता वाली इस योजना से बड़े स्तर पर बिजली का भंडारण किया जा सकेगा। इससे सौर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से पैदा होने वाली बिजली को जरूरत के समय इस्तेमाल करना आसान होगा।
योजना के तहत कुल क्षमता को तीन हिस्सों में बांटा गया है:
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30 GWh: बैटरी आधारित एनर्जी स्टोरेज।
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60 GWh: पंप स्टोरेज परियोजनाएं।
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2 GWh: नई सोलर तकनीक।
मंत्री ने बताया कि बिजली स्टोरेज की सुविधा से ट्रांसमिशन लाइनों का बेहतर उपयोग भी संभव होगा। दिन में सौर ऊर्जा से पैदा होने वाली अतिरिक्त बिजली को स्टोर करके रात या जरूरत के दूसरे समय इस्तेमाल किया जा सकेगा।
24 महत्वपूर्ण खनिजों की प्रोसेसिंग को बढ़ावा
कैबिनेट ने महत्वपूर्ण खनिजों यानी क्रिटिकल मिनरल्स की प्रोसेसिंग के लिए भी योजना को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य खदानों से निकाले गए कच्चे खनिजों को उपयोग के योग्य बनाना है, ताकि उनका इस्तेमाल सीधे औद्योगिक उत्पादन में किया जा सके।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह योजना चिन्हित सभी 24 महत्वपूर्ण खनिजों पर लागू होगी। इसमें खदानों से मिलने वाले खनिजों के साथ-साथ रीसाइक्लिंग के जरिए प्राप्त खनिज भी शामिल होंगे।
डेटा कलेक्शन सिस्टम के आधुनिकीकरण पर 4,371 करोड़ खर्च होंगे
सरकार ने देश की आंकड़े जुटाने और उनका विश्लेषण करने की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 4,371 करोड़ रुपये की योजना को भी मंजूरी दी है।
इस योजना के तहत सर्वेक्षण की प्रक्रिया में सुधार किया जाएगा और आंकड़े जुटाने के दौरान होने वाली गलतियों को कम करने पर जोर रहेगा। इसके अलावा विश्वविद्यालयों में डेटा कलेक्शन से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना भी शामिल है।
सरकार का उद्देश्य अधिक भरोसेमंद और नियमित आंकड़े उपलब्ध कराना है, ताकि नीतियां बनाने और योजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर जानकारी का इस्तेमाल किया जा सके।
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