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12 अक्तूबर 2026 | भरोसेमंद खबरें, सीधे आपके शहर से
अंक: 12 Oct 2026
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घायल होने के बावजूद पायलट ने नहीं छोड़ा हौसला, PM मोदी से बोले- ‘पता था यही आखिरी मौका है’

न्यूज़रूम डेस्क • • 5 मिनट पढ़ें
घायल होने के बावजूद पायलट ने नहीं छोड़ा हौसला, PM मोदी से बोले- ‘पता था यही आखिरी मौका है’

विमान संकट के दौरान कॉकपिट का दरवाजा खोलकर बचाई 174 यात्रियों की जान, बातचीत में कैप्टन स्मित ने सुनाई आपबीती

अनीता यादव

अनप्लग इंडिया। डेस्क

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कैप्टन स्मित मच्छर से करीब नौ मिनट तक वीडियो कॉल पर बातचीत की। 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में आपात स्थिति के दौरान घायल होने के बावजूद विमान को संभालने और उसमें सवार 174 लोगों की जान बचाने के लिए कैप्टन स्मित की सराहना की जा रही है।

बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित से उनकी तबीयत और घटना के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पूरा देश उनके लिए प्रार्थना कर रहा था और उनके साहस तथा सूझबूझ से कई लोगों की जान बची।

कैप्टन स्मित ने घटना का जिक्र करते हुए बताया कि विमान में अचानक झटका लगा और वह नीचे गिर गए, जिससे उन्हें काफी चोटें आईं। इसके बावजूद उन्हें यह महसूस हो रहा था कि विमान नीचे जा रहा है। उन्होंने बताया कि उस समय उनके सामने बहुत कम समय था और उन्होंने विमान को संभालने के लिए तत्काल कदम उठाया। स्मित ने कहा कि उन्हें लगा कि यह आखिरी मौका है। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोला। उन्होंने यह भी बताया कि मुश्किल परिस्थितियों में वह हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और उस समय भी उसे पढ़ रहे थे। उनके मुताबिक, उन्हें विश्वास है कि भगवान ने उनकी और विमान में मौजूद लोगों की रक्षा की।

PM मोदी से बात करते हुए भावुक हुए कैप्टन

प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का फोन आना उनके लिए गर्व की बात है और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनसे सीधे बात करने का अवसर मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन के साहस की सराहना करते हुए उनके माता-पिता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह स्मित ने हनुमान चालीसा और अपने विश्वास की बात बताई, उसके लिए वह उनकी मां गीताबेन को प्रणाम करेंगे। उन्होंने उनके पिता भूपेंद्रभाई को भी नमन किया। मोदी ने स्मित की पत्नी सोनलबेन से हुई बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थिति के बावजूद सोनलबेन ने जिस तरह संयम के साथ बातचीत की, वह उल्लेखनीय था।

UAE के अस्पताल में चल रहा इलाज

कैप्टन स्मित फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात के एक अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें सऊदी अरब से एयरलिफ्ट कर अबू धाबी लाया गया था। UAE में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल पहुंचकर कैप्टन और उनके परिवार से मुलाकात की। राजदूत के मुताबिक, कैप्टन स्मित की हालत स्थिर है और उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। उन्होंने बताया कि भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और कैप्टन को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

पहले भी PM मोदी ने की थी बहादुरी की तारीफ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे पहले भी कैप्टन स्मित के साहस और सूझबूझ की प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पायलट ने धैर्य बनाए रखा और विमान में मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मोदी ने यह भी बताया था कि इजराइल के प्रधानमंत्री ने इस घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि एक भारतीय पायलट की कार्रवाई से बड़ी त्रासदी टल गई। प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित के माता-पिता और पत्नी से भी बातचीत कर उनकी स्थिति की जानकारी ली थी। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।

नेतन्याहू और ट्रंप ने भी की सराहना

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की सराहना की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उनकी भूमिका को लेकर प्रशंसा व्यक्त की। कैप्टन स्मित पर विमान के दौरान हुए हमले में उन्हें चोट लगी थी। फ्लाइट में मौजूद डॉक्टर ने उन्हें प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई थी।

स्पाइसजेट में 11 साल से ज्यादा किया काम

फ्लाईदुबई से जुड़ने से पहले कैप्टन स्मित ने 11 साल से अधिक समय तक स्पाइसजेट में काम किया। इस दौरान उन्होंने 9,500 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव हासिल किया। इनमें 6,400 घंटे से अधिक समय उन्होंने पायलट-इन-कमांड के तौर पर उड़ान भरी।

जून 2022 में उन्होंने फ्लाईदुबई ज्वाइन की थी। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, उन्हें कमर्शियल विमान उड़ाने का 13 साल से अधिक का अनुभव है। बोइंग 737 विमान पर भी उन्होंने हजारों घंटे उड़ान भरी है। वह पायलटों की ट्रेनिंग, उनके मूल्यांकन और काम के दौरान मार्गदर्शन से जुड़े कार्य भी करते रहे हैं।

इजराइल और गुजरात सरकार करेगी सम्मानित

कैप्टन स्मित मच्छर को इजराइल की ओर से सम्मानित किए जाने की जानकारी सामने आई है। भारत में इजराइल के राजदूत रुवेन अजार ने इसकी पुष्टि की है। वहीं, गुजरात सरकार ने भी कैप्टन स्मित को ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित करने की घोषणा की है।

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