क्लीनिक संचालक की शिकायत पर शासन ने दिखाई सख्ती, CHC बिसरख के अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से किया निलंबित; आउटसोर्स ऑपरेटर की सेवा समाप्त करने और NHM के दो कर्मचारियों पर भी कार्रवाई के निर्देश, मामले की जांच के लिए गठित होगी टीम
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नोएडा। ग्रेटर नोएडा के बिसरख में निजी क्लीनिक संचालक से कथित तौर पर रिश्वत मांगने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बिसरख के तत्कालीन चिकित्सा अधीक्षक और नोडल अधिकारी डॉ. सचिन्द्र मिश्रा को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा एक आउटसोर्स कर्मचारी की सेवा समाप्त करने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के दो कर्मचारियों के खिलाफ भी सेवा समाप्ति की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
मामला बिसरख गांव में क्लीनिक संचालित करने वाले डॉ. पवन चौधरी की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया था कि CHC के तत्कालीन अधीक्षक डॉ. सचिन्द्र मिश्रा ने फोन पर उनसे रुपये की मांग की थी। शिकायत की जानकारी मिलने के बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
डॉक्टर को मेरठ मंडल के कार्यालय से किया गया संबद्ध
शासन की प्रमुख सचिव वी. हेकाली झिमोमी की ओर से जारी आदेश के तहत डॉ. सचिन्द्र कुमार मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें मेरठ मंडल के अपर निदेशक कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में किसी भी तरह की अनियमितता और विभाग की छवि खराब करने वाले मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित डॉक्टर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
आउटसोर्स कर्मचारी की नौकरी खत्म करने के निर्देश
इस प्रकरण में एमसीटीएस ऑपरेटर के पद पर तैनात आउटसोर्स कर्मचारी रविन्द्र कुमार शुक्ला का नाम भी सामने आया है। उस पर भी रुपये लेने का आरोप लगाया गया है। शासन ने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं को उसकी सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर सत्यार्थ राय और NHM के प्रयोगशाला प्राविधिज्ञ अरविन्द चौधरी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। दोनों की सेवा समाप्त करने के संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक को निर्देशित किया गया है।
22 अक्टूबर को जारी हुआ था निलंबन आदेश
शासन की ओर से जारी पत्र के अनुसार, डॉ. सचिन्द्र कुमार मिश्रा के खिलाफ सरकारी सेवा नियमावली के उल्लंघन के आरोप में 22 अक्टूबर 2026 को निलंबन का आदेश जारी किया गया था। हालांकि, इस आदेश की डिजिटल प्रति मंगलवार को गौतमबुद्धनगर के स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त हुई।
मामले में अब विभागीय जांच की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
जांच के लिए बनाई जाएगी टीम
मेरठ मंडल के अपर निदेशक डॉ. मनोज सेन ने बताया कि शासन की ओर से डॉक्टर के निलंबन और मामले की जांच के संबंध में पत्र प्राप्त हुआ है। जांच के लिए जल्द ही एक टीम गठित की जाएगी, जो पूरे प्रकरण की पड़ताल करेगी।
वहीं, गौतमबुद्धनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि शासन का पत्र मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि उनके कार्यालय में संबंधित पत्र प्राप्त होने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।