नोएडा के गेझा गांव में 6 करोड़ रुपये से विकसित होगा ब्रह्मसरोवर, बोटिंग का भी मिलेगा मौका
1.8 एकड़ में संवरेगा गेझा का पुराना तालाब, चारों ओर बनेगा वॉकिंग ट्रैक और बैठने के लिए बेंच; रंग-बिरंगे फूलों व हरियाली से सजेगा परिसर, बोटिंग की सुविधा शुरू करने की भी योजना
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नोएडा। नोएडा के लोगों को जल्द ही परिवार और दोस्तों के साथ घूमने-फिरने के लिए एक नया आकर्षक पर्यटन स्थल मिलने जा रहा है। गेझा गांव में स्थित पुराने तालाब को आधुनिक सुविधाओं से युक्त ब्रह्मसरोवर के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई है। करीब 1.8 एकड़ क्षेत्र में बनने वाली इस परियोजना पर लगभग 6 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
नोएडा प्राधिकरण की इस योजना के तहत तालाब का कायाकल्प कर उसे खूबसूरत पिकनिक स्पॉट का रूप दिया जाएगा। परियोजना का डिजाइन सलाहकार कंपनी तैयार कर चुकी है। प्रस्तावित डिजाइन में सरोवर के चारों ओर हरियाली, आकर्षक लैंडस्केपिंग और रंग-बिरंगे फूलों के पौधे लगाने की व्यवस्था की गई है।
यहां आने वाले लोगों के बैठने के लिए जगह-जगह बेंच बनाई जाएंगी। साथ ही पूरे सरोवर के चारों तरफ वॉकिंग ट्रैक तैयार किया जाएगा। इससे लोग सुबह-शाम टहलने के साथ प्राकृतिक वातावरण में समय बिता सकेंगे।
बोटिंग की सुविधा भी होगी आकर्षण का केंद्र
गेझा गांव के ब्रह्मसरोवर को खास बनाने के लिए यहां बोटिंग की सुविधा शुरू करने की भी योजना है। इसके शुरू होने से लोगों को परिवार के साथ नौकायन का आनंद लेने का अवसर मिल सकता है। हालांकि बोटिंग की सुविधा निर्माण पूरा होने के बाद उपलब्ध व्यवस्थाओं और जरूरत के अनुसार शुरू की जाएगी।
16 नवंबर तक जमा होंगे टेंडर, एक साल में पूरा करना होगा निर्माण
परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने टेंडर जारी कर दिया है। इच्छुक निर्माण कंपनियां 16 नवंबर तक आवेदन कर सकेंगी। इसके बाद 17 नवंबर को कम लागत वाली कंपनी का चयन किया जाएगा। चयनित एजेंसी को निर्माण कार्य पूरा करने के लिए एक साल का समय दिया जाएगा।
सेक्टर-164 और 107 में भी विकसित हो रहे जलाशय
नोएडा में पुराने तालाबों को नया स्वरूप देने और शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए दूसरी परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। सेक्टर-164 में एक अन्य सरोवर का निर्माण कराया जा रहा है, जबकि सेक्टर-107 में पुष्करिणी तालाब को विकसित किया जा रहा है।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर में जलाशयों का संरक्षण करने के साथ लोगों को मनोरंजन, सैर-सपाटे और परिवार के साथ समय बिताने के लिए बेहतर सार्वजनिक स्थान उपलब्ध कराना है।
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