नोएडा की मतदाता सूची में गड़बड़ी का सपा का दावा: डुप्लीकेट और संदिग्ध प्रविष्टियों की जांच की मांग
सपा का दावा- सूची में हजारों डुप्लीकेट व संदिग्ध प्रविष्टियां; मुख्य चुनाव आयुक्त और जिला निर्वाचन अधिकारी से जांच की मांग
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नोएडा। समाजवादी पार्टी की नोएडा महानगर इकाई ने विधानसभा-61 की मतदाता सूची में कथित डुप्लीकेट और संदिग्ध प्रविष्टियों को लेकर निर्वाचन अधिकारियों से जांच की मांग की है। सेक्टर-22 स्थित सैफरोन बैंक्विट हॉल में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि कुछ मतदाताओं के नाम सूची से हटने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
पार्टी का दावा है कि उसने इससे पहले 3 जून 2026 को भी मतदाता सूची से जुड़ी कुछ प्रविष्टियों और दस्तावेजों को सामने रखा था। संगठन के अनुसार, इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी, गौतमबुद्ध नगर को शिकायत दी गई थी।
सपा का दावा- 10 से 15 हजार और संदिग्ध प्रविष्टियां मिलीं
सपा महानगर अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता ने कहा कि मतदाता सूची के दोबारा परीक्षण के दौरान संगठन को करीब 10 से 15 हजार ऐसी प्रविष्टियां मिली हैं, जिनकी जांच की जरूरत है। पार्टी के अनुसार, कुछ मामलों में एक ही व्यक्ति के नाम से अलग-अलग EPIC नंबर के साथ एक से अधिक प्रविष्टियां दिखाई दे रही हैं। पार्टी ने ऐसे मामलों की जांच निर्वाचन विभाग के स्तर से दस्तावेजों के आधार पर कराने की मांग की है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि निर्वाचन विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी। गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन की वेबसाइट पर भी विधानसभा-61 नोएडा के लिए SIR-2026 के तहत ‘नो मैपिंग’ और ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ वाले मतदाताओं की मतदान केंद्रवार सूची उपलब्ध कराई गई है।
वास्तविक मतदाताओं के नाम नहीं हटाने की मांग
सपा नेताओं ने कहा कि पार्टी का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची में मौजूद संभावित विसंगतियों की जांच कराना है। विधानसभा अध्यक्ष बबलू चौहान और महानगर उपाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी गौरव कुमार यादव ने दावा किया कि कुछ BLA और लंबे समय से संबंधित क्षेत्रों में रह रहे मतदाताओं के नाम भी सूची में नहीं मिले हैं। पार्टी ने ऐसे मामलों का व्यक्तिगत सत्यापन कराने की मांग की।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी से कार्रवाई की मांग
डॉ. आश्रय गुप्ता ने कहा कि पार्टी की ओर से उपलब्ध कराए गए नामों, EPIC नंबरों और दस्तावेजों की बूथ स्तर से लेकर निर्वाचन अधिकारी स्तर तक जांच की जानी चाहिए। उन्होंने जांच के परिणाम की जानकारी सार्वजनिक करने की भी मांग की। वहीं, आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार नोएडा विधानसभा क्षेत्र के लिए SIR-2026 से जुड़ी विसंगति सूची जिला प्रशासन की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसलिए किसी व्यक्ति के नाम या प्रविष्टि को लेकर अंतिम निष्कर्ष संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड और निर्वाचन प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।
शहर की समस्याओं का भी मुद्दा उठाया
प्रेस वार्ता में सपा महानगर महासचिव विकास यादव ने नोएडा की सड़क, सीवर, सुरक्षा और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं भी उठाईं। उन्होंने संबंधित विभागों से इन समस्याओं के समाधान की मांग की। प्रेस वार्ता में डॉ. आश्रय गुप्ता, विकास यादव, बबलू चौहान, गौरव कुमार यादव समेत पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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