सेंसेक्स में 400 अंक से ज्यादा की गिरावट, निफ्टी 22,600 के नीचे, ऑटो-मेटल शेयरों में बिकवाली तेज
RBI की ब्याज दरों पर नजर, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से दबाव, कच्चा तेल 100 डॉलर के पार पहुंचने से भी बाजार की चिंता बढ़ी
अनप्लग इंडिया। डेस्क
मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 7 अक्टूबर को एक बार फिर दबाव देखने को मिल रहा है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा टूटकर 72,600 के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी करीब 150 अंक की गिरावट के साथ 22,600 के स्तर के आसपास कारोबार करता नजर आया। ऑटो, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स से जुड़े शेयरों में बिकवाली का दबाव अपेक्षाकृत ज्यादा रहा।
बाजार में इस गिरावट के पीछे कई घरेलू और वैश्विक कारण बताए जा रहे हैं। सबसे बड़ी नजर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति के फैसले पर है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, रुपये की कमजोरी, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक बाजारों में सतर्कता ने भी निवेशकों का भरोसा प्रभावित किया है।
RBI के फैसले से पहले निवेशक सतर्क
RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 5 से 7 अक्टूबर तक चल रही है और आज इसके फैसले पर बाजार की नजर है। बाजार में 25 बेसिस प्वाइंट की रेपो रेट बढ़ोतरी की व्यापक उम्मीद बनी हुई है। ऐसा हुआ तो रेपो रेट 5.25% से बढ़कर 5.50% हो सकता है। यह फरवरी 2023 के बाद पहली दर बढ़ोतरी होगी।
ब्याज दरों में बढ़ोतरी का असर खासतौर पर बैंकिंग, NBFC, ऑटो, रियल एस्टेट और कंज्यूमर सेक्टर पर देखने को मिल सकता है। ज्यादा ब्याज दरों से कर्ज महंगा होने की आशंका रहती है, जिससे वाहन, घर और दूसरी बड़ी खरीदारी की मांग प्रभावित हो सकती है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
बाजार पर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली का भी दबाव है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 6 अक्टूबर को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में 2,961.30 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 5,088.92 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की।
अक्टूबर के शुरुआती तीन कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशकों की कुल बिकवाली करीब 17,145 करोड़ रुपये पहुंच गई है, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने करीब 20,312 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी फिलहाल बाजार को सहारा देने का काम कर रही है।
कच्चा तेल फिर 100 डॉलर के पार
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी भारतीय बाजार के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। बुधवार सुबह ब्रेंट क्रूड करीब 101.7 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर आशंकाओं के बीच कच्चे तेल में तेजी देखी गई।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में तेल महंगा होने से आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है।
एशियाई बाजार भी कमजोर
भारतीय बाजार के साथ कई एशियाई बाजारों में भी बुधवार को कमजोरी रही। शुरुआती कारोबार में जापान का निक्केई, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग दबाव में रहे। तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता से निवेशकों में सतर्कता बनी हुई है।
हालांकि, मंगलवार को अमेरिकी बाजारों में तेजी रही थी। इसके बावजूद भारतीय बाजार घरेलू आर्थिक संकेतकों और RBI के फैसले को लेकर ज्यादा संवेदनशील नजर आया।
6 अक्टूबर को बाजार में आई थी जोरदार तेजी
इससे पहले मंगलवार, 6 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी।
- सेंसेक्स: 73,067.81 पर बंद, 685.34 अंक की तेजी
- निफ्टी: 22,776.10 पर बंद, 220.35 अंक की बढ़त
मंगलवार की तेजी के बाद बुधवार को बाजार में मुनाफावसूली और RBI के फैसले से पहले सतर्कता दोनों का असर दिखाई दे रहा है।
Titan समेत कई शेयरों पर दबाव
बुधवार के कारोबार में कुछ प्रमुख शेयर भी निवेशकों के रडार पर हैं। Titan के शेयरों में शुरुआती कारोबार में खास दबाव देखा गया। कंपनी के तिमाही अपडेट के बाद शेयर में करीब 3.4% की गिरावट दर्ज की गई।
इसके अलावा ब्याज दरों से सीधे प्रभावित होने वाले ऑटो, रियल एस्टेट और अन्य कंज्यूमर-संबंधित शेयरों में भी निवेशकों की नजर बनी हुई है।
आगे क्या देखेंगे निवेशक?
अब बाजार की दिशा काफी हद तक RBI के ब्याज दर संबंधी फैसले और गवर्नर के अगले संकेतों पर निर्भर करेगी। सिर्फ दरों में बदलाव ही नहीं, बल्कि RBI महंगाई, रुपये, तरलता और आगे की मौद्रिक नीति को लेकर क्या रुख अपनाता है, यह भी महत्वपूर्ण होगा।
इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमत, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और रुपये की चाल बाजार के लिए अगले महत्वपूर्ण संकेतक बने रहेंगे।
आज के बाजार के प्रमुख आंकड़े
| सूचकांक | स्थिति |
|---|---|
| सेंसेक्स | करीब 72,600 |
| सेंसेक्स गिरावट | 400+ अंक |
| निफ्टी | करीब 22,600 |
| निफ्टी गिरावट | करीब 150 अंक |
| FII बिक्री, 6 अक्टूबर | ₹2,961.30 करोड़ |
| DII खरीदारी, 6 अक्टूबर | ₹5,088.92 करोड़ |
| अक्टूबर में FII बिक्री | करीब ₹17,145 करोड़ |
| अक्टूबर में DII खरीदारी | करीब ₹20,312 करोड़ |
| ब्रेंट क्रूड | करीब $101.7 प्रति बैरल |
नोट: शेयर बाजार के आंकड़े कारोबार के दौरान लगातार बदलते रहते हैं। ऊपर दिए गए स्तर सुबह के शुरुआती कारोबार/उपलब्ध ताजा रिपोर्ट के आधार पर हैं।
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