यूपी में नदियां उफान पर, गोंडा के 30 गांव प्रभावित, कुशीनगर में 8 घर नदी में समाए
गोंडा में घाघरा खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर ऊपर, 25 हजार से अधिक लोग प्रभावित; उन्नाव के गांवों और रिहायशी इलाकों में पहुंचा पानी
कुशीनगर में 48 घंटे में 6 झोपड़ियां और 2 पक्के मकान नदी में समाए, बाराबंकी में सरयू का कटान जारी
अनप्लग इंडिया। डेस्क
लखनऊ/वाराणसी। उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर थमने के बाद भी कई नदियों में उफान बना हुआ है। गंगा, शारदा समेत करीब 15 नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास पहुंच गया है। कई जिलों में बाढ़ और नदी कटान से जनजीवन प्रभावित हुआ है। खेतों में पानी भरने के साथ कई रिहायशी इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
गोंडा में घाघरा नदी खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बाढ़ के कारण करीब 30 गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है और 25 हजार से अधिक लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई स्थानों पर लोगों की आवाजाही के लिए नावों का सहारा लिया जा रहा है। उन्नाव में सई नदी का पानी एक दर्जन से अधिक गांवों में पहुंच गया है। बड़ी मात्रा में धान की फसल पानी में डूब गई है। कई सड़कें जलमग्न हैं और घरों तथा दुकानों में भी पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
लखनऊ के निचले इलाकों में जलभराव
लखनऊ में सई और गोमती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है। निचले इलाकों में कई जगह करीब पांच फीट तक पानी भरने की स्थिति बताई गई है। जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। बाराबंकी में सरयू नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है। हेतमापुर इलाके में नदी के कटाव का असर दिखाई दे रहा है। करीब 1100 साल पुराने बाबा नारायण दास मंदिर का एक हिस्सा पिछले चार दिनों से नदी की ओर लटका हुआ है।
कुशीनगर में नदी कटान से मकानों को नुकसान
कुशीनगर में गंडक नदी के तेज बहाव के कारण कटान जारी है। पिछले 48 घंटे में छह रिहायशी झोपड़ियां और दो पक्के मकान नदी की धारा में समा चुके हैं। नदी के आसपास रहने वाले लोगों में लगातार चिंता बनी हुई है।
टेढ़ी नदी में डूबे तीन बच्चे, दो की मौत
गोंडा में गुरुवार शाम टेढ़ी नदी में नहाने गए तीन बच्चे पानी में डूब गए। स्थानीय लोगों की मदद से एक बच्चे को बचा लिया गया, जबकि दो बच्चों की मौत हो गई।
हरदोई में रिहायशी इलाके में पहुंचा मगरमच्छ
हरदोई में बाढ़ के पानी के साथ एक मगरमच्छ रिहायशी इलाके में पहुंच गया। ग्रामीणों ने उसे पकड़कर रस्सी से बांध दिया। घटना के बाद इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई।
उन्नाव में गलियों में चल रही नाव
उन्नाव में गंगा का पानी रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है। कई जगह गलियों में जलभराव के कारण लोगों को नाव के जरिए आवागमन करना पड़ रहा है। खेतों में भी पानी भरने से फसलों को नुकसान की स्थिति बनी हुई है।
मानसून की विदाई शुरू, आज बारिश का अलर्ट नहीं
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को प्रदेश के किसी भी जिले के लिए बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। सुबह से ज्यादातर इलाकों में धूप निकली है।
उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून का सामान्य समय 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है। इस वर्ष मानसून के दौरान प्रदेश में सामान्य से करीब 8 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी भी शुरू हो चुकी है।
इस मानसून सीजन में 802.9 मिमी बारिश
BHU के मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव के अनुसार, 1 जून से 30 सितंबर 2026 के बीच उत्तर प्रदेश में कुल 802.9 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से करीब 8 प्रतिशत अधिक है। उनके मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश में औसत से करीब 2 प्रतिशत अधिक 817 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 16 प्रतिशत अधिक 782.7 मिलीमीटर बारिश हुई।
यह भी पढ़ें