AU स्मॉल फाइनेंस बैंक का मुनाफा 53% बढ़ा, जमा में 29% और कर्ज में 25% की वृद्धि
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ ₹858 करोड़ पहुंचा, छह महीने में कमाया ₹1,654 करोड़ का मुनाफा
अनप्लग इंडिया। डेस्क
जयपुर/मुंबई। AU स्मॉल फाइनेंस बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही के वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। बैंक के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही में उसका शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 53 प्रतिशत बढ़कर ₹858 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹561 करोड़ था। इस दौरान बैंक की जमा राशि में 28.6 प्रतिशत और सकल ऋण पोर्टफोलियो में 25.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
बैंक के निदेशक मंडल ने 24 अक्टूबर 2026 को हुई बैठक में 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही और छमाही के वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी।
शुद्ध ब्याज आय में 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी
बैंक की ओर से जारी नतीजों के मुताबिक, दूसरी तिमाही में शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 32 प्रतिशत बढ़कर ₹2,820 करोड़ हो गई। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह ₹2,144 करोड़ थी। शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) भी 5.5 प्रतिशत से बढ़कर 5.8 प्रतिशत पर पहुंच गया।
बैंक का मुख्य प्रावधान-पूर्व परिचालन लाभ (Core PPoP) 31 प्रतिशत बढ़कर ₹1,480 करोड़ रहा। वहीं, अन्य मुख्य आय में 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह ₹736 करोड़ दर्ज की गई। बैंक के अनुसार, क्रेडिट कार्ड और ट्रांजैक्शन बैंकिंग से मिलने वाली फीस ने आय में बढ़ोतरी में योगदान दिया।
जमा राशि बढ़कर ₹1.70 लाख करोड़ के पार
30 सितंबर 2026 तक बैंक की कुल जमा राशि ₹1,70,460 करोड़ हो गई, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹1,32,509 करोड़ के मुकाबले 28.6 प्रतिशत अधिक है।
चालू और बचत खातों (CASA) में जमा राशि 29.1 प्रतिशत बढ़कर ₹50,289 करोड़ रही। इसमें चालू खातों की जमा राशि 55 प्रतिशत बढ़कर ₹11,693 करोड़ और बचत खातों की जमा राशि 23 प्रतिशत बढ़कर ₹38,595 करोड़ हो गई।
बैंक का सकल ऋण पोर्टफोलियो 25.1 प्रतिशत बढ़कर ₹1,53,769 करोड़ पहुंच गया। वहीं, सकल अग्रिम राशि में सालाना आधार पर 27.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह ₹1,50,291 करोड़ रही।
एनपीए के आंकड़ों में सुधार
बैंक ने परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार दर्ज किया है। दूसरी तिमाही में सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (GNPA) अनुपात घटकर 1.99 प्रतिशत रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 2.41 प्रतिशत था। शुद्ध एनपीए (NNPA) अनुपात भी 0.88 प्रतिशत से घटकर 0.81 प्रतिशत पर आ गया।
बैंक के मुताबिक, गारंटी प्रीमियम सहित वार्षिकीकृत क्रेडिट लागत 1.2 प्रतिशत से घटकर 0.8 प्रतिशत रह गई। इससे तिमाही के वित्तीय प्रदर्शन को मजबूती मिली।
पहली छमाही में ₹1,654 करोड़ का मुनाफा
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान बैंक का शुद्ध लाभ 45 प्रतिशत बढ़कर ₹1,654 करोड़ हो गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह ₹1,142 करोड़ था।
इस दौरान शुद्ध ब्याज आय 32 प्रतिशत बढ़कर ₹5,516 करोड़ और मुख्य प्रावधान-पूर्व परिचालन लाभ 36 प्रतिशत बढ़कर ₹2,906 करोड़ पहुंच गया। पहली छमाही में बैंक का परिसंपत्तियों पर रिटर्न (RoA) 1.7 प्रतिशत और इक्विटी पर रिटर्न (RoE) 15.8 प्रतिशत रहा।
डिजिटल बैंकिंग और नेटवर्क का विस्तार
बैंक ने डिजिटल सेवाओं और शाखा नेटवर्क में विस्तार की जानकारी भी दी। कंपनी के अनुसार, उसके AU 0101 डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 46 लाख से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं और 95 प्रतिशत से अधिक लेनदेन डिजिटल माध्यम से किए जा रहे हैं।
तिमाही के दौरान बैंक ने देशभर में 183 नए बैंकिंग संपर्क केंद्र जोड़े, जिनमें 45 नई देनदारी शाखाएं और 100 से अधिक एसेट सेंटर शामिल हैं। इसके साथ बैंक का नेटवर्क 21 राज्यों और चार केंद्रशासित प्रदेशों में 3,103 संपर्क केंद्रों तक पहुंच गया है। बैंक के अनुसार, वह 1.28 करोड़ से अधिक ग्राहकों को सेवाएं दे रहा है।
नेतृत्व और रेटिंग में भी बदलाव
बैंक ने अनिल अग्रवाल को कमर्शियल एंड इंस्टीट्यूशनल बैंकिंग का सीनियर एग्जीक्यूटिव ग्रुप हेड नियुक्त किया है। वहीं, अमोल पाध्ये ने मुख्य जोखिम अधिकारी (CRO) का पदभार संभाल लिया है।
इसके अतिरिक्त, ICRA ने बैंक की दीर्घकालिक क्रेडिट रेटिंग के आउटलुक को ‘स्टेबल’ से बढ़ाकर ‘पॉजिटिव’ कर दिया है, जबकि रेटिंग ‘AA’ पर बरकरार रखी है।
बैंक के संस्थापक, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय अग्रवाल ने कहा कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बैंक का लक्ष्य लाभप्रदता और विकास के साथ परिसंपत्ति गुणवत्ता बनाए रखना, ग्राहकों के हितों की रक्षा करना और तकनीक आधारित सेवाओं को मजबूत करना है।
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