ग्राउंड से ओलंपिक पोडियम तक: नोएडा में पैरा-एथलीटों का सम्मान, मुकेश शर्मा ने साझा किया खेलों के विकास का विजन
एशियन पैरा गेम्स के पदक विजेताओं को मिले नकद पुरस्कार, स्वर्ण पदक विजेता को एक लाख रुपये; नोएडा स्पोर्ट्स टैलेंट हंट के जरिए स्थानीय प्रतिभाओं को छात्रवृत्ति और अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण देने की पहल
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नोएडा। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और दिव्यांग खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सम्मान देने की दिशा में नोएडा में एक विशेष समारोह आयोजित किया गया। गौरी शिक्षा फाउंडेशन और प्रोमेथियस स्पोर्ट्स अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में रविवार, 1 नवंबर को प्रोमेथियस स्कूल में ‘नोएडा स्पोर्ट्स टैलेंट हंट – एडिशन 2’ का भव्य पुरस्कार वितरण समारोह हुआ। इस दौरान एशियन पैरा गेम्स 2026 में देश का गौरव बढ़ाने वाले भारतीय पैरा-एथलीटों और पदक विजेताओं को सम्मानित किया गया।
समारोह में खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के लिए नकद पुरस्कार भी प्रदान किए गए। आयोजकों की ओर से स्वर्ण पदक विजेताओं को एक लाख रुपये, रजत पदक विजेताओं को 75 हजार रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि देने की घोषणा की गई।
दो स्वर्ण जीतने वाली सिमरन शर्मा का भी सम्मान
समारोह में ऊंची कूद में स्वर्ण पदक जीतने वाले प्रवीण कुमार और 100 मीटर एवं 200 मीटर दौड़ में दोहरे स्वर्ण पदक हासिल करने वाली सिमरन शर्मा की उपलब्धियों की विशेष सराहना की गई।
इसके अलावा 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतने वाली प्रीति पाल, पैरा बैडमिंटन युगल में कांस्य पदक विजेता सूर्यकांत यादव, पैरा तीरंदाजी में रजत पदक विजेता स्वाति चौधरी, ऊंची कूद में रजत पदक विजेता वरुण सिंह भाटी, भाला फेंक में रजत पदक विजेता अजीत सिंह और पावरलिफ्टिंग में रजत पदक हासिल करने वाले अशोक मलिक को सम्मानित किया गया।
वहीं, पैरा तीरंदाजी युगल में रजत पदक विजेता भावना चौधरी और पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी नितेश कुमार सहित अन्य खिलाड़ियों के प्रदर्शन की भी सराहना की गई।
जमीनी स्तर से ओलंपिक पोडियम तक पहुंचाने का लक्ष्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रोमेथियस स्कूल के संस्थापक अध्यक्ष एवं गौरी शिक्षा फाउंडेशन के संस्थापक ट्रस्टी मुकेश शर्मा ने कहा कि भारत में खेलों के विकास के लिए मजबूत आधारभूत ढांचे और प्रतिभाओं की शुरुआती स्तर पर पहचान करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि प्रोमेथियस स्पोर्ट्स अकादमी में बैडमिंटन, टेबल टेनिस, ओलंपिक स्तर का स्विमिंग पूल, शूटिंग और जिम्नास्टिक जैसी खेल सुविधाएं विकसित की गई हैं। संस्थान का लक्ष्य बच्चों को शुरुआती स्तर से प्रशिक्षित कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है, ताकि वे भविष्य में ओलंपिक और पैरालंपिक पोडियम तक पहुंच सकें।
मुकेश शर्मा ने खेल संस्कृति को मजबूत बनाने में माता-पिता की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को कम से कम एक खेल से जरूर जुड़ना चाहिए। इससे बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है।
उन्होंने देश में खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने के लिए काम कर रहे ‘ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट’ (OGQ) के प्रयासों की भी सराहना की।
स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेगी छात्रवृत्ति और बेहतर प्रशिक्षण
गौरी शिक्षा फाउंडेशन और प्रोमेथियस स्पोर्ट्स अकादमी की इस पहल का उद्देश्य केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों का सम्मान करना नहीं है, बल्कि स्थानीय स्तर पर छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना भी है।
नोएडा स्पोर्ट्स टैलेंट हंट के माध्यम से उभरते खिलाड़ियों की पहचान की जाएगी। इसके बाद चयनित प्रतिभाओं को छात्रवृत्ति, उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और बेहतर खेल मंच उपलब्ध कराने की योजना है।
आयोजकों का मानना है कि यदि खिलाड़ियों को शुरुआती दौर से ही सही मार्गदर्शन, आधुनिक सुविधाएं और आर्थिक सहयोग मिले तो भारत ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।
खेलों में प्रतिभा के साथ अवसर और संसाधन भी जरूरी
नोएडा में आयोजित यह समारोह खिलाड़ियों के सम्मान के साथ-साथ खेलों के लिए बेहतर अवसर तैयार करने की जरूरत को भी सामने लाता है। पैरा-एथलीटों की उपलब्धियां यह संदेश देती हैं कि प्रतिभा और दृढ़ संकल्प के सामने चुनौतियां बाधा नहीं बन सकतीं। जरूरत है तो सिर्फ सही मंच, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन की।
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