एमिटी यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय फैशन सम्मेलन INCFT 2026, AI और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग पर हुई चर्चा
विशेषज्ञों ने बताया- फैशन उद्योग में तेजी से बढ़ रही है तकनीक की भूमिका, 3D डिजाइन, रोबोटिक्स और डिजिटल गारमेंट्स से युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नोएडा। एमिटी विश्वविद्यालय में फैशन, परिधान और टेक्सटाइल के भविष्य पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘आईएनसीएफएटी 2026’ (INCFT 2026) का आयोजन किया गया। एमिटी स्कूल ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी की ओर से आयोजित इस सम्मेलन का विषय ‘अगली पीढ़ी का फैशन और टेक्सटाइल: डिजाइन, सामग्री और तकनीक में नवाचार’ रहा। इसमें भारत और विदेशों से आए विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और उद्योग प्रतिनिधियों ने फैशन क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोमेशन, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और नई तकनीकों की बढ़ती भूमिका पर विचार साझा किए।
सम्मेलन में अमेरिका की कंपनी टुकाटेक के चेयरमैन एवं संस्थापक राम सरीन, एमिटी स्कूल ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी एवं एमिटी स्कूल ऑफ फाइन आर्ट्स की चेयरपर्सन दिव्या चौहान, सेलेस्टियल लाइफस्टाइल लिमिटेड के CEO राजीव बंसल, एमिटी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. बलविंदर शुक्ला, सिनी ग्रुप की संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक डॉ. नीतू सिंह और अन्य विशेषज्ञ शामिल हुए।
फैशन में डिजाइन के साथ फिटिंग भी जरूरी: राम सरीन
टुकाटेक के चेयरमैन एवं संस्थापक राम सरीन ने कहा कि फैशन उद्योग में केवल अच्छे डिजाइन बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उत्पाद की फिटिंग भी महत्वपूर्ण है। यदि परिधान सही फिटिंग का नहीं होगा तो उसकी बिक्री प्रभावित हो सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को पैटर्न से काम शुरू करने और अपने काम में गुणवत्ता एवं मूल्य जोड़ने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि युवाओं को यह समझना होगा कि उनके उत्पाद का बाजार कहां है और भविष्य में किस तरह के अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। उन्होंने जीवन के तीन चरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहला चरण शिक्षा, दूसरा अर्जन और तीसरा समाज को वापस देने का है। विद्यार्थी अभी सीखने के चरण में हैं और उन्हें इस समय का पूरा लाभ उठाना चाहिए।
फैशन के विद्यार्थियों को तकनीक अपनाने की जरूरत: दिव्या चौहान
एमिटी स्कूल ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी एवं एमिटी स्कूल ऑफ फाइन आर्ट्स की चेयरपर्सन दिव्या चौहान ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सही दृष्टिकोण और मार्गदर्शन दोनों आवश्यक हैं। आधुनिक तकनीक अब लगभग सभी क्षेत्रों का हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में फैशन के क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं को भी नई तकनीकों को अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में शामिल विशेषज्ञों के अनुभव से विद्यार्थियों को व्यावहारिक जानकारी हासिल करने का अवसर मिलेगा।
AI और रोबोटिक्स बदल रहे हैं गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग का तरीका
सेलेस्टियल लाइफस्टाइल लिमिटेड के CEO राजीव बंसल ने ‘AI ऑटोमेशन एंड स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग’ विषय पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि रोबोट अब सिलाई जैसे कार्यों में भी इस्तेमाल हो रहे हैं और गारमेंट्स को डिजिटल पहचान देने की दिशा में काम हो रहा है। AI का उपयोग डिजाइन, सैंपलिंग और उत्पादन की प्रक्रियाओं में तेजी से बढ़ रहा है।
उन्होंने स्मार्ट गारमेंट फैक्टरी की कार्यप्रणाली समझाते हुए बताया कि डिजाइन और योजना से लेकर कटिंग, सिलाई, गुणवत्ता जांच और उत्पादन की निगरानी तक तकनीक की मदद ली जा रही है। इससे फैशन उद्योग में 3D डिजाइन विशेषज्ञ, AI क्वालिटी विशेषज्ञ, ऑटोमेशन एवं कोबोट टेक्नीशियन और डेटा से जुड़े नए करियर विकल्प विकसित हो रहे हैं।
बंसल ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे कम से कम एक 3D डिजाइन टूल सीखें, उत्पादन से जुड़े आंकड़ों के लिए डैशबोर्ड बनाना सीखें, AI उपकरणों का नियमित उपयोग करें और वास्तविक औद्योगिक अनुभव के लिए फैक्ट्रियों का भ्रमण करें।
फैशन उद्योग में युवाओं के लिए बढ़ रहे अवसर: कुलपति
एमिटी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. बलविंदर शुक्ला ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य भविष्य के पेशेवरों को यह समझाना है कि तकनीक फैशन उद्योग में किस तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, लोगों की बढ़ती खरीद क्षमता और नए डिजाइन की मांग से फैशन क्षेत्र में रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर बन रहे हैं।
वैश्विक प्रतिस्पर्धा में गुणवत्ता और समयबद्धता अहम: डॉ. नीतू सिंह
सिनी ग्रुप की संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक डॉ. नीतू सिंह ने कहा कि आज ग्राहक उत्पाद की गुणवत्ता, समय पर डिलीवरी और बदलते फैशन के अनुरूप नए डिजाइन की अपेक्षा करता है। वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा केवल कीमत पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उत्पाद की गुणवत्ता, डिजाइन, तकनीक, स्थायित्व, तेजी और ग्राहकों के विश्वास जैसे पहलू भी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने भारत की वैश्विक फैशन उद्योग में स्थिति और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्ध संभावनाओं पर भी जानकारी दी।
शोधार्थियों ने 26 शोध पत्र और 8 पोस्टर प्रस्तुत किए
एमिटी विश्वविद्यालय के ग्रुप एडिशनल प्रो वाइस चांसलर डॉ. प्रदीप जोशी ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में वनस्थली विद्यापीठ राजस्थान, दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट आगरा, FDDI नोएडा, IGNOU, जगन्नाथ विश्वविद्यालय और खालसा कॉलेज ऑफ वूमेन अमृतसर सहित विभिन्न संस्थानों के शोधार्थियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान 26 शोध पत्र और 8 पोस्टर प्रस्तुत किए गए। सम्मेलन में तीन अलग-अलग सत्रों के माध्यम से विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में नई दिल्ली स्थित NIFT की अनुसंधान प्रमुख डॉ. वर्षा गुप्ता, WGSN की दक्षिण एशिया व्यापार निदेशक उर्वशी गुप्ता और ऑस्ट्रेलिया की विदाक्श के सह-संस्थापक प्रशांत शुक्ला सहित अन्य विशेषज्ञों ने भी फैशन और टेक्सटाइल उद्योग में हो रहे बदलावों पर चर्चा की।
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