गुरुग्राम में पुलिसकर्मियों ने सड़क किनारे कराई गर्भवती की डिलीवरी, मां-बेटा सुरक्षित
प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला की सूचना मिलते ही 5 से 7 मिनट में पहुंची ERV टीम; स्थानीय महिलाओं की मदद से सड़क पर कराया प्रसव, फिर अस्पताल पहुंचाया
अनप्लग इंडिया। डेस्क
गुरुग्राम। गुरुग्राम में पुलिसकर्मियों ने तत्परता और सूझबूझ दिखाते हुए सड़क किनारे प्रसव पीड़ा से परेशान गर्भवती महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराई। सेक्टर-68 स्थित M3M मरीना के पास हुई इस घटना में महिला ने बेटे को जन्म दिया। इसके बाद पुलिस टीम ने मां और नवजात को बादशाहपुर डिस्पेंसरी पहुंचाया, जहां दोनों को भर्ती कराया गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मां और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।
चाय का ठेला चलाने वाली महिला ने दी सूचना
घटना के दौरान सेक्टर-68 के M3M मरीना के पास उर्मिला नाम की महिला अपना चाय का ठेला लगाती हैं। इसी दौरान उनकी नजर पास में प्रसव पीड़ा से परेशान एक गर्भवती महिला पर पड़ी। महिला की हालत देखकर उर्मिला ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर मदद मांगी।
सूचना मिलने के बाद कॉल को पुलिस की इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ERV-235) टीम के पास भेजा गया।
5 से 7 मिनट में मौके पर पहुंची पुलिस टीम
ERV में ईएचसी संदीप और चालक कॉन्स्टेबल संदीप तैनात थे। सूचना मिलते ही दोनों पुलिसकर्मी तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुए और करीब 5 से 7 मिनट में वहां पहुंच गए।
मौके पर पहुंचने पर पुलिसकर्मियों ने देखा कि महिला की हालत गंभीर है और प्रसव कभी भी हो सकता है। ऐसे में उसे तत्काल अस्पताल ले जाना जोखिम भरा लग रहा था।
स्थानीय महिलाओं की मदद से कराया प्रसव
स्थिति को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने मौके पर ही डिलीवरी कराने का फैसला किया। उन्होंने चाय का ठेला लगाने वाली उर्मिला और आसपास मौजूद अन्य महिलाओं को मदद के लिए बुलाया। इसके बाद सुरक्षा का इंतजाम करते हुए सड़क किनारे ही प्रसव कराया गया।
कुछ ही देर में महिला ने एक बेटे को जन्म दिया। पुलिसकर्मियों और स्थानीय महिलाओं की मदद से प्रसव की प्रक्रिया पूरी हुई।
मां और नवजात को अस्पताल पहुंचाया
बच्चे के जन्म के बाद पुलिसकर्मियों ने मां और नवजात को तत्काल अपनी ERV गाड़ी से बादशाहपुर डिस्पेंसरी पहुंचाया। वहां डॉक्टरों को पूरी जानकारी देकर दोनों को भर्ती कराया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, समय पर चिकित्सा सहायता मिलने के बाद मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं। इस घटना में पुलिसकर्मियों की त्वरित कार्रवाई और स्थानीय महिलाओं के सहयोग से गर्भवती महिला को समय पर मदद मिल सकी।
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