Ammann India ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड, 2,500वां रोड कॉम्पैक्टर तैयार, 55 देशों में कर चुकी है निर्यात
भारत में निर्मित 1,000 से अधिक मशीनें विदेश भेजीं, 2021 से 2026 के बीच कुल उत्पादन का करीब 40% रहा निर्यात; कंपनी का 2031 तक 5,000 कॉम्पैक्टर का लक्ष्य
अनप्लग इंडिया। डेस्क
मुंबई। सड़क निर्माण उपकरण बनाने वाली कंपनी Ammann India ने अपने विनिर्माण सफर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने भारत में अपना 2,500वां कॉम्पैक्टर तैयार कर उत्पादन इकाई से बाहर निकाला है। वर्ष 2016 में उत्पादन शुरू करने के बाद कंपनी ने यह मुकाम हासिल किया है। इस उपलब्धि के साथ भारत Ammann Group के वैश्विक विनिर्माण नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरा है।
कंपनी के मुताबिक, 2,500वीं मशीन ARS 170.1 Soil Compactor है, जिसमें केबिन दिया गया है। यह मशीन T3 उत्सर्जन मानकों के अनुरूप है। Ammann India की गुजरात स्थित विनिर्माण इकाई की सालाना उत्पादन क्षमता 500 कॉम्पैक्टर है। कंपनी ने पिछले एक दशक में उत्पादन प्रणाली और गुणवत्ता जांच की प्रक्रियाओं में लगातार सुधार करते हुए अपनी विनिर्माण क्षमता को मजबूत किया है।
55 देशों तक पहुंचीं भारत में बनी मशीनें
Ammann India की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती भूमिका का अंदाजा उसके निर्यात आंकड़ों से लगाया जा सकता है। कंपनी ने 2021 से 2026 के बीच 1,000 से अधिक कॉम्पैक्टर का निर्यात किया। ये मशीनें लैटिन अमेरिका, अफ्रीका, मध्य पूर्व, एशिया-पैसिफिक और यूरोप के 55 देशों तक पहुंचीं।
कंपनी के अनुसार, इस अवधि में निर्यात का हिस्सा उसके कुल उत्पादन का करीब 40 प्रतिशत रहा। यह प्रदर्शन बताता है कि भारत में तैयार की जा रही मशीनों की मांग घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी है।
अगले पांच साल में बिक्री दोगुनी करने का लक्ष्य
Ammann Group के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (मशीन्स) टॉमस कोपिक ने कहा कि भारत कंपनी के वैश्विक विनिर्माण नेटवर्क का लगातार महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। उनके मुताबिक, भारत में तैयार होने वाले कॉम्पैक्टर की गुणवत्ता यूरोप में निर्मित मशीनों के स्तर के अनुरूप है। 2021 से 2026 के बीच 1,000 से अधिक मशीनों का निर्यात भारत की विनिर्माण क्षमता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि कंपनी अगले पांच वर्षों में अपनी बिक्री दोगुनी करने की उम्मीद कर रही है। इस लक्ष्य को हासिल करने में भारत की विनिर्माण इकाई की अहम भूमिका होगी।
‘मेड इन इंडिया’ मशीनों से घरेलू और विदेशी बाजारों पर नजर
Ammann India के मैनेजिंग डायरेक्टर धीरज पांडा ने कहा कि कंपनी की शुरुआत से ही वैश्विक तकनीक के साथ स्थानीय स्तर पर उत्पादन करना उसकी प्राथमिकता रही है। 2,500वें ‘मेड इन इंडिया’ कॉम्पैक्टर का तैयार होना इसी दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने बताया कि कंपनी अब उत्पादन की गुणवत्ता को लगातार बेहतर बनाने, बिक्री के बाद मिलने वाली सेवाओं को मजबूत करने और घरेलू व निर्यात बाजारों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने पर ध्यान देगी। कंपनी के मुताबिक, उसके उत्पाद 55 देशों तक पहुंच चुके हैं और निर्यात में लगातार विस्तार की संभावनाएं हैं।
2031 तक 5,000 कॉम्पैक्टर का लक्ष्य
कंपनी ने आगे की योजना के तहत वर्ष 2031 तक 5,000 कॉम्पैक्टर की बिक्री का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता और आफ्टर-सेल्स सर्विस को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
कंपनी ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने कर्मचारियों, इंजीनियरों, उत्पादन टीम और गुणवत्ता विशेषज्ञों को दिया है। इनके योगदान से भारत में विनिर्माण क्षमता विकसित करने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की जरूरतों के मुताबिक मशीनें तैयार करने में मदद मिली है।
सड़क निर्माण उपकरणों की पूरी श्रृंखला बनाती है कंपनी
स्विट्जरलैंड स्थित Ammann Group की सहायक कंपनी Ammann India Private Limited का मुख्यालय गुजरात के मेहसाणा जिले के दितासन में है। कंपनी कॉम्पैक्शन उपकरणों के अलावा डामर और कंक्रीट मिक्सिंग प्लांट तथा पेवर्स का निर्माण भी करती है।
कंपनी के उत्पाद सड़क, राजमार्ग और हवाई अड्डों जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए जाते हैं। उपकरणों के रखरखाव, प्रशिक्षण और स्पेयर पार्ट्स के जरिए कंपनी आफ्टरमार्केट सेवाएं भी उपलब्ध कराती है।
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