खड़गे के बयान पर बिहार में सियासी घमासान, सम्राट चौधरी और गिरिराज सिंह ने कांग्रेस को घेरा
प्रधानमंत्री मोदी के पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर भाजपा नेताओं की नाराजगी, खड़गे और राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग
अनप्लग इंडिया। डेस्क
पटना। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने खड़गे की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा नेताओं ने इस बयान को राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए खड़गे और राहुल गांधी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
यह विवाद रविवार को पटना में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान खड़गे के भाषण के बाद शुरू हुआ। प्रधानमंत्री मोदी को लेकर उनकी टिप्पणी पर भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इस बयान की आलोचना कर चुके हैं।
सम्राट चौधरी बोले- कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खड़गे की टिप्पणी पर नाराजगी जताते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के परिवार को लेकर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना उचित नहीं है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि खड़गे के बयान से कांग्रेस नेतृत्व की सोच का पता चलता है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष के साथ राहुल गांधी से भी इस मामले में माफी मांगने की मांग की।
भाजपा नेताओं का कहना है कि राजनीतिक दलों को सरकार की नीतियों और फैसलों की आलोचना करने का पूरा अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर भाषा की मर्यादा बनाए रखना भी जरूरी है।
गिरिराज सिंह का कांग्रेस पर तीखा हमला
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी खड़गे के बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने पार्टी को ‘मूर्खों की टोली’ बताते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता लगातार विवादित बयान दे रहे हैं।
गिरिराज सिंह ने कहा कि पहले उन्हें लगता था कि राहुल गांधी ही इस तरह की बयानबाजी करते हैं, लेकिन अब उन्हें लगता है कि पूरी पार्टी इसी रास्ते पर चल रही है।
उन्होंने कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर टिप्पणी करते हुए दावा किया कि पार्टी कई राज्यों में अपना राजनीतिक आधार खो चुकी है। गिरिराज सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का समर्थन करते हुए कहा कि ऐसी टिप्पणियों से भाजपा की राजनीतिक स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
मुद्दों पर बहस के बजाय बयानबाजी का आरोप
गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि जब उसके पास सरकार को घेरने के लिए ठोस मुद्दे नहीं होते, तब उसके नेता विवादित भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक हताशा और वैचारिक कमजोरी का संकेत बताया।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेताओं को प्रधानमंत्री और उनके परिवार के बारे में टिप्पणी करने के बजाय नीतियों, विकास और जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा करनी चाहिए।
उनके बयान से स्पष्ट है कि भाजपा इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, गिरिराज सिंह की टिप्पणियां राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें उनके बयान के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
अमित शाह भी खड़गे के बयान पर जता चुके हैं आपत्ति
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर खड़गे की टिप्पणी की आलोचना की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता को लेकर अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया और इससे राजनीतिक संवाद की गरिमा प्रभावित हुई है।
शाह ने कांग्रेस पर प्रधानमंत्री और उनके परिवार को पहले भी निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना आवश्यक है।
बिहार में बढ़ सकती है राजनीतिक बयानबाजी
खड़गे की टिप्पणी के बाद भाजपा के शीर्ष नेताओं की लगातार प्रतिक्रियाओं से यह मुद्दा बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। भाजपा ने जहां कांग्रेस से माफी की मांग की है, वहीं इस विवाद के बीच कांग्रेस की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर पूरे घटनाक्रम का दूसरा पक्ष भी स्पष्ट हो सकेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कांग्रेस इस विवाद पर क्या रुख अपनाती है और क्या आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच बयानबाजी और तेज होती है।
फिलहाल, प्रधानमंत्री मोदी पर खड़गे की टिप्पणी को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ता दिखाई दे रहा है।
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