गुरुग्राम में मेदांता की अनूठी पहल: अब हर घर और सोसाइटी में मिल सकेगी आपातकालीन मदद, CPR की ट्रेनिंग से बचेंगी जानें
‘हर घर, हर सोसाइटी सुरक्षित’ अभियान शुरू, निवासियों से लेकर सुरक्षा गार्ड और हाउसकीपिंग कर्मचारियों तक को दिया जाएगा जीवनरक्षक प्रशिक्षण; हर सोसाइटी में बनेंगे इमरजेंसी फर्स्ट-एड हब
अनप्लग इंडिया। डेस्क
गुरुग्राम। किसी मेडिकल इमरजेंसी में शुरुआती कुछ मिनट किसी की जिंदगी बचाने में निर्णायक साबित हो सकते हैं। कार्डियक अरेस्ट, डूबने, अत्यधिक रक्तस्राव या अन्य गंभीर परिस्थितियों में एंबुलेंस और मेडिकल टीम के पहुंचने से पहले मिलने वाली सही सहायता मरीज की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए मेदांता – द मेडिसिटी ने गुरुग्राम में ‘हर घर, हर सोसाइटी सुरक्षित’ अभियान की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य आवासीय सोसाइटियों को आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैयार करना और आम लोगों को प्राथमिक उपचार तथा जीवनरक्षक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है।
इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ 11 अक्टूबर को गुरुग्राम के सेक्टर-88ए स्थित द सेंटर कोर्ट में किया गया। मेदांता की इस पहल के तहत सोसाइटी में रहने वाले लोगों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के सदस्यों, सुरक्षा गार्डों और हाउसकीपिंग कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल सहायता देने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही, सोसाइटियों में प्राथमिक उपचार की जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि अस्पताल या एंबुलेंस की सहायता मिलने तक प्रभावित व्यक्ति को शुरुआती मदद उपलब्ध कराई जा सके।
सोसाइटी में ही तैयार होंगे ‘सुरक्षा चैंपियंस’
अभियान की प्रमुख विशेषताओं में सोसाइटी के भीतर प्रशिक्षित लोगों की एक ऐसी टीम तैयार करना शामिल है, जो आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दे सके। इन्हें ‘सुरक्षा चैंपियंस’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए सुरक्षा गार्ड, हाउसकीपिंग स्टाफ और अन्य इच्छुक कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार एवं बुनियादी जीवनरक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR), बेसिक लाइफ सपोर्ट, डूबने की स्थिति में शुरुआती सहायता, जिम में लगने वाली चोटों, आग से बचाव एवं अग्निशमन उपकरणों के इस्तेमाल और जानवरों के काटने या डंक मारने जैसी परिस्थितियों से निपटने के तरीके बताए जाएंगे।
इसका उद्देश्य यह है कि सोसाइटी में रहने वाले लोगों को किसी आपात स्थिति में केवल मदद का इंतजार न करना पड़े, बल्कि वे सुरक्षित तरीके से शुरुआती सहायता देने में सक्षम बन सकें। हालांकि, गंभीर परिस्थितियों में प्रशिक्षित सहायता के साथ आपातकालीन चिकित्सा सेवा बुलाना भी जरूरी होगा।
बनेंगे ‘इमरजेंसी फर्स्ट-एड हब’
मेदांता इस अभियान के तहत आवासीय सोसाइटियों में ‘इमरजेंसी फर्स्ट-एड हब’ स्थापित करने की योजना पर काम करेगा। इन केंद्रों पर प्राथमिक उपचार से संबंधित जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को तत्काल सहायता मिल सके।
इसके अलावा, स्विमिंग पूल, जिम और बच्चों के खेलने के स्थानों जैसे अपेक्षाकृत जोखिम वाले क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए पोस्टर लगाए जाएंगे। इनका उद्देश्य लोगों को संभावित खतरों के प्रति सतर्क करना और दुर्घटना होने की स्थिति में सही कदम उठाने के बारे में जानकारी देना है।
इस पहल के माध्यम से सोसाइटी के निवासियों को यह समझाने पर भी जोर दिया जाएगा कि आपातकालीन तैयारियां केवल सुरक्षा गार्डों या मेडिकल टीम की जिम्मेदारी नहीं हैं। परिवारों, निवासियों, RWA और सोसाइटी प्रबंधन के सहयोग से ही एक सुरक्षित आवासीय वातावरण तैयार किया जा सकता है।
CPR से लेकर आग से बचाव तक मिलेगी व्यावहारिक जानकारी
अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में मेदांता के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने निवासियों और कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी। कार्यक्रम को व्यावहारिक और संवादात्मक बनाया गया, ताकि लोग केवल जानकारी प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि जरूरत पड़ने पर उसका सही इस्तेमाल भी सीख सकें।
इस दौरान CPR की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, जानवरों के काटने और डंक मारने पर शुरुआती सहायता, डूबने की स्थिति में बचाव, अग्निशमन उपकरणों के इस्तेमाल और शरीर में पानी की कमी से निपटने जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम में शामिल परिवारों को मेदांता की सेफ होम गाइडलाइंस, इमरजेंसी पॉकेट बुकलेट और फर्स्ट-एड किट भी वितरित की गईं। अस्पताल का प्रयास है कि इस प्रशिक्षण का लाभ केवल कार्यक्रम में भाग लेने वाले लोगों तक सीमित न रहे, बल्कि वे अपने परिवारों और आसपास के लोगों को भी जरूरी सावधानियों के बारे में जागरूक करें।
‘आपातकालीन तैयारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बने’
मेदांता के ग्रुप सीईओ एवं डायरेक्टर पंकज साहनी ने कहा कि आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी तभी प्रभावी होती है, जब उसे रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि ‘हर घर, हर सोसाइटी सुरक्षित’ अभियान के माध्यम से अस्पताल, स्थानीय समुदायों, RWA और सोसाइटी कर्मचारियों के साथ मिलकर प्रशिक्षण, जरूरी सुविधाओं और मॉक ड्रिल पर आधारित एक ऐसा मॉडल तैयार किया जा रहा है, जिसे बड़े स्तर पर लागू किया जा सके।
पंकज साहनी के मुताबिक, इस पहल का लक्ष्य प्रत्येक सहभागी सोसाइटी को आपात स्थिति में तत्काल सहायता देने के लिए तैयार करना है। इसके लिए सामुदायिक भागीदारी और समय पर कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना गया है। योजना को आगे चलकर देश की अन्य आवासीय सोसाइटियों तक पहुंचाने की भी तैयारी है।
शुरुआती मिनटों में सही कदम से मिल सकती है मदद
मेदांता, गुरुग्राम में इंटरनल मेडिसिन की वाइस चेयरपर्सन डॉ. सुशीला कटारिया ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की भूमिका केवल अस्पताल में इलाज शुरू होने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। कार्डियक अरेस्ट, डूबने या अत्यधिक रक्तस्राव जैसी परिस्थितियों में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।
उन्होंने कहा कि सही समय पर उचित सहायता मिलने से मरीज की स्थिति बेहतर करने में मदद मिल सकती है। ‘हर घर, हर सोसाइटी सुरक्षित’ अभियान के जरिए आपातकालीन तैयारी को अस्पताल से घरों और आवासीय परिसरों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि एंबुलेंस के आने से पहले स्थानीय निवासी और कर्मचारी जरूरी सहायता देने के लिए तैयार रहें।
डॉ. कटारिया के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य लोगों में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का आत्मविश्वास बढ़ाना और सोसाइटियों को अधिक सुरक्षित बनाना है।
नियमित प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल से बनी रहेगी तैयारी
मेदांता ने इस अभियान को केवल एक बार आयोजित होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम तक सीमित न रखकर नियमित गतिविधियों से जोड़ने की योजना बनाई है। इसके तहत हर सप्ताह व्हाट्सऐप के माध्यम से छोटे-छोटे जागरूकता संदेश भेजे जाएंगे। प्रत्येक महीने दोबारा प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा और हर तीन महीने में मॉक ड्रिल के जरिए तैयारियों का आकलन किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, आपात स्थिति में बेहतर कार्य करने वाले लोगों को ‘सोसाइटी हीरोज’ के रूप में सम्मानित किया जाएगा। इससे लोगों को प्रशिक्षण में भाग लेने और समुदाय की सुरक्षा में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा।
नियमित प्रशिक्षण और अभ्यास से लोगों को यह समझने में मदद मिल सकती है कि संकट के समय किसे सूचना देनी है, प्राथमिक उपचार की सामग्री कहां उपलब्ध है और प्रशिक्षित सहायता किस प्रकार प्राप्त करनी है।
RWA और सोसाइटियां कैसे जुड़ सकती हैं?
मेदांता ने गुरुग्राम सहित अन्य आवासीय सोसाइटियों और RWA को इस अभियान से जुड़ने के लिए आमंत्रित किया है। इच्छुक सोसाइटियां अस्पताल की कम्युनिटी हेल्थ टीम से संपर्क कर अपनी सोसाइटी की जरूरतों का आकलन कराने और अभियान में शामिल होने की प्रक्रिया शुरू कर सकती हैं।
संपर्क नंबर: 9650507316
मेदांता – द मेडिसिटी की यह पहल सामुदायिक स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आवासीय परिसरों में प्रशिक्षित लोगों, प्राथमिक उपचार सुविधाओं और नियमित अभ्यास की व्यवस्था होने से आपात स्थितियों में शुरुआती प्रतिक्रिया बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कितनी सोसाइटियां इससे जुड़ती हैं और प्रशिक्षण को नियमित रूप से कितना प्रभावी बनाया जाता है।
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