मर्सिडीज-बेंज ने पुणे प्लांट से उतारी ‘मेड इन इंडिया’ इलेक्ट्रिक GLC, कीमत 78.50 लाख रुपये
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने किया उत्पादन का शुभारंभ; एक बार चार्ज करने पर 711 किमी तक की रेंज और नवंबर के मध्य से शुरू होंगी डिलीवरी
अनप्लग इंडिया। डेस्क
पुणे। लग्जरी कार निर्माता मर्सिडीज-बेंज ने भारत में अपनी नई इलेक्ट्रिक SUV GLC 400 4MATIC का स्थानीय उत्पादन शुरू कर दिया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 को पुणे के चाकन स्थित कंपनी के अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से पहली ‘मेड इन इंडिया’ इलेक्ट्रिक GLC को रोलआउट किया। इस मौके पर मर्सिडीज-बेंज AG के बोर्ड और सुपरवाइजरी बोर्ड के सदस्य तथा कंपनी के भारतीय अधिकारी मौजूद रहे।
कंपनी के अनुसार, इलेक्ट्रिक GLC भारत में मर्सिडीज-बेंज की पहली ऐसी स्थानीय रूप से निर्मित कार है, जो उसके नए MB.EA-M इलेक्ट्रिक व्हीकल प्लेटफॉर्म पर आधारित है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 78.50 लाख रुपये (ऑल इंडिया) रखी गई है। ग्राहकों को इसकी डिलीवरी नवंबर 2026 के मध्य से शुरू होने की उम्मीद है।
एक बार चार्ज करने पर 711 किमी तक की रेंज
नई इलेक्ट्रिक GLC में 94 kWh की उपयोगी क्षमता वाली बैटरी दी गई है। कंपनी के मुताबिक, यह WLTP मापदंडों के आधार पर एक बार चार्ज करने पर 711 किलोमीटर तक की रेंज दे सकती है। इसमें 800-वोल्ट इलेक्ट्रिकल आर्किटेक्चर और ड्यूल इलेक्ट्रिक मोटर के साथ ऑल-व्हील ड्राइव (4MATIC) सिस्टम दिया गया है।
यह SUV 360 kW यानी 489 हॉर्सपावर की पावर और 800 Nm का टॉर्क पैदा करती है। कंपनी के तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, यह 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार 4.3 सेकंड में पकड़ सकती है। इसकी अधिकतम गति 210 किलोमीटर प्रति घंटा है।
फास्ट चार्जिंग के लिए इसमें 330 kW तक की DC चार्जिंग क्षमता दी गई है। कंपनी का दावा है कि अनुकूल परिस्थितियों में महज 10 मिनट की चार्जिंग से 303 किलोमीटर तक की रेंज हासिल की जा सकती है।
39.1 इंच की हाइपरस्क्रीन और AI तकनीक
इलेक्ट्रिक GLC में मर्सिडीज-बेंज का नया MB.OS ऑपरेटिंग सिस्टम दिया गया है। कंपनी के मुताबिक, यह सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक के साथ नेविगेशन, एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS), ओवर-द-एयर अपडेट और व्यक्तिगत डिजिटल अनुभव उपलब्ध कराता है।
कार में 39.1 इंच की MBUX हाइपरस्क्रीन, 942 पिक्सल वाली इल्यूमिनेटेड ग्रिल और SKY CONTROL पैनोरमिक रूफ जैसे फीचर दिए गए हैं। कंपनी ने इसमें रीसाइकिल और कम कार्बन फुटप्रिंट वाली सामग्री के इस्तेमाल पर भी जोर दिया है।
एक ही प्रोडक्शन लाइन पर बनेंगी पेट्रोल-डीजल और इलेक्ट्रिक कारें
मर्सिडीज-बेंज इंडिया के पुणे प्लांट की खासियत यह है कि यहां इलेक्ट्रिक GLC को कंपनी के अन्य ICE यानी पारंपरिक इंजन वाले मॉडलों के साथ एक ही फ्लेक्सिबल प्रोडक्शन लाइन पर तैयार किया जा रहा है। कंपनी के अनुसार, इससे एक ही प्लांट में अलग-अलग प्लेटफॉर्म और पावरट्रेन वाली कारों का उत्पादन संभव हो रहा है।
मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में रोबोटिक्स, डिजिटलाइजेशन और AI आधारित उत्पादन प्रणालियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। कंपनी ने बताया कि प्लांट में गुणवत्ता, उत्पादन क्षमता और निर्णय प्रक्रिया बेहतर बनाने के लिए 15 से अधिक AI प्रोजेक्ट चल रहे हैं। वेल्डिंग, रिवेटिंग और पेंटिंग जैसे कामों में औद्योगिक रोबोट भी लगाए गए हैं।
भारत में 3,200 करोड़ रुपये का निवेश
कंपनी के मुताबिक, मर्सिडीज-बेंज इंडिया का भारत में कुल निवेश बढ़कर 3,200 करोड़ रुपये हो गया है। इसमें वर्ष 2026 के दौरान मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन, नए उत्पादों की शुरुआत और उत्पादन प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण के लिए किए गए 200 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश भी शामिल हैं।
मर्सिडीज-बेंज भारत में अब तक 2.40 लाख से अधिक वाहन बेच चुकी है। कंपनी के अनुसार, उसके पुणे प्लांट से करीब 20 प्रत्यक्ष सप्लायर जुड़े हैं और सप्लायर व सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से क्षेत्र में लगभग 18 हजार लोगों पर अतिरिक्त रोजगार प्रभाव पड़ता है।
लॉन्च से पहले मिले 550 से ज्यादा एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट
कंपनी ने बताया कि इलेक्ट्रिक GLC के भारत में लॉन्च से पहले ही ग्राहकों की ओर से अच्छा रुझान देखने को मिला। बुकिंग के लिए शुरुआती रुचि दर्ज कराने की प्रक्रिया (EOI) शुरू होने के पहले 36 घंटों में 550 से अधिक एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट मिले। भारत में GLC मॉडल वर्ष 2016 में आया था और अब तक इसे करीब 22 हजार ग्राहक खरीद चुके हैं।
मर्सिडीज-बेंज ग्रुप AG के चेयरमैन ओला कैलेनियस ने कहा कि भारत कंपनी के लिए महत्वपूर्ण बाजार है और यहां इलेक्ट्रिक वाहनों की संभावनाएं काफी मजबूत हैं। वहीं, मर्सिडीज-बेंज इंडिया के MD एवं CEO संतोष अय्यर ने कहा कि इलेक्ट्रिक GLC का स्थानीय उत्पादन भारत में कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और भविष्य की विकास योजनाओं का अहम हिस्सा है।
ग्राहकों को मिलेंगे 2,500 kWh के चार्जिंग क्रेडिट
कंपनी ने नए इलेक्ट्रिक वाहन ग्राहकों के लिए MB.CHARGE Public Charging Credits की सुविधा भी शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत ग्राहक चाहें तो मुफ्त AC वॉल बॉक्स के विकल्प के बजाय 2,500 kWh के मुफ्त पब्लिक चार्जिंग क्रेडिट ले सकते हैं।
ये क्रेडिट MB.CHARGE Public सेवा सक्रिय होने की तारीख से 24 महीने तक मान्य होंगे। कंपनी के अनुसार, उसके चार्जिंग नेटवर्क में देशभर के 22 हजार से अधिक चार्जिंग पॉइंट शामिल हैं। चार्जिंग क्रेडिट वाहन के VIN नंबर से जुड़े होंगे और ग्राहक अपने पोर्टल पर इनका बचा हुआ बैलेंस देख सकेंगे।
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