तीन बार के एशियाई पैरा गेम्स चैंपियन नीरज यादव का फ्लैट में मिला शव, पीएम मोदी भी कर चुके थे तारीफ
नीरज यादव का संघर्ष से सफलता तक का सफर, तीन एशियाई स्वर्ण पदक जीतकर बढ़ाया था देश का गौरव, पीएम मोदी भी कर चुके थे तारीफ; अब फ्लैट में संदिग्ध हालत में मिला शव, मौत की वजह जानने के लिए जांच जारी
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नई दिल्ली। भारत के दिग्गज पैरा एथलीट और तीन बार एशियाई पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले नीरज यादव की 42 वर्ष की उम्र में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, मंगलवार रात उनका शव एक फ्लैट में मिला था। उन्हें परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनकी मौत की पुष्टि हुई। शुरुआती जानकारी में जहरीला पदार्थ खाने की आशंका जताई गई है, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हो सकेगी।
नीरज की मौत की खबर से भारतीय पैरा खेल जगत में शोक है। उन्होंने शारीरिक चुनौतियों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी। एशियाई पैरा गेम्स में उनके प्रदर्शन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सार्वजनिक रूप से सराहना कर चुके थे।
सात साल की उम्र में पोलियो के बाद भी नहीं छोड़ा खेल का सपना
नीरज यादव का जन्म 10 फरवरी 1984 को हुआ था। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ताल्लुक रखते थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सात साल की उम्र में उन्हें पोलियो के बाद होने वाला लकवा प्रभावित कर गया था। इसके बावजूद उन्होंने खेलों से नाता नहीं तोड़ा और अपने लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का लक्ष्य कायम रखा।
नीरज ने वर्ष 2005 से 2012 के बीच लगभग सात साल तक व्हीलचेयर टेनिस में हिस्सा लिया। इसके बाद वर्ष 2015 में उन्होंने पैरा एथलेटिक्स की ओर रुख किया। दिल्ली में आयोजित राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में उन्होंने शॉट पुट, भाला फेंक और चक्का फेंक में स्वर्ण पदक जीते। इस प्रदर्शन ने उनके एथलेटिक्स करियर को नई दिशा दी।
2018 में एशियाई रिकॉर्ड के साथ जीता पहला स्वर्ण
नीरज यादव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान वर्ष 2018 में इंडोनेशिया के जकार्ता में आयोजित एशियाई पैरा गेम्स में मिली। उन्होंने पुरुषों की एफ-55 श्रेणी में भाला फेंक प्रतियोगिता में 29.84 मीटर का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया।
इसके बाद नीरज ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। सितंबर 2022 में मोरक्को के माराकेच में आयोजित पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता और भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। वर्ष 2016 में फज्जा ग्रां प्री में भी वह शॉट पुट और चक्का फेंक में रजत पदक जीत चुके थे।
हांगझोऊ एशियाई पैरा गेम्स में दो स्वर्ण जीतकर रचा इतिहास
नीरज यादव के करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव वर्ष 2023 में चीन के हांगझोऊ में आयोजित एशियाई पैरा गेम्स रहे। यहां उन्होंने चक्का फेंक और भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।
24 अक्टूबर 2023 को उन्होंने पुरुषों की डिस्कस थ्रो एफ-54/55/56 श्रेणी में स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद 28 अक्टूबर को पुरुषों की भाला फेंक एफ-55 श्रेणी में भी शीर्ष स्थान हासिल किया। जकार्ता में 2018 में जीते स्वर्ण सहित उनके एशियाई पैरा गेम्स के स्वर्ण पदकों की संख्या तीन हो गई।
उनकी इन उपलब्धियों ने उन्हें भारत के प्रमुख पैरा एथलीटों में शामिल कर दिया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो बार दी थी बधाई
नीरज यादव की उपलब्धियों की सराहना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके थे। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 24 अक्टूबर 2023 को चक्का फेंक में स्वर्ण पदक जीतने पर प्रधानमंत्री ने उन्हें बधाई दी थी। उन्होंने नीरज को सच्चा चैंपियन बताते हुए उनकी मेहनत और समर्पण की प्रशंसा की थी।
इसके बाद 28 अक्टूबर 2023 को भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतने पर भी प्रधानमंत्री ने उन्हें बधाई दी। उस संदेश में उन्होंने नीरज के दूसरे स्वर्ण पदक को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया था और भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दी थीं।
करियर के अंतिम वर्षों में डोपिंग मामले से लगा झटका
नीरज यादव के खेल करियर में वर्ष 2023 के दौरान डोपिंग का मामला भी सामने आया था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) ने बेंगलुरु में अक्टूबर 2023 में लिए गए एक नमूने में प्रतिबंधित पदार्थ स्टैनोजोलोल पाए जाने के बाद उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित किया था।
NADA की उपलब्ध प्रतिबंध सूची में नीरज का नाम भी दर्ज है। एजेंसी के अनुशासनात्मक पैनल से जुड़े रिकॉर्ड के मुताबिक, दिसंबर 2024 में उनके खिलाफ चार साल की अयोग्यता का निर्णय दर्ज किया गया था, जो 7 नवंबर 2023 से प्रभावी था। रिपोर्टों के अनुसार, नीरज ने अपने नमूने की डीएनए जांच की मांग भी की थी।
इस निलंबन के कारण वह 2026 के आइची-नागोया एशियाई पैरा गेम्स में हिस्सा नहीं ले सके। हालांकि, डोपिंग मामले और उनकी मौत के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए दोनों घटनाओं को जोड़कर देखना उचित नहीं होगा।
मौत की वजह पर जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
नीरज यादव की मौत के संबंध में शुरुआती खबरों में जहरीला पदार्थ खाने की आशंका व्यक्त की गई है। हालांकि, मौत की परिस्थितियों, घटनाक्रम और संभावित कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की आधिकारिक जानकारी से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
नीरज यादव का जीवन खेल के प्रति समर्पण और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद आगे बढ़ने की मिसाल रहा। एशियाई पैरा गेम्स में उनके तीन स्वर्ण पदक और प्रधानमंत्री से मिली सराहना उनकी खेल उपलब्धियों की पहचान बने रहेंगे।
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