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13 अक्तूबर 2026 | भरोसेमंद खबरें, सीधे आपके शहर से
अंक: 13 Oct 2026
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नोएडा-ग्रेटर नोएडा में उद्योगों को बड़ी राहत, बड़े भूखंडों की सब-लीज का रास्ता साफ

Rinku Yadav • • 4 मिनट पढ़ें
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में उद्योगों को बड़ी राहत, बड़े भूखंडों की सब-लीज का रास्ता साफ

योगी सरकार के फैसले से बड़ी औद्योगिक इकाइयों के साथ छोटी सहयोगी कंपनियां भी स्थापित हो सकेंगी; उत्पादन और औद्योगिक विकास को मिलेगी गति

अनप्लग इंडिया। डेस्क

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ी औद्योगिक इकाइयों को आवंटित भूखंड के कुछ हिस्से सहयोगी कंपनियों को सब-लीज पर देने की अनुमति देने का फैसला किया है। इस निर्णय से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में उद्योगों के विस्तार तथा छोटी औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

सरकार के इस कदम से बड़ी कंपनियों के आसपास उनकी जरूरत के अनुरूप छोटे उद्योग विकसित हो सकेंगे। इससे मुख्य इकाइयों को जरूरी उत्पाद और कलपुर्जे समय पर मिल सकेंगे। साथ ही उत्पादन प्रक्रिया को अधिक सुचारु बनाने और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी लाने में मदद मिल सकती है।

छोटी इकाइयों के लिए जमीन हासिल करना होगा आसान

प्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए शासन और औद्योगिक विकास प्राधिकरण निवेश प्रस्तावों, पूंजी निवेश तथा रोजगार सृजन जैसे मानकों के आधार पर भूखंड आवंटित करते हैं। दूसरी ओर, छोटी औद्योगिक इकाइयों के लिए भूखंड आवंटन में नीलामी की व्यवस्था होने के कारण कई बार जमीन हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

इसका असर उन छोटी कंपनियों पर भी पड़ता है, जो बड़े उद्योगों को कच्चा माल, कलपुर्जे या अन्य जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराती हैं। अब सब-लीज की अनुमति मिलने से बड़ी इकाइयों को आवंटित भूखंड के निर्धारित हिस्से में उनकी सहयोगी कंपनियों की स्थापना का रास्ता खुल सकेगा।

चिप निर्माण से जुड़ी परियोजना को मिल सकता है लाभ

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं के साथ सहयोगी इकाइयों को विकसित करने की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है।

खबर के अनुसार, एचसीएल और फॉक्सकॉन की संयुक्त कंपनी इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड ने सेक्टर-28 में आवंटित 48 एकड़ भूखंड में से 24 एकड़ क्षेत्र में एसडीजेड विकसित करने तथा सहयोगी इकाइयों के लिए भूखंड सब-लीज पर देने की अनुमति मांगी थी। प्रदेश सरकार के नए निर्णय से ऐसी परियोजनाओं में मुख्य इकाई के साथ संबंधित सहयोगी कंपनियों को भी आसपास स्थापित करने में मदद मिल सकती है। इससे औद्योगिक उत्पादन के लिए जरूरी संसाधनों और उत्पादों की आपूर्ति अधिक सुविधाजनक हो सकती है।

उद्योगों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मिलेगी मदद

बड़ी औद्योगिक इकाइयों के आसपास छोटी सहयोगी कंपनियां विकसित होने से उत्पादन के लिए जरूरी सामग्री की उपलब्धता बेहतर हो सकती है। इससे कंपनियों को आपूर्ति के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी और उत्पादन से जुड़ी गतिविधियों में समन्वय बढ़ सकता है।

इसके अलावा, छोटी कंपनियों को बड़े उद्योगों के साथ काम करने का अवसर मिलेगा। इससे औद्योगिक निवेश, रोजगार और स्थानीय स्तर पर कारोबार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

शासनादेश के बाद प्राधिकरण करेगा कार्रवाई

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह के अनुसार, बड़ी औद्योगिक इकाइयों के साथ छोटी सहयोगी इकाइयों का इकोसिस्टम विकसित होने से उद्योगों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि शासनादेश मिलने के बाद प्राधिकरण उसके अनुरूप कार्रवाई करेगा। इसलिए सब-लीज की अनुमति से जुड़े विस्तृत नियम, शर्तें और प्रक्रिया शासनादेश मिलने के बाद स्पष्ट होंगी।

पतंजलि समूह को पहले भी मिल चुकी है अनुमति

प्रदेश सरकार इससे पहले पतंजलि समूह को भी निर्धारित शर्तों के साथ भूखंड का कुछ हिस्सा सब-लीज पर देने की अनुमति दे चुकी है। खबर के मुताबिक, यीडा के सेक्टर-24ए में समूह को आवंटित 430 एकड़ जमीन में से 20 प्रतिशत हिस्से की सब-लीज की अनुमति दी गई थी।

इसमें शर्त रखी गई थी कि भूखंड की सब-लीज खाद्य प्रसंस्करण और कृषि उत्पादों से संबंधित इकाइयों को ही की जा सकेगी। इसके अलावा, जमीन की बिक्री यीडा की प्रचलित दरों के अनुरूप करने की अनुमति दी गई थी।

अब प्रदेश सरकार के नए निर्णय से बड़े औद्योगिक भूखंडों पर सहयोगी इकाइयों को विकसित करने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। इससे नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यीडा क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

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