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13 अक्तूबर 2026 | भरोसेमंद खबरें, सीधे आपके शहर से
अंक: 13 Oct 2026
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मोदी बोले- एक दशक में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए, भारत में पहली बार ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम

Rinku Yadav • • 5 मिनट पढ़ें
मोदी बोले- एक दशक में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए, भारत में पहली बार ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम

प्रधानमंत्री ने कहा- देश में भ्रष्टाचार घटा, तकनीक से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचा; ऊर्जा परिवर्तन और स्टार्टअप से नए अवसर पैदा हो रहे हैं

अनप्लग इंडिया। डेस्क

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता हासिल की है। उन्होंने दावा किया कि देश में भ्रष्टाचार कम हुआ है और तकनीक के इस्तेमाल से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत हुई है।

प्रधानमंत्री नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम को संबोधित कर रहे थे। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी भारत पहली बार कर रहा है। तीन दिवसीय फोरम 15 अक्टूबर तक चलेगा। इस वर्ष इसकी थीम बदलती दुनिया में ताकत के नए स्रोत तय करने पर केंद्रित है। इसमें वैश्विक अर्थव्यवस्था, निवेश, तकनीक, ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है।

तकनीक से लोगों तक पहुंचा सरकारी योजनाओं का लाभ

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने तकनीक के जरिए नागरिकों और सरकारी व्यवस्था के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने पर जोर दिया है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी व्यवस्थाओं से सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी ने केवल लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का काम नहीं किया, बल्कि कारोबार और रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध कराए हैं। सस्ते मोबाइल और बेहतर कनेक्टिविटी का फायदा छोटे दुकानदारों और छोटे शहरों में रहने वाले लोगों तक पहुंचा है।

मोदी के अनुसार, शासन में अधिकारों का उद्देश्य नागरिकों को केवल सरकार पर निर्भर बनाना नहीं, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने के अवसर देना होना चाहिए।

स्टार्टअप और छोटे शहरों में बढ़ रहे अवसर

प्रधानमंत्री ने भारत के स्टार्टअप क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में नवाचार के अवसर पहले की तुलना में अधिक लोगों तक पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप गतिविधियों में छोटे शहरों की भागीदारी भी बढ़ी है।

उन्होंने इस बदलाव को देश की नई प्रतिभाओं और उद्यमशीलता से जोड़ते हुए कहा कि अवसरों का विस्तार आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। सरकार की भूमिका ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें लोग अपनी क्षमता का उपयोग कर सकें और नए समाधान विकसित कर सकें।

ऊर्जा परिवर्तन से नए आर्थिक अवसर

प्रधानमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में भारत की प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में उठाए गए कदम केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनसे नए आर्थिक अवसर भी पैदा हो रहे हैं।

उन्होंने घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने और किसानों को सौर ऊर्जा की क्षमता का लाभ देने के प्रयासों का उल्लेख किया। उनके मुताबिक, भारत का ऊर्जा परिवर्तन निवेश, तकनीक और रोजगार के नए रास्ते खोल सकता है।

मोदी ने कहा कि भारत ने अपने जलवायु संबंधी लक्ष्यों की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। ऊर्जा परिवर्तन से जुड़े विशिष्ट आंकड़ों और लक्ष्यों के आकलन के लिए संबंधित सरकारी आंकड़ों को अलग से देखना जरूरी है।

कोविड के दौरान वैक्सीन की आपूर्ति का किया उल्लेख

प्रधानमंत्री ने कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने वैक्सीन निर्माण और आपूर्ति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि भारत ने 100 से अधिक देशों को वैक्सीन की आपूर्ति की।

उन्होंने तकनीक के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर भी बात की। प्रधानमंत्री के मुताबिक, तकनीक का वास्तविक महत्व तभी है, जब उसका लाभ आम लोगों तक पहुंचे और वह समस्याओं के समाधान में मदद करे।

उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए देशों के बीच प्रतिस्पर्धा के साथ सहयोग और मानवीय दृष्टिकोण भी आवश्यक है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंथन के लिए जुटेंगे नेता और कारोबारी

ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में विभिन्न देशों के नेताओं, निवेशकों, उद्योगपतियों और तकनीकी विशेषज्ञों के शामिल होने की उम्मीद है। कार्यक्रम में वैश्विक अर्थव्यवस्था, निवेश, व्यापार, तकनीकी बदलाव और बदलते अंतरराष्ट्रीय आर्थिक समीकरणों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने भारत में इस आयोजन की मेजबानी को महत्वपूर्ण बताते हुए ब्लूमबर्ग और उनकी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत अपनी क्षमताओं और अनुभवों को अन्य देशों, विशेषकर ग्लोबल साउथ के साझेदारों के साथ साझा करना चाहता है।

फोरम के दौरान इस बात पर चर्चा होने की उम्मीद है कि तेजी से बदलती दुनिया में आर्थिक शक्ति के नए केंद्र कैसे उभर रहे हैं और तकनीक, ऊर्जा तथा निवेश भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था को किस तरह प्रभावित करेंगे।

प्रधानमंत्री के संबोधन में गरीबी उन्मूलन, डिजिटल व्यवस्था, स्टार्टअप, स्वच्छ ऊर्जा और वैश्विक सहयोग प्रमुख विषय रहे। उनके बयान भारत की आर्थिक प्रगति और अंतरराष्ट्रीय भूमिका को लेकर सरकार के दृष्टिकोण को सामने रखते हैं।

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