छह राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति, सुधा यादव समेत छह नामों पर मुहर
ओम प्रकाश माथुर को केरल, राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु की जिम्मेदारी; ढाल सिंह बिसेन उत्तराखंड और दुष्यंत गौतम सिक्किम के राज्यपाल नियुक्त
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने छह राज्यों में राज्यपालों की नई नियुक्तियों की घोषणा की है। इस फेरबदल में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और पूर्व सांसदों को संवैधानिक पदों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नियुक्त किए गए छह लोगों में डॉ. सुधा यादव भी शामिल हैं, जो इस सूची में एकमात्र महिला हैं।
घोषित नियुक्तियों के अनुसार, ओम प्रकाश माथुर को केरल, राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु, बृज मोहन राम को ओडिशा, डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक, डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाया गया है।
संगठन और राजनीति में लंबा अनुभव रखने वाले नेताओं को मिली जिम्मेदारी
1. ओम प्रकाश माथुर: संगठन के अनुभवी नेता
ओम प्रकाश माथुर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। उनका जन्म 2 जनवरी 1952 को राजस्थान के पाली जिले के बेड़ल गांव में हुआ था। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की। पार्टी संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां निभाने के साथ वह भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य भी रहे। जुलाई 2024 में उन्होंने सिक्किम के राज्यपाल का पद संभाला था। अब उन्हें केरल की जिम्मेदारी दी गई है।
2. राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर: विधानसभा अध्यक्ष से राज्यपाल तक का सफर
23 अप्रैल 1954 को गोवा के पणजी में जन्मे राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर का राजनीतिक अनुभव काफी व्यापक है। भाजपा से जुड़ने के बाद उन्होंने गोवा में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सहित कई पदों पर काम किया। वह गोवा विधानसभा के अध्यक्ष और राज्य सरकार में वन एवं पर्यावरण तथा पंचायती राज मंत्री भी रह चुके हैं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और बिहार के राज्यपाल के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। जनवरी 2025 में उन्होंने केरल के राज्यपाल का पद संभाला था। अब उन्हें तमिलनाडु भेजा गया है।
3. बृज मोहन राम: विधायक और सांसद के रूप में निभाई भूमिका
बृज मोहन राम भाजपा के नेता और पूर्व सांसद हैं। उनका जन्म 1 जनवरी 1958 को तत्कालीन बिहार के पलामू क्षेत्र में हुआ था, जो अब झारखंड का हिस्सा है। वह 1991 से 1995 तक बिहार विधानसभा के सदस्य रहे। इसके बाद 1996 से 2004 के बीच पलामू लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। अब उन्हें ओडिशा के राज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
4. डॉ. सुधा यादव: विज्ञान की पढ़ाई से राष्ट्रीय राजनीति तक
डॉ. सुधा यादव भाजपा की वरिष्ठ महिला नेताओं में शामिल हैं। उनका जन्म 16 अक्टूबर 1965 को हरियाणा के रेवाड़ी जिले में हुआ था। उन्होंने रसायन विज्ञान में एमएससी और पीएचडी की डिग्री प्राप्त की। वर्ष 1999 में वह महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट से सांसद चुनी गईं और 2004 तक इस पद पर रहीं। बाद में उन्होंने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग में सदस्य के रूप में काम किया। अगस्त 2022 में उन्हें भाजपा के संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया था। अब उन्हें कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
5. डॉ. ढाल सिंह बिसेन: मध्य प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहे
डॉ. ढाल सिंह बिसेन मध्य प्रदेश के भाजपा नेता हैं। उनका जन्म 14 मई 1952 को सिवनी जिले के पिपरिया में हुआ था। पेशे से चिकित्सक बिसेन चार बार मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे। उन्होंने 2003 से 2005 तक राज्य सरकार में मंत्री के रूप में भी काम किया। वर्ष 2019 में वह बालाघाट लोकसभा सीट से सांसद चुने गए और 2024 तक इस पद पर रहे। अब उन्हें उत्तराखंड का राज्यपाल बनाया गया है।
6. दुष्यंत गौतम: संगठन और चुनावी राजनीति का अनुभव
दुष्यंत कुमार गौतम भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद हैं। उन्होंने छात्र जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के साथ अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की और बाद में भाजपा में संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2020 में वह हरियाणा से राज्यसभा के लिए चुने गए और 2022 तक सांसद रहे। वह भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भी रह चुके हैं। अब उन्हें सिक्किम के राज्यपाल का दायित्व दिया गया है।
छह राज्यों में नई जिम्मेदारियां
इस नियुक्ति प्रक्रिया में राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव रखने वाले नेताओं को अलग-अलग राज्यों की संवैधानिक जिम्मेदारी दी गई है। नई नियुक्तियों के बाद केरल, तमिलनाडु, ओडिशा, कर्नाटक, उत्तराखंड और सिक्किम के राजभवनों में बदलाव होगा।
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