महर्षि नगर की रामलीला में श्रीराम जन्म से अहिल्या उद्धार तक का भावपूर्ण मंचन
नोएडा के सेक्टर-110 में रामलीला के दूसरे दिन ताड़का वध, सुबाहु वध और अहिल्या उद्धार के प्रसंगों ने दर्शकों को किया भावविभोर
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नोएडा। सेक्टर-110 स्थित महर्षि नगर में आयोजित दुर्गा पूजा एवं श्रीरामलीला महोत्सव में भक्ति, श्रद्धा और भारतीय संस्कृति की अनुपम छटा देखने को मिल रही है। महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार, 12 अक्टूबर को श्रीरामलीला में भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर अहिल्या उद्धार तक के प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया। श्रीराम जन्म, नामकरण संस्कार, महर्षि विश्वामित्र का अयोध्या आगमन, श्रीराम की शिक्षा-दीक्षा, ताड़का वध, सुबाहु वध और अहिल्या उद्धार के दृश्यों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
रामलीला के माध्यम से धर्म की स्थापना, अधर्म के विनाश, गुरु के प्रति सम्मान और जीवन में संस्कारों के महत्व को दर्शाया गया। भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप से लेकर ऋषि-मुनियों की रक्षा के लिए उनके पराक्रम तक की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को रामायण की गौरवशाली परंपरा से जोड़ा। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना रहा।
श्रीराम जन्म से शुरू हुआ मंचन
आयोजन के मीडिया प्रभारी ए.के. लाल ने बताया कि दूसरे दिन की रामलीला की शुरुआत भगवान श्रीराम के जन्म और नामकरण संस्कार के प्रसंग से हुई। इसके बाद महर्षि विश्वामित्र के अयोध्या आगमन तथा भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ ले जाने की कथा का मंचन किया गया।
गुरु विश्वामित्र के मार्गदर्शन में श्रीराम और लक्ष्मण के वन की ओर प्रस्थान तथा यज्ञ में बाधा डालने वाले राक्षसों के अत्याचारों के प्रसंग भी प्रस्तुत किए गए। ताड़का वध और सुबाहु वध के दृश्यों के जरिए भगवान श्रीराम के साहस, शौर्य और धर्म की रक्षा के संकल्प को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया।
अहिल्या उद्धार के प्रसंग ने दिया करुणा और आस्था का संदेश
रामलीला में अहिल्या उद्धार का प्रसंग विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस दृश्य के माध्यम से करुणा, आस्था और भगवान की कृपा का संदेश दिया गया। मंचन ने श्रद्धालुओं को प्रेरित किया कि सत्य, साहस और धर्म के मार्ग पर चलकर समाज में न्याय, सद्भाव और मानवीय मूल्यों को मजबूत किया जा सकता है।
आयोजकों के अनुसार, रामलीला का उद्देश्य केवल धार्मिक मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के जीवन, मर्यादा, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और आदर्शों से परिचित कराना भी है। ऐसे आयोजन बच्चों और युवाओं को भारतीय संस्कृति तथा रामायण की शिक्षाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
महर्षि संस्थान के अध्यक्ष सहित अनेक गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर महर्षि संस्थान के अध्यक्ष अजय प्रकाश श्रीवास्तव उपस्थित रहे। श्री दुर्गा पूजा, विजयादशमी एवं श्रीरामलीला महोत्सव के संयोजक रामेंद्र सचान के साथ विनोद श्रीवास्तव, विनीत श्रीवास्तव, शिशिर श्रीवास्तव, विनोद दीक्षित, एस.पी. गर्ग, मनोज श्रीवास्तव, एल.एस. सोम, लल्लन पाठक, दयाशंकर गुप्ता, राजेंद्र शुक्ला, अरुण चौबे, श्रीकांत ओझा, संतोष श्रीवास्तव, कमलेश यादव, रजनीश यादव, नरेश श्रीवास्तव, राजेंद्र खंतवाल और नरेंद्र सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में गेझा और भंगेल के निवासियों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। रामलीला के भावपूर्ण मंचन के बीच पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।
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