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2 नवंबर 2026 | भरोसेमंद खबरें, सीधे आपके शहर से
अंक: 02 Nov 2026
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पंजाब में AAP को बड़ा झटका, तीन विधायक BJP में शामिल: बोले- फिरौती की इंडस्ट्री चल रही, गैंगस्टर सरकार का हिस्सा बन गए

Rinku Yadav • • 8 मिनट पढ़ें
पंजाब में AAP को बड़ा झटका, तीन विधायक BJP में शामिल: बोले- फिरौती की इंडस्ट्री चल रही, गैंगस्टर सरकार का हिस्सा बन गए

कुंवर विजय प्रताप, चेतन जौड़ामाजरा और हरमीत पठानमाजरा ने दिल्ली में थामा भाजपा का दामन; दो विधायकों को विधानसभा स्पीकर ने 5 नवंबर को सुनवाई के लिए बुलाया, कुंवर का इस्तीफा मंजूर

अनप्लग इंडिया। डेस्क

अमृतसर/नई दिल्ली। पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के तीन प्रमुख नेता और विधायक रहे कुंवर विजय प्रताप सिंह, चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पंजाब भाजपा प्रभारी सतीश पूनिया और प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने तीनों का स्वागत किया।

भाजपा में शामिल होने के बाद तीनों नेताओं ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने राज्य में नशे, गैंगस्टरवाद, फिरौती, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए। अमृतसर नॉर्थ से विधायक रहे कुंवर विजय प्रताप सिंह ने कहा कि पंजाब में फिरौती एक इंडस्ट्री बन गई है और गैंगस्टर सरकार का हिस्सा बन चुके हैं। वहीं, हरमीत पठानमाजरा ने राज्य सरकार पर कर्ज बढ़ाने और चेतन जौड़ामाजरा ने स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए।

तीनों नेताओं के पार्टी छोड़ने का घटनाक्रम पिछले दो दिनों में सामने आया। रविवार को चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा ने AAP से इस्तीफा दिया था। सोमवार सुबह कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भी पार्टी छोड़ने के साथ पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद तीनों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

कुंवर विजय प्रताप बोले- पंजाब में फिरौती एक इंडस्ट्री बन गई

भाजपा में शामिल होने के बाद पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में नशे का कारोबार और गैंगस्टरवाद बढ़ रहा है। फिरौती वसूली एक इंडस्ट्री का रूप ले चुकी है।

कुंवर ने कहा कि वह पुलिस अधिकारी के रूप में गैंगस्टरों के खिलाफ अदालतों में गवाही दे रहे हैं। उनका आरोप है कि जिन गैंगस्टरों के खिलाफ वह कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं, उन्हें ही सरकार का हिस्सा बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे शर्मनाक स्थिति बताया।

उन्होंने कहा कि पंजाब बेरोजगारी और औद्योगिक संकट से जूझ रहा है। राज्य के लोग परेशान हैं और कर्ज लेकर काम चलाया जा रहा है। कुंवर के मुताबिक, पंजाब में फिर से शांति और खुशहाली बहाल करने की जरूरत है। उन्होंने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों को पंजाब के भविष्य के लिए बेहतर बताते हुए पार्टी में शामिल होने का फैसला लेने की बात कही।

पठानमाजरा का आरोप- AAP सरकार ने ढाई लाख करोड़ का कर्ज लिया

सनौर से विधायक रहे हरमीत सिंह पठानमाजरा ने AAP सरकार पर पंजाब को कर्ज के बोझ में डालने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने करीब ढाई लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। उनके मुताबिक, जब उन्होंने पंजाब के हितों से जुड़े मुद्दे उठाए तो उन्हें परेशान किया गया।

पठानमाजरा ने कहा कि जब आम आदमी पार्टी पंजाब में आई थी, तब उसके पास अच्छे विचार और बदलाव का एजेंडा था। लेकिन बाद में पार्टी के भीतर पंजाब के मुद्दों पर आवाज उठाने वाले नेताओं को किनारे किया जाने लगा।

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य पंजाब को नशे और भ्रष्टाचार से मुक्त कराना है। पठानमाजरा ने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह वहां गैंगस्टरवाद और गुंडागर्दी खत्म करने की बात कही जाती है, उसी तरह पंजाब में भी अपराध पर लगाम लगनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब के मुद्दों पर लगातार आवाज उठाई, लेकिन पार्टी ने उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया। उनके अनुसार, AAP ने कुंवर का इस्तेमाल करने के बाद उन्हें अकेला छोड़ दिया।

जौड़ामाजरा बोले- पंजाब में कब किसकी हत्या हो जाए, पता नहीं

समाना से विधायक रहे चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने राज्य की कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशा, गैंगस्टरवाद, चेन स्नैचिंग और लूटपाट की घटनाएं चिंता का विषय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हालात ऐसे हैं कि लोगों को यह पता नहीं होता कि कब और कहां कोई हत्या हो जाए।

जौड़ामाजरा ने नशे की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि एक ही परिवार के दो लोगों की 35 दिनों के भीतर नशे से मौत हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को दूध खरीदने के लिए घर से बाहर जाना पड़ता है, जबकि नशे की होम डिलीवरी हो रही है।

स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में उन्होंने दावा किया कि सरकार ने करीब 3,000 ग्रामीण डिस्पेंसरियां बंद कर 881 आम आदमी क्लिनिक खोले हैं। उन्होंने इसे स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के बजाय पुराने केंद्रों को बंद करने से जोड़कर देखा।

जौड़ामाजरा ने AAP सरकार पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ और कई बच्चों ने सरकारी स्कूल छोड़कर निजी स्कूलों में दाखिला लिया।

दो विधायकों को 5 नवंबर को स्पीकर ने बुलाया

तीनों नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद पंजाब विधानसभा में उनकी सदस्यता को लेकर भी कार्रवाई शुरू हो गई है। विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा को दलबदल विरोधी कानून के तहत 5 नवंबर को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है।

आम आदमी पार्टी ने इन दोनों विधायकों की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग उठाई है। पार्टी का कहना है कि दोनों को पहले ही कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निलंबित किया जा चुका था। स्पीकर ने कहा है कि दोनों का पक्ष सुनने के बाद सदस्यता के संबंध में फैसला किया जाएगा।

दूसरी ओर, कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भी विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था। स्पीकर ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इस तरह कुंवर की विधानसभा सदस्यता समाप्त हो चुकी है, जबकि चेतन और हरमीत की सदस्यता को लेकर स्पीकर के सामने प्रक्रिया जारी है।

कुंवर विजय प्रताप के AAP से पुराने मतभेद

कुंवर विजय प्रताप सिंह पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं। वह 2022 के विधानसभा चुनाव में अमृतसर नॉर्थ सीट से आम आदमी पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए थे। पार्टी में शामिल होने के बाद से ही उनके और नेतृत्व के बीच मतभेद सामने आते रहे।

कुंवर बेअदबी और बहबल कलां गोलीकांड से जुड़े मामलों में न्याय की मांग उठाते रहे। वह कई बार अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल कर चुके थे। जनवरी 2023 में उन्होंने विधानसभा की सरकारी आश्वासन कमेटी के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया था। जून 2025 में AAP ने उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पांच साल के लिए निलंबित कर दिया था।

सोमवार को उन्होंने पार्टी के पंजाब अध्यक्ष अमन अरोड़ा को पत्र भेजकर पार्टी के सभी पदों और जिम्मेदारियों से इस्तीफा देने की जानकारी दी। उन्होंने अपने इस्तीफे की प्रति पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी भेजी।

भाजपा ने कहा- पंजाब में तीन मुद्दों पर काम करेगी पार्टी

तीनों नेताओं को पार्टी में शामिल कराने के दौरान भाजपा के पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया ने कहा कि भाजपा राज्य में तीन ‘C’ यानी चिट्टा, करप्शन और क्राइम के खिलाफ काम कर रही है। उन्होंने नशे को पंजाब की बड़ी समस्याओं में से एक बताते हुए कहा कि इससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने तीनों नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि पार्टी उन्हें पूरा सम्मान और जिम्मेदारी देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब के लोगों से किए वादे पूरे नहीं किए और राज्य के लोगों के साथ धोखा हुआ है।

भाजपा नेताओं ने दावा किया कि पंजाब में पार्टी के पक्ष में माहौल बन रहा है और AAP के खिलाफ सत्ता विरोधी भावना बढ़ रही है। ये भाजपा नेताओं के राजनीतिक दावे हैं।

चौथे विधायक के पार्टी छोड़ने की चर्चा, डॉ. चरणजीत सिंह ने किया इनकार

तीन विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद चमकौर साहिब से AAP विधायक डॉ. चरणजीत सिंह के भी पार्टी छोड़ने की चर्चा शुरू हो गई। बताया गया कि पार्टी ने उनके विधानसभा क्षेत्र में पंजाब अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व चेयरमैन जसवीर गढ़ी को इंचार्ज बनाया है।

हालांकि, डॉ. चरणजीत सिंह ने इन चर्चाओं को खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह न तो आम आदमी पार्टी छोड़ रहे हैं और न ही निर्दलीय चुनाव लड़ने जा रहे हैं।

2027 के चुनाव से पहले पंजाब की राजनीति में बढ़ी हलचल

पंजाब में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले तीन नेताओं का भाजपा में जाना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। खास बात यह है कि इन नेताओं ने पार्टी छोड़ते समय सरकार की नीतियों, कानून-व्यवस्था, नशे और भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाए हैं।

अब दो विधायकों की विधानसभा सदस्यता पर स्पीकर के फैसले और भाजपा में शामिल हुए नेताओं की आगे की राजनीतिक भूमिका पर नजर रहेगी। वहीं, आम आदमी पार्टी के लिए यह घटनाक्रम अपने विधायकों के असंतोष और चुनाव से पहले संगठन को एकजुट रखने की चुनौती भी सामने लाता है।

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