एमिटी यूनिवर्सिटी में मनाया गया दिल्ली स्थापना दिवस, छात्रों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिखाई राजधानी की विरासत
डॉक्यूमेंट्री, पोस्टर, मॉडल और लघु नाटकों के जरिए सामने आया दिल्ली का ऐतिहासिक सफर; भाषण और क्विज प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नोएडा। एमिटी विश्वविद्यालय के नोएडा कैंपस में उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार दिल्ली स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य राजधानी दिल्ली की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और भौगोलिक विरासत से विद्यार्थियों को परिचित कराना था। इस दौरान दिल्ली के ऐतिहासिक विकास, विविध परंपराओं, उपलब्धियों और आधुनिक महानगर के रूप में उसके सफर को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ एमिटी विश्वविद्यालय के एडिशनल प्रो-वाइस चांसलर डॉ. संजीव बंसल, स्कूल ऑफ एजुकेशन के डीन डॉ. एसके श्रीवास्तव और डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. लक्ष्मी आहूजा ने किया।
दिल्ली देश की पहचान और गौरव का प्रतीक : डॉ. संजीव बंसल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. संजीव बंसल ने कहा कि दिल्ली प्राचीन काल से ही अपनी ऐतिहासिक विरासत, समृद्ध संस्कृति और विविधता के कारण देश के केंद्र में रही है। दिल्ली केवल भारत की राजधानी नहीं, बल्कि देश की पहचान और गौरव का प्रतीक भी है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को दिल्ली के इतिहास, संस्कृति और विकास की विस्तृत जानकारी देने के उद्देश्य से इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
पोस्टर, मॉडल और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दिखाई दिल्ली की झलक
आयोजन के दौरान दिल्ली की संस्कृति, विरासत और विकास पर आधारित डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई। विद्यार्थियों ने पोस्टर, मॉडल, चार्ट और अन्य रचनात्मक माध्यमों से राजधानी के विभिन्न पहलुओं को दर्शाया।
कार्यक्रम में नृत्य, संगीत और गीतों की प्रस्तुतियों के साथ दिल्ली की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं पर आधारित लघु नाटक भी मंचित किए गए। इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिता और क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें उन्होंने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर एमिटी विश्वविद्यालय के हॉस्टल की महानिदेशक डॉ. छाया चोरडिया, एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन की निदेशक डॉ. अलका मुद्गल सहित डॉ. शालिनी शर्मा, डॉ. महिमा गुप्ता और डॉ. अनिल सहरावत समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को दिल्ली की ऐतिहासिक पहचान, सांस्कृतिक विविधता और आधुनिक विकास यात्रा से जोड़ने का प्रयास किया गया।
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