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2 नवंबर 2026 | भरोसेमंद खबरें, सीधे आपके शहर से
अंक: 02 Nov 2026
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दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर 80 जवानों का प्रदर्शन: ACP और इंस्पेक्टर के तबादले से नाराजगी, बोले- कार्रवाई से गिरा पुलिस का मनोबल

Rinku Yadav • • 4 मिनट पढ़ें
दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर 80 जवानों का प्रदर्शन: ACP और इंस्पेक्टर के तबादले से नाराजगी, बोले- कार्रवाई से गिरा पुलिस का मनोबल

वकील से मारपीट के मामले में कार्रवाई के बाद बढ़ा पुलिसकर्मियों का विरोध, व्हाट्सएप ग्रुप पर संदेश भेजकर जुटे जवान; दोनों अधिकारियों की पुरानी तैनाती बहाल करने की मांग

अनप्लग इंडिया। डेस्क

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस में अधिकारियों के तबादले को लेकर सोमवार को असंतोष खुलकर सामने आ गया। ईस्ट दिल्ली में तैनात एक एसीपी और एक इंस्पेक्टर के ट्रांसफर के विरोध में करीब 80 पुलिसकर्मियों ने सोमवार सुबह दिल्ली पुलिस मुख्यालय के गेट नंबर-1 के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों ने तबादले की कार्रवाई को अनुचित बताते हुए दोनों अधिकारियों को उनकी पुरानी पोस्टिंग पर वापस भेजने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों ने मुख्यालय के बाहर नारेबाजी की। अचानक हुए इस विरोध प्रदर्शन से पुलिस मुख्यालय में हलचल मच गई। स्थिति को संभालने के लिए कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया।

डीसीपी ने जवानों से कहा- प्रदर्शनकारियों जैसा व्यवहार न करें

प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों को समझाने के लिए डीसीपी (नई दिल्ली) सचिन शर्मा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने एसीपी और अन्य पुलिसकर्मियों से कहा कि उन्हें प्रदर्शनकारियों की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए। डीसीपी ने सभी से पुलिस मुख्यालय के अंदर चलकर अपनी बात रखने का आग्रह किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे और अंदर जाने को तैयार नहीं हुए।

बताया गया कि पुलिसकर्मियों के बीच सोमवार सुबह मुख्यालय पहुंचने को लेकर दिल्ली पुलिस के व्हाट्सएप ग्रुप में संदेश भी साझा किए गए थे। इन संदेशों के जरिए अलग-अलग जिलों में तैनात पुलिसकर्मियों से एकजुट होकर दोनों अधिकारियों के समर्थन में पहुंचने की अपील की गई थी।

व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए जुटने की हुई थी अपील

मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी जिलों के डीसीपी और यूनिट प्रमुखों को भी निर्देश दिए गए थे कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पुलिस मुख्यालय पहुंचने से रोकें।

प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों की मांग थी कि जिन दो अधिकारियों का तबादला किया गया है, उन्हें वापस उनकी पुरानी तैनाती पर भेजा जाए। पुलिसकर्मियों का मानना था कि वकीलों के दबाव में की गई इस कार्रवाई से पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित हो सकता है।

वकील से मारपीट के बाद शुरू हुआ था विवाद

दरअसल, पूरा विवाद 23 अक्टूबर को शाहदरा पुलिस स्टेशन में हुई एक घटना से जुड़ा है। यहां हाथापाई के दौरान एक वकील के सिर पर गंभीर चोट लग गई थी। इस घटना के बाद जिला अदालत के वकीलों में नाराजगी फैल गई और उन्होंने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी।

वकीलों ने मामले में संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद गांधी नगर सब-डिवीजन में तैनात एसीपी वशिष्ठ और शाहदरा थाने के इंस्पेक्टर अरुण कुमार का तबादला कर दिया गया।

तबादले के बाद 28 अक्टूबर को वकीलों ने खत्म की थी हड़ताल

पुलिस अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी होने के बाद 28 अक्टूबर को जिला अदालत के वकीलों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली थी। हालांकि, इस कार्रवाई से दिल्ली पुलिस के कुछ कर्मचारियों में नाराजगी पैदा हो गई।

पुलिसकर्मी अब दोनों अधिकारियों के तबादले को लेकर अपनी आपत्ति पुलिस कमिश्नर के सामने रखना चाहते हैं। उनका कहना है कि किसी विवाद या घटना के बाद दबाव में अधिकारियों का तबादला करना पुलिस बल के मनोबल पर असर डाल सकता है।

फिलहाल इस विरोध प्रदर्शन ने दिल्ली पुलिस के भीतर अधिकारियों के तबादले और पुलिसकर्मियों के असंतोष को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।

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