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अंक: 12 Oct 2026
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गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने किया हवन, 2018 की किसान क्रांति यात्रा को किया याद

न्यूज़रूम डेस्क • • 3 मिनट पढ़ें
गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने किया हवन, 2018 की किसान क्रांति यात्रा को किया याद

गांधी जयंती पर 300 से अधिक किसान जुटे, पुलिस की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम आगामी आंदोलन को लेकर रणनीति बनाने की बात

अनप्लग इंडिया। डेस्क

गाजियाबाद। गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) से जुड़े 300 से अधिक किसान गाजीपुर बॉर्डर पर जुटे। किसानों ने यहां हवन कर 2018 की किसान क्रांति यात्रा के दौरान हुई घटनाओं को याद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा।

किसान नेताओं के मुताबिक, पिछले आठ वर्षों से 2 अक्टूबर को किसान क्रांति यात्रा की वर्षगांठ के अवसर पर गाजीपुर बॉर्डर पर कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस दौरान किसान हवन करते हैं और 2018 में आंदोलन के दौरान हुई कार्रवाई को याद करते हैं। किसान नेताओं ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाती रही है। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की ओर से आने वाले दिनों में आगामी कार्यक्रमों और आंदोलन की रणनीति की घोषणा किए जाने की बात भी कही गई।

2018 में गाजीपुर बॉर्डर पर हुआ था लाठीचार्ज

साल 2018 में भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में हजारों किसानों ने हरिद्वार से दिल्ली तक किसान क्रांति यात्रा निकाली थी। किसानों का उद्देश्य दिल्ली पहुंचकर महात्मा गांधी की समाधि पर अपनी मांगों को लेकर कार्यक्रम करना था। यात्रा के दौरान किसानों को गाजीपुर बॉर्डर पर रोक दिया गया था। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच टकराव की स्थिति बनी थी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया था और आंसू गैस के गोले छोड़े थे। घटना में कई किसानों के घायल होने की बात सामने आई थी। इसके बाद से भाकियू से जुड़े किसान हर वर्ष 2 अक्टूबर को गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचकर उस घटना और किसान क्रांति यात्रा की वर्षगांठ मनाते हैं।

पुलिस की मौजूदगी में हुआ हवन

किसान नेताओं के अनुसार, गाजीपुर बॉर्डर को किसान क्रांति आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण स्थल के रूप में याद किया जाता है। शुक्रवार को भी किसान यहां एकत्र हुए और हवन किया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल की तैनाती रही। भाकियू के गाजियाबाद जिलाध्यक्ष विजेंद्र सिंह ने कहा कि किसान 2018 की घटना को नहीं भूले हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष 2 अक्टूबर को किसान गाजीपुर बॉर्डर पहुंचकर उस आंदोलन को याद करते हैं। उनके मुताबिक, संगठन किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे भी अपनी गतिविधियां जारी रखेगा।

आगामी कार्यक्रमों की रणनीति पर चर्चा

विजेंद्र सिंह ने सरकार पर किसानों से किए गए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसान अब अपने मुद्दों को लेकर आगे की रणनीति तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राकेश टिकैत के नेतृत्व में आने वाले समय में किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर कार्यक्रम और आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा रही है। संगठन की ओर से आगामी कार्यक्रमों की घोषणा जल्द किए जाने की बात कही गई है।

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