मुंबई में CJP का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
SIR और मतदाता सूची को लेकर प्रदर्शनकारियों ने उठाए सवाल, CJP बोली- मुंबई सिर्फ शुरुआत, आगे दिल्ली में आंदोलन होगा
अनप्लग इंडिया। डेस्क
मुंबई/नई दिल्ली। गांधी जयंती के मौके पर शुक्रवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने प्रदर्शन किया। संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाए। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की।
CJP की ओर से आयोजित इस प्रदर्शन को लेकर मुंबई पुलिस ने पहले अनुमति नहीं दी थी और शिवाजी पार्क के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी। इसके बावजूद शुक्रवार को प्रदर्शन हुआ।
गांधी की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहनकर पहुंचे प्रदर्शनकारी
प्रदर्शन के दौरान मंच पर मौजूद CJP के कई सदस्य महात्मा गांधी की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहने नजर आए। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने संबोधन में गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर और जवाहरलाल नेहरू के योगदान का उल्लेख किया। दीपके ने कहा कि गांधी देश की आत्मा, आंबेडकर रीढ़ की हड्डी और नेहरू दिमाग हैं। उन्होंने कहा कि संगठन चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेगा।
CJP ने दिल्ली में फिर प्रदर्शन का ऐलान किया
CJP के मुताबिक, इससे पहले संगठन ने 19 जून से 25 जुलाई तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। 25 जुलाई को प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। हालांकि, प्रधान के इस्तीफे को CJP आंदोलन का परिणाम बताना संगठन का दावा है। मुंबई के प्रदर्शन के दौरान CJP ने संकेत दिया कि यदि उसकी मौजूदा मांगें पूरी नहीं होती हैं तो वह दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन को आगे बढ़ाएगी। संगठन ने मुंबई के प्रदर्शन को आंदोलन की अगली कड़ी बताया।
SIR को लेकर क्या है विवाद?
SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। इसे लेकर प्रदर्शनकारी मतदाता सूची में नामों को हटाए जाने और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े सवाल उठा रहे हैं। CJP ने इसी मुद्दे को अपने प्रदर्शन का प्रमुख आधार बनाया है। वहीं, चुनाव आयोग से जुड़े विवादों में आयोग की ओर से निर्णय प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों पर अलग-अलग मौकों पर स्पष्टीकरण दिए गए हैं। इसलिए प्रदर्शनकारियों के आरोपों को स्थापित तथ्य के बजाय उनके दावे के रूप में देखना जरूरी है।
राहुल गांधी ने भी प्रदर्शन का समर्थन किया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दिल्ली समेत विभिन्न स्थानों पर हो रहे प्रदर्शनों का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि हजारों युवा वोट चोरी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और उनकी मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी सरकार पर आरोप लगाए।
प्रदर्शन के दौरान 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत
मुंबई पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे 75 वर्षीय गोपालकृष्ण सुब्बैया पिल्लई की तबीयत बिगड़ गई। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने सीने में तेज दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उनकी मौत की पुष्टि की। प्रारंभिक जानकारी में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है।
मुंबई में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात
प्रदर्शन को देखते हुए शिवाजी पार्क और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था और इलाके में आने-जाने वालों पर निगरानी रखी गई।
“बापू ने सच बोलने और शांति से लड़ने की सीख दी थी, और यही बात सरकार को सबसे ज्यादा डराती है। लाठी से भीड़ रोकी जा सकती है, सवाल नहीं। ज्ञानेश कुमार जाएंगे, और जिस सिस्टम ने उन्हें बैठाया है, वह भी जाएगा।”
— राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा
नोट: इस खबर में CJP और राहुल गांधी द्वारा लगाए गए चुनावी प्रक्रिया संबंधी आरोपों को उनके बयानों के रूप में प्रस्तुत किया गया है; उन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं लिखा गया है।
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