आकाश आनंद का अखिलेश पर निशाना- सपा को बताया भाजपा की B-टीम, बोले- डबल इंजन सरकार तेल ज्यादा पीती है
सहारनपुर की जनसभा में बसपा नेता ने भाजपा और सपा दोनों को घेरा; बेरोजगारी, स्कूल बंद होने, पेपर लीक और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर उठाए सवाल
अनप्लग इंडिया। डेस्क
सहारनपुर। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने सोमवार को सहारनपुर में आयोजित जनसभा के दौरान भाजपा और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सपा को भाजपा की ‘बी-टीम’ बताते हुए पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की राजनीतिक दिशा पर सवाल उठाए। वहीं, प्रदेश की भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार तेल ज्यादा पीती है।
आकाश आनंद ने आरोप लगाया कि सपा और भाजपा की सरकारों के कार्यकाल में प्रदेश की जनता को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि जनता को सरकार से सुरक्षा, रोजगार और बेहतर शिक्षा चाहिए, लेकिन इन तीनों मोर्चों पर सरकार अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही है।
अखिलेश यादव की राजनीति पर उठाए सवाल
आकाश आनंद ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक दिशा स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि कभी PDA के नाम पर पंडितों की बात होती है तो कभी पिछड़े वर्गों की। उनके मुताबिक, जो नेता खुद अपनी राजनीतिक दिशा तय नहीं कर पा रहा, वह समाज को क्या दिशा देगा?
बसपा नेता ने सपा को भाजपा की बी-टीम बताते हुए भाजपा के राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी के बेटे धनराज नाथवानी को टिकट दिए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने अखिलेश यादव को अपना दोस्त बताते हुए कहा था कि वे समय-समय पर उनकी मदद करते रहते हैं।
भाजपा सरकार पर कसा तंज, बोले- तेल ज्यादा पीती है डबल इंजन सरकार
आकाश आनंद ने भाजपा सरकार के विकास कार्यों और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नोएडा से आगरा तक एक्सप्रेसवे बनने के बाद दूसरे एक्सप्रेसवे बनाने की कोशिश हुई, लेकिन नकल करने के लिए भी अक्ल की जरूरत होती है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 16 साल बाद भी पुराना एक्सप्रेसवे बिना गड्ढों के खड़ा है, जबकि भाजपा की डबल इंजन सरकार तेल ज्यादा पीती है।
25 हजार स्कूल बंद होने और शिक्षकों की भर्ती का मुद्दा उठाया
बसपा नेता ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में उत्तर प्रदेश में करीब 25 हजार सरकारी स्कूल बंद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में गरीब और वंचित वर्गों के बच्चे पढ़ते हैं। ऐसे में स्कूलों का बंद होना उनके भविष्य को प्रभावित करता है।
आकाश आनंद ने शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश में डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों की भर्ती अब तक पूरी नहीं हुई है। उन्होंने सवाल किया कि जब सरकार को स्कूलों में शिक्षकों की कमी का पता है तो खाली पदों पर भर्ती क्यों नहीं की जा रही?
’10 हजार के राशन से बेहतर 30 हजार की नौकरी’
आकाश आनंद ने मुफ्त राशन योजना को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोगों को राशन देना जरूरी हो सकता है, लेकिन इससे युवाओं का भविष्य नहीं बन सकता। एक सरकारी चपरासी को भी महीने में करीब 30 हजार रुपये वेतन मिल सकता है, जबकि सरकार लोगों को मुफ्त राशन के सहारे रखने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार के अवसर देने चाहिए। केवल मुफ्त राशन या भत्ते से परिवारों और युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता।
AI के दौर में युवाओं को ट्रेनिंग देने पर सवाल
बसपा नेता ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि AI से कामकाज आसान हुआ है, लेकिन इसके कारण कई क्षेत्रों में नौकरियों पर भी खतरा बढ़ रहा है।
उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार से सवाल किया कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्गों के युवाओं को AI की पढ़ाई और प्रशिक्षण देने के लिए क्या व्यवस्था की गई है, ताकि वे बदलती तकनीक के दौर में रोजगार के नए अवसर हासिल कर सकें।
पेपर लीक और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा
आकाश आनंद ने भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को रोजगार देने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि यदि परीक्षाओं की व्यवस्था मजबूत हो और पेपर लीक रोके जाएं तो युवाओं को समय पर नौकरी मिल सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास परीक्षाओं की व्यवस्था सुधारने के लिए पर्याप्त इच्छाशक्ति नहीं है। युवाओं को रोजगार के लिए लगातार इंतजार करना पड़ रहा है।
हत्या के मामलों और कानून-व्यवस्था पर भी सवाल
आकाश आनंद ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि हत्या के दर्ज मामलों में प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। उन्होंने कहा कि सरकार खुद को ‘एनकाउंटर वाली सरकार’ बताती है, लेकिन अपराध के आंकड़े उसके दावों पर सवाल खड़े करते हैं।
उन्होंने भाजपा और सपा दोनों के शासनकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की जनता को सुरक्षा मिलनी चाहिए, लेकिन दोनों सरकारों के कार्यकाल में जंगलराज जैसी स्थिति देखने को मिली।
विज्ञापनों पर 7 हजार करोड़ खर्च करने का दावा
बसपा नेता ने भाजपा सरकार के विज्ञापन खर्च पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में सरकार ने ‘विकसित और सुरक्षित उत्तर प्रदेश’ की छवि पेश करने वाले विज्ञापनों पर 7 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं।
उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स का पैसा विज्ञापनों पर खर्च करने के बजाय शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने पर लगाया जाना चाहिए था।
बोले- हर समाज के लोग बसपा के साथ
जनसभा में आकाश आनंद ने बसपा के सामाजिक आधार का जिक्र करते हुए कहा कि गुर्जर हों या जाट, हर समाज के लोग बहुजन समाज पार्टी के आंदोलन से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि बसपा सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है और बहन मायावती को विभिन्न समाजों के लोग अपना नेता मानते हैं।
आकाश आनंद ने सपा और कांग्रेस पर भी संविधान के नाम पर बहुजन समाज से वोट लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को केवल चुनाव के समय संविधान की बात करने के बजाय समाज के हित में ठोस काम करना चाहिए।
यह भी पढ़ें