स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर अखिलेश यादव ने बनाई दूरी, बोले- हमारे गठबंधन का हिस्सा नहीं; 2027 में भाजपा से ज्यादा महिलाओं को टिकट देगी सपा
लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मौर्य के सवाल पर नाराज दिखे सपा प्रमुख, MLC चुनाव के नतीजों को बताया जनता के समर्थन का संकेत; EVM की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग भी दोहराई
अनप्लग इंडिया। डेस्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश ने साफ कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य समाजवादी पार्टी के गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं। इस संबंध में सवाल पूछे जाने पर वह नाराज नजर आए और मीडिया से इस मुद्दे को नजरअंदाज करने की बात कही।
अखिलेश यादव ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य उनकी पार्टी की सीटों और गठबंधन का हिस्सा नहीं हो सकते। उन्होंने कहा, “अवॉइड करो, इग्नोर करो, चुप रहो।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर महिलाओं की भागीदारी पर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि 2027 के चुनाव में समाजवादी पार्टी भाजपा की तुलना में अधिक महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारेगी। इसके अलावा उन्होंने हालिया विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर भाजपा पर निशाना साधा और चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने INDIA गठबंधन में शामिल होने का किया था ऐलान
स्वामी प्रसाद मौर्य ने 3 अक्टूबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात के बाद INDIA गठबंधन में शामिल होने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि गठबंधन के तहत कितनी सीटों पर चुनाव लड़ना है, इसका फैसला बाद में बातचीत से किया जाएगा।
मौर्य ने राहुल गांधी को देश का अगला प्रधानमंत्री बनाने की इच्छा भी जताई थी। हालांकि, अब अखिलेश यादव के ताजा बयान से समाजवादी पार्टी और स्वामी प्रसाद मौर्य के बीच राजनीतिक दूरी एक बार फिर सामने आ गई है।
रामचरितमानस विवाद के बाद सपा से अलग हुए थे मौर्य
स्वामी प्रसाद मौर्य और समाजवादी पार्टी के बीच मतभेद की शुरुआत उनके विवादित बयानों के बाद बढ़ी थी। रामचरितमानस और अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर उनकी टिप्पणियों पर पार्टी के भीतर विरोध हुआ था।
मौर्य ने उस समय पार्टी नेतृत्व पर समाजवादी विचारधारा से दूर जाने और उनके खिलाफ उठी आवाजों पर चुप रहने का आरोप लगाया था।
13 फरवरी 2024 को उन्होंने सपा के राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दिया। इसके बाद 20 फरवरी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और विधान परिषद की सदस्यता भी छोड़ दी। 22 फरवरी 2024 को उन्होंने अपनी अलग पार्टी राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी का गठन किया।
2027 में महिलाओं को ज्यादा टिकट देने का ऐलान
अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में महिलाओं को भाजपा से अधिक टिकट देगी।
उन्होंने महिला आरक्षण कानून के क्रियान्वयन में देरी पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि जब संसद में महिला आरक्षण से जुड़ा कानून पारित हो चुका है तो इसे लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
अखिलेश ने दावा किया कि हालिया विधान परिषद चुनाव में महिला शिक्षकों और पढ़े-लिखे मतदाताओं ने भाजपा के खिलाफ मतदान किया। उन्होंने इसे सरकार के प्रति जनता की नाराजगी से जोड़कर पेश किया।
MLC चुनाव के नतीजों पर भाजपा को घेरा
विधान परिषद चुनाव के परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव के नतीजों ने सत्तारूढ़ दल को उसकी स्थिति का एहसास करा दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने कुछ सीटें चुनावी जोड़तोड़ और अनियमितताओं के जरिए हासिल की हैं। अखिलेश के मुताबिक, समाजवादी पार्टी को जनता का समर्थन मिला है और उसके कार्यकर्ताओं ने विपरीत परिस्थितियों में भी मजबूती से मुकाबला किया।
उन्होंने कहा कि चुनाव में जीतने वाले सपा प्रत्याशियों और पार्टी का समर्थन करने वाले मतदाताओं का वह आभार व्यक्त करते हैं।
EVM के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
अखिलेश यादव ने एक बार फिर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के स्थान पर बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग दोहराई।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी अगर सभी 80 लोकसभा सीटें भी जीत जाए, तब भी उनकी पार्टी बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग जारी रखेगी।
उन्होंने अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों का उदाहरण देते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के भरोसे को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही फर्जी मतदान रोकने के लिए बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन लागू करने की मांग भी की।
26 हजार स्कूल बंद होने और पेपर लीक का भी उठाया मुद्दा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और रोजगार के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में करीब 26 हजार प्राथमिक विद्यालय बंद किए गए हैं और 20 से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं।
उन्होंने सरकार पर युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाया। चुनाव के दौरान बायोमैट्रिक सत्यापन अनिवार्य करने की मांग भी दोहराई।
सपा के नवनिर्वाचित MLC ने भी लगाए आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान समाजवादी पार्टी के नवनिर्वाचित विधान परिषद सदस्यों ने भी चुनाव के अनुभव साझा किए।
इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक सीट से निर्वाचित डॉ. मान सिंह यादव ने दावा किया कि प्रशासनिक दबाव के बावजूद पार्टी कार्यकर्ताओं की रणनीति सफल रही। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की बात भी कही।
आगरा खंड शिक्षक सीट से निर्वाचित आकाश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी नहीं होती तो पार्टी पांच के बजाय आठ सीटें जीत सकती थी।
वहीं, वाराणसी खंड शिक्षक सीट से निर्वाचित लाल बिहारी यादव ने आरोप लगाया कि मतदान से एक दिन पहले पुलिस ने उनके समर्थकों और पार्टी पदाधिकारियों के घरों पर छापेमारी की थी।
अखिलेश यादव ने इन सभी नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी।
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