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केंद्र सरकार ने DA में 3% बढ़ोतरी को दी मंजूरी, अब 63% हुआ महंगाई भत्ता, 48 लाख कर्मचारी और 68 लाख पेंशनर्स होंगे लाभान्वित
कैबिनेट बैठक में 28 अक्टूबर को लिया गया फैसला, 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी नई दरें; ₹18,000 बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों को हर महीने ₹540 ज्यादा मिलेंगे, सरकार पर करीब ₹10 हजार करोड़ का अतिरिक्त खर्च
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत देते हुए महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। मंगलवार, 28 अक्टूबर 2026 को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस बढ़ोतरी को मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा। नई दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी।
इस फैसले से लगभग 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलने की बात कही गई है। कर्मचारियों को उनके मूल वेतन के आधार पर हर महीने अतिरिक्त राशि मिलेगी, जबकि पेंशनभोगियों को महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी का फायदा होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इस निर्णय से सरकारी खजाने पर करीब 10 हजार करोड़ रुपये का वित्तीय भार पड़ेगा।
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जब कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के घरेलू बजट पर रोजमर्रा की वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों का असर पड़ता है। हालांकि, किसी कर्मचारी की वास्तविक वेतन वृद्धि उसके मूल वेतन और लागू सेवा नियमों के अनुसार तय होगी।
60% से बढ़कर 63% हुआ महंगाई भत्ता
महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों को बढ़ती कीमतों के प्रभाव से राहत देने के लिए दिया जाता है। इसकी गणना मूल वेतन के प्रतिशत के रूप में की जाती है। जब DA की दर बढ़ती है, तो कर्मचारी के मूल वेतन पर मिलने वाली महंगाई भत्ते की राशि भी बढ़ जाती है।
दी गई रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले अप्रैल 2026 में महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद DA की दर 60 प्रतिशत हो गई थी। अब 3 प्रतिशत की ताजा बढ़ोतरी के बाद यह 63 प्रतिशत हो जाएगी।
इसका मतलब है कि कर्मचारी को मूल वेतन के प्रत्येक ₹1,000 पर पहले के मुकाबले ₹30 अतिरिक्त महंगाई भत्ता मिलेगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन ₹18,000 है, तो 60 प्रतिशत DA की दर पर उसे ₹10,800 महंगाई भत्ता मिलता है। 63 प्रतिशत की दर लागू होने पर यह राशि ₹11,340 हो जाएगी। इस तरह मासिक महंगाई भत्ते में ₹540 की बढ़ोतरी होगी।
₹18,000 बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी को हर महीने ₹540 अतिरिक्त
DA में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का सीधा असर कर्मचारियों की मासिक आय पर पड़ेगा। अतिरिक्त राशि की गणना मूल वेतन पर 3 प्रतिशत के हिसाब से की जाती है।
उदाहरण के तौर पर:
- ₹18,000 मूल वेतन: हर महीने ₹540 अतिरिक्त।
- ₹29,200 मूल वेतन: हर महीने ₹876 अतिरिक्त।
- ₹56,100 मूल वेतन: हर महीने ₹1,683 अतिरिक्त।
- ₹75,000 मूल वेतन: हर महीने ₹2,250 अतिरिक्त।
ये उदाहरण केवल DA में 3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी के आधार पर हैं। वास्तविक वेतन पर्ची में अन्य भत्तों, कटौतियों और लागू नियमों के कारण कुल भुगतान अलग हो सकता है।
कर्मचारियों के लिए यह बढ़ोतरी हर महीने मिलने वाली राशि में इजाफा करेगी। जिन कर्मचारियों का मूल वेतन अधिक है, उन्हें रुपये के हिसाब से अतिरिक्त DA भी अधिक मिलेगा।
1 जुलाई से लागू होने पर मिलेगा एरियर
रिपोर्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक, नई दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी। ऐसे में यदि बढ़ोतरी की घोषणा के बाद भुगतान किया जाता है, तो पात्र कर्मचारियों को प्रभावी तारीख से भुगतान की अवधि तक का बकाया यानी एरियर मिल सकता है।
उदाहरण के लिए, ₹18,000 मूल वेतन वाले कर्मचारी को 3 प्रतिशत अतिरिक्त DA के आधार पर हर महीने ₹540 अधिक मिलेंगे। यदि तीन महीने का बकाया बनता है, तो यह राशि ₹1,620 होगी। इसी तरह, ₹56,100 मूल वेतन वाले कर्मचारी के लिए तीन महीने का संभावित बकाया ₹5,049 होगा।
हालांकि, एरियर की वास्तविक राशि इस बात पर निर्भर करेगी कि भुगतान किस महीने में किया जाता है, कर्मचारी कितनी अवधि के लिए पात्र है और सरकार के आदेश में भुगतान को लेकर क्या प्रावधान दिए गए हैं।
68 लाख पेंशनभोगियों को भी मिलेगा लाभ
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के साथ पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत यानी Dearness Relief (DR) भी महत्वपूर्ण है। DA जहां सेवारत कर्मचारियों के मूल वेतन पर लागू होता है, वहीं DR पात्र पेंशनभोगियों की मूल पेंशन के आधार पर निर्धारित होता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस फैसले से करीब 68 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। यदि DR में भी 3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी लागू होती है, तो पेंशनभोगियों की मासिक पेंशन में उनकी मूल पेंशन के अनुसार इजाफा होगा।
उदाहरण के लिए, ₹20,000 की मूल पेंशन पर 3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी का अंतर ₹600 प्रति माह होगा। ₹30,000 की मूल पेंशन पर यह अंतर ₹900 प्रति माह होगा। वास्तविक भुगतान संबंधित सरकारी आदेश और पात्रता के नियमों के अनुसार तय होगा।
पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत का उद्देश्य बढ़ती कीमतों के बीच नियमित आय की क्रय शक्ति को बनाए रखने में मदद करना है।
सरकार पर पड़ेगा करीब ₹10 हजार करोड़ का वित्तीय भार
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की बड़ी संख्या को देखते हुए DA और DR में बढ़ोतरी का असर सरकारी खर्च पर भी पड़ता है। रिपोर्ट में इस फैसले से लगभग ₹10 हजार करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने की बात कही गई है।
इस खर्च में कर्मचारियों को मिलने वाला अतिरिक्त महंगाई भत्ता और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत शामिल हो सकती है। वास्तविक वित्तीय प्रभाव भुगतान की अवधि, पात्र कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की संख्या तथा लागू नियमों के आधार पर निर्धारित होगा।
एक ओर बढ़ोतरी से पात्र लोगों की नियमित आय में इजाफा होता है, वहीं दूसरी ओर सरकार के वेतन और पेंशन संबंधी खर्च में भी वृद्धि होती है।
साल में दो बार संशोधित होता है DA और DR
केंद्र सरकार आमतौर पर कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और पेंशनभोगियों की महंगाई राहत की दरों में साल में दो बार संशोधन करती है। ये संशोधन सामान्यतः जनवरी और जुलाई से प्रभावी होते हैं। हालांकि, घोषणा और भुगतान की प्रक्रिया बाद में पूरी हो सकती है।
महंगाई भत्ते की गणना में औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी All India Consumer Price Index for Industrial Workers (AICPI-IW) के आंकड़ों और निर्धारित फॉर्मूले की भूमिका होती है। इस सूचकांक के माध्यम से कीमतों में होने वाले बदलावों का आकलन किया जाता है।
DA की दर बढ़ाने का उद्देश्य महंगाई के प्रभाव को कम करने में कर्मचारियों की मदद करना है। इसी तरह DR पेंशनभोगियों को उनकी नियमित पेंशन के माध्यम से राहत देने का एक तरीका है।
कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अब भुगतान संबंधी जानकारी का इंतजार
महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की खबर से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच यह जानने की उत्सुकता है कि बढ़ी हुई राशि वेतन या पेंशन में कब दिखाई देगी और एरियर का भुगतान किस तरह होगा।
यदि नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू की जाती हैं, तो पात्र लोगों को प्रभावी तारीख से बनने वाला बकाया भी मिल सकता है। हालांकि, भुगतान की सही तारीख, एरियर की अवधि और अन्य शर्तों की जानकारी संबंधित आधिकारिक आदेश से ही स्पष्ट होगी।
कर्मचारियों के लिए बढ़ोतरी का वास्तविक लाभ उनके मूल वेतन पर निर्भर करेगा, जबकि पेंशनभोगियों के मामले में मूल पेंशन और लागू महंगाई राहत की दर अहम होगी।
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