जेल से बाहर आते ही आजम खान गिरफ्तार, गेट पर पहुंची ED: 11 महीने बाद मिली रिहाई कुछ ही देर में फिर हिरासत में; बोले- मुसलमान होने की सजा मिल रही
बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ रामपुर जेल से निकले सपा नेता, ईडी की टीम ने बाहर ही लिया हिरासत में; जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के मामले में कार्रवाई
अनप्लग इंडिया। डेस्क
रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान के लिए शनिवार का दिन कानूनी उतार-चढ़ाव से भरा रहा। करीब 11 महीने बाद रामपुर जिला जेल से बाहर निकले आजम खान को जेल के मुख्य द्वार पर ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। उनके साथ जेल से बाहर आए बेटे अब्दुल्ला आजम को रिहा कर दिया गया और वह अपने घर चले गए।
जेल से बाहर निकलने के बाद आजम खान और ईडी अधिकारियों के बीच काफी देर तक बातचीत और बहस हुई। इसके बाद ईडी की टीम उन्हें अपने साथ वाहन में लेकर रवाना हो गई। कार्रवाई के दौरान जेल के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, ईडी की टीम आजम खान की रिहाई से कुछ समय पहले ही जेल परिसर में पहुंच गई थी। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान भी मौके पर तैनात थे।
‘यह मुसलमान होने की सजा है’, आजम खान का भावुक बयान
जेल से बाहर निकलते ही ईडी की कार्रवाई का सामना करने वाले आजम खान ने भावुक अंदाज में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, ‘अब कहने को क्या है? यह मुसलमान होने की सजा है। गलती यह है कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई। यह हमारा गुनाह है।’
आजम खान ने इस दौरान आसमान की तरफ हाथ उठाकर इशारा भी किया। उनके इस बयान और हावभाव की चर्चा जेल के बाहर मौजूद लोगों के बीच रही।
हाईकोर्ट से मिली थी राहत, सजा निलंबित कर जमानत मंजूर
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को 29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट से दो पैन कार्ड मामले में राहत मिली थी। न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकल पीठ ने दोनों की सजा निलंबित करते हुए जमानत मंजूर कर ली थी।
यह मामला अब्दुल्ला आजम के कथित तौर पर दो पैन कार्ड रखने से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि दोनों पैन कार्ड में जन्मतिथि अलग-अलग दर्ज थी और उनका इस्तेमाल दस्तावेजों में किया गया। इसी मामले में आजम खान और उनके बेटे को निचली अदालत से सजा सुनाई गई थी।
हालांकि, हाईकोर्ट ने दोनों की दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की। इसका मतलब है कि जमानत और सजा निलंबन के बावजूद मामले में उनकी दोषसिद्धि बरकरार है। हाईकोर्ट में उनकी आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाओं पर आगे सुनवाई होनी है।
जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में ईडी की जांच
आजम खान की गिरफ्तारी का संबंध जौहर यूनिवर्सिटी और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले से बताया जा रहा है। ईडी इस मामले में धन के स्रोत, ट्रस्ट को मिले चंदे, निर्माण कार्यों में इस्तेमाल हुई रकम और सरकारी ठेकों से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।
ईडी ने अक्टूबर में रामपुर जेल में आजम खान से कई घंटे पूछताछ भी की थी। एजेंसी की जांच में आरोप लगाया गया है कि सरकारी कार्यों के लिए आवंटित धन और निर्माण सामग्री का इस्तेमाल विश्वविद्यालय परिसर के निर्माण में किया गया। एजेंसी का यह भी दावा है कि सरकारी ठेके हासिल करने वाले कुछ ठेकेदारों से रकम ट्रस्ट को चंदे के रूप में पहुंचाई गई।
इन आरोपों की जांच अभी जारी है। इन्हें अदालत में साबित होना बाकी है।
जौहर यूनिवर्सिटी की 426.46 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच
ईडी ने 28 अक्टूबर को जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और भवनों को धनशोधन जांच के तहत अटैच करने की कार्रवाई की थी। एजेंसी के मुताबिक, अटैच की गई संपत्तियों का मूल्य 426.46 करोड़ रुपये आंका गया है, जबकि उनका मौजूदा बाजार मूल्य लगभग 1,170 करोड़ रुपये बताया गया है।
ईडी की कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, उसके संस्थापक आजम खान और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ चल रही जांच का हिस्सा है। एजेंसी ने इस मामले में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और वित्तीय लेनदेन की जांच तेज कर दी है।
बेटे अब्दुल्ला आजम घर पहुंचे, आजम के सामने नई कानूनी चुनौती
हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद आजम खान और अब्दुल्ला आजम की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हुआ था, लेकिन आजम खान के खिलाफ दूसरे मामले की कार्रवाई ने स्थिति बदल दी। अब्दुल्ला आजम जेल से बाहर आने के बाद घर चले गए, जबकि आजम खान को ईडी अपने साथ ले गई।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर आजम खान की कानूनी मुश्किलों को चर्चा में ला दिया है। दो पैन कार्ड मामले में मिली जमानत का अर्थ अन्य मामलों से स्वतः राहत मिलना नहीं है। जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें अलग से अदालत का सामना करना पड़ सकता है।
अब इस मामले में ईडी की अगली कार्रवाई और अदालत में होने वाली सुनवाई पर नजर रहेगी।
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