तनाव से शांति की ओर: मनोविकास चैरिटेबल सोसाइटी में भावातीत ध्यान और योग सत्र का आयोजन
कर्मचारियों और विद्यार्थियों को सिखाए गए तनाव प्रबंधन के तरीके, योग-प्राणायाम के साथ महर्षि महेश योगी की शिक्षाओं से कराया गया परिचित
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नई दिल्ली। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को तनाव प्रबंधन के व्यावहारिक तरीकों से परिचित कराने के उद्देश्य से स्पिरिचुअल रीजनरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया की ओर से मनोविकास चैरिटेबल सोसाइटी में भावातीत ध्यान, योग एवं प्राणायाम पर परिचयात्मक सत्र आयोजित किया गया। 28 अक्टूबर 2026 को आयोजित यह कार्यक्रम फाउंडेशन की ‘तनाव से शांति की ओर’ पहल के अंतर्गत हुआ। इसमें संस्थान के कर्मचारियों और डिप्लोमा पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व से परिचित कराना था। सत्र में ध्यान और योग के माध्यम से तनाव प्रबंधन के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी गई।
समावेशी शिक्षा और पुनर्वास के क्षेत्र में काम करता है संस्थान
मनोविकास चैरिटेबल सोसाइटी एक समावेशी शैक्षणिक एवं पुनर्वास संस्थान है। यह संस्था बौद्धिक एवं विकासात्मक दिव्यांगताओं से जुड़े व्यक्तियों और उनके परिवारों की शिक्षा, सहयोग तथा सशक्तीकरण के लिए काम करती है।
इसी पृष्ठभूमि में आयोजित इस कार्यक्रम में कर्मचारियों और विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य तथा व्यक्तिगत कल्याण के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया। आयोजकों के अनुसार, मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ उसके सामाजिक व्यवहार को भी प्रभावित करते हैं।
भावातीत ध्यान की सरल तकनीक से कराया परिचित
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को भावातीत ध्यान (Transcendental Meditation) की सरल एवं सहज तकनीक के बारे में बताया गया। इसके साथ ही योग और प्राणायाम के विभिन्न अभ्यासों की जानकारी दी गई, जिनका उद्देश्य शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
सत्र में प्रतिभागियों को महर्षि महेश योगी के जीवन, उनकी शिक्षाओं और ध्यान को लेकर उनके विचारों से परिचित कराने के लिए एक वीडियो व्याख्यान भी दिखाया गया। इसके अतिरिक्त भावातीत ध्यान का अभ्यास करने वाले लोगों के अनुभवों और उससे जुड़े लाभों पर आधारित कुछ प्रशंसापत्र भी प्रस्तुत किए गए।
महर्षि महेश योगी के विचारों से प्रेरित है पहल
‘तनाव से शांति की ओर’ अभियान महर्षि महेश योगी के उस विचार से प्रेरित है, जिसमें व्यक्ति के भीतर शांति और संतुलन विकसित करने के माध्यम से समाज में शांति एवं सद्भाव स्थापित करने पर जोर दिया गया है।
महर्षि महेश योगी का मानना था कि जब व्यक्ति अपने भीतर शांति और संतुलन का अनुभव करता है, तो वह अपने जीवन और समाज में अधिक सकारात्मक योगदान दे सकता है। भावातीत ध्यान के माध्यम से उन्होंने व्यक्तिगत विकास और विश्व शांति का संदेश व्यापक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया।
ध्यान और योग विशेषज्ञों ने दी जानकारी
कार्यक्रम में भावातीत ध्यान के शिक्षकों विजय उप्पल और पूजा वशिष्ठ ने ध्यान से संबंधित जानकारी साझा की। स्पिरिचुअल रीजनरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया की ओर से अभिलाषा नंदल और आलोक शर्मा भी उपस्थित रहे।
योग सत्र का संचालन मुकुल त्यागी ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को योग एवं प्राणायाम से जुड़े अभ्यासों की जानकारी दी।
मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल
आयोजकों के अनुसार, ‘तनाव से शांति की ओर’ पहल का उद्देश्य विभिन्न समुदायों तक मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और समग्र कल्याण से संबंधित जागरूकता पहुंचाना है।
मनोविकास चैरिटेबल सोसाइटी में आयोजित यह कार्यक्रम इसी दिशा में एक प्रयास रहा। इसके माध्यम से कर्मचारियों और विद्यार्थियों को आत्मिक शांति, भावनात्मक संतुलन तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व से परिचित कराया गया। पहल का व्यापक उद्देश्य एक अधिक स्वस्थ, संतुलित और समावेशी समाज के निर्माण में योगदान देना है।
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