नोएडा मेट्रो का बड़ा विस्तार: बॉटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक नई लाइन, बोड़ाकी तक भी पहुंचेगी मेट्रो
11.56 किमी के कॉरिडोर में बनेंगे 8 स्टेशन, डिपो-बोड़ाकी के बीच 2.6 किमी लाइन पर भी काम, जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को मिलेगा आगे फायदा
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नोएडा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की दिशा में काम तेज हो गया है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) ने बॉटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 और ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी तक बनने वाले दो नए कॉरिडोर के निर्माण के लिए L&T का चयन किया है। दोनों परियोजनाओं से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली के बीच सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।
बॉटेनिकल गार्डन-सेक्टर 142 कॉरिडोर
सबसे महत्वपूर्ण परियोजना बॉटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक की है। इसकी लंबाई करीब 11.56 किलोमीटर होगी और इसमें 8 एलिवेटेड स्टेशन प्रस्तावित हैं। NMRC के अनुसार यह कॉरिडोर मौजूदा एक्वा लाइन को दिल्ली मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।
इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब ₹2,254.35 करोड़ बताई गई है। इसके तैयार होने के बाद सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन तक सीधा मेट्रो संपर्क उपलब्ध होगा।
बोड़ाकी तक भी पहुंचेगी मेट्रो
दूसरा कॉरिडोर ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी तक करीब 2.6 किलोमीटर लंबा होगा। बोड़ाकी में प्रस्तावित मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के कारण यह कनेक्टिविटी भविष्य में काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जेवर एयरपोर्ट से कैसे जुड़ेगा?
जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक सीधे इसी कॉरिडोर के पहुंचने की बात अभी सही नहीं होगी। हालांकि, नोएडा-ग्रेटर नोएडा के प्रस्तावित मेट्रो/रैपिड रेल नेटवर्क को भविष्य में जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने की योजनाएं हैं। इसलिए इन परियोजनाओं को एयरपोर्ट कनेक्टिविटी की दिशा में एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा माना जा सकता है।
दिल्ली जाने वालों को भी फायदा
बॉटेनिकल गार्डन पर एक्वा लाइन और दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क के बीच बेहतर इंटरचेंज मिलने से ग्रेटर नोएडा और नोएडा के यात्रियों को दिल्ली की ओर आने-जाने में सुविधा बढ़ सकती है। NMRC की परियोजना जानकारी के अनुसार सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन कॉरिडोर की लंबाई 11.56 किमी और स्टेशन संख्या 8 है।
एक नजर में
- बॉटेनिकल गार्डन–सेक्टर 142: 11.56 किमी
- स्टेशन: 8
- अनुमानित लागत: 2,254.35 करोड़
- डिपो–बोड़ाकी: 2.6 किमी
- निर्माण एजेंसी: L&T
- मुख्य फायदा: नोएडा-ग्रेटर नोएडा-दिल्ली कनेक्टिविटी मजबूत होगी
- जेवर एयरपोर्ट: भविष्य के विस्तारित नेटवर्क से कनेक्टिविटी की संभावना
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