महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में शुरू हुईं 35 इलेक्ट्रिक बसें, CM देवेंद्र फडणवीस ने दिखाई हरी झंडी
ओलेक्ट्रा की 9 मीटर लंबी एसी बसें शहर के अलग-अलग मार्गों पर चलेंगी; ब्लेड बैटरी तकनीक, CCTV और USB चार्जिंग जैसी सुविधाओं से लैस हैं बसें
अनप्लग इंडिया। डेस्क
छत्रपति संभाजीनगर। महाराष्ट्र में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में 35 नई इलेक्ट्रिक बसें शुरू की गई हैं। ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक लिमिटेड की इन एसी इलेक्ट्रिक बसों का उद्घाटन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 1 नवंबर को छत्रपति संभाजीनगर के डिविजनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में किया।
ये बसें छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को बेहतर बनाने की योजना का हिस्सा हैं। कंपनी के अनुसार, इन बसों का संचालन Evey Trans करेगी और 2 नवंबर 2026 से शहर के अलग-अलग मार्गों पर यात्रियों के लिए सेवाएं शुरू की जाएंगी। इससे शहर के विभिन्न इलाकों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ यात्रियों को आरामदायक सफर का विकल्प मिलेगा।
ब्लेड बैटरी तकनीक से लैस हैं नई बसें
ओलेक्ट्रा की ये 9 मीटर लंबी इलेक्ट्रिक बसें ब्लेड बैटरी तकनीक से संचालित होती हैं। इनका निर्माण मोनोकोक संरचना के आधार पर किया गया है। बेहतर स्थिरता और आरामदायक सफर के लिए बसों में आगे और पीछे एयर सस्पेंशन दिया गया है।
सुरक्षा के लिहाज से इनमें एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS), रीजनरेटिव ब्रेकिंग और आगे-पीछे डिस्क ब्रेक की सुविधा है। इन तकनीकों से वाहन के नियंत्रण और ब्रेकिंग क्षमता को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
यात्रियों की सुविधा के लिए CCTV और USB चार्जिंग
नई इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है। बसों के दोनों यात्री प्रवेश द्वारों पर एयर कर्टेन लगाए गए हैं। इसके अलावा CCTV कैमरे, डिजिटल डेस्टिनेशन बोर्ड और एकीकृत यात्री घोषणा प्रणाली उपलब्ध कराई गई है।
बसों में वाहन की लोकेशन ट्रैक करने की व्यवस्था, USB चार्जिंग पोर्ट और डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर भी दिए गए हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर कनेक्टिविटी वाला सफर उपलब्ध कराना है।
प्रदूषण और पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता घटाने में मिलेगी मदद
कंपनी के मुताबिक, इन इलेक्ट्रिक बसों से टेलपाइप यानी वाहन के एग्जॉस्ट से होने वाला उत्सर्जन नहीं होगा। डीजल और अन्य पारंपरिक ईंधन से चलने वाले वाहनों की तुलना में इनका संचालन कम शोर वाला भी होगा।
शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ने से पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने और शहरी वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
देश के 55 से अधिक शहरों में चल रहीं ओलेक्ट्रा की बसें
ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक के मैनेजिंग डायरेक्टर महेश बाबू ने कहा कि भारत स्वच्छ और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। छत्रपति संभाजीनगर में 35 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत इसी बदलाव का एक और कदम है।
उन्होंने बताया कि कंपनी की 4,500 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें देश के 55 से ज्यादा शहरों में संचालित हो रही हैं। ये बसें अब तक 75 करोड़ किलोमीटर से अधिक की ग्रीन यात्रा पूरी कर चुकी हैं। उनके मुताबिक, इलेक्ट्रिक परिवहन की सफलता केवल बसों की संख्या से नहीं, बल्कि यात्रियों की रोजमर्रा की सुविधा और पर्यावरण पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव से भी मापी जानी चाहिए।
महेश बाबू ने महाराष्ट्र सरकार और छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम का सहयोग और भरोसा जताने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कंपनी नवाचार और भरोसेमंद इलेक्ट्रिक मोबिलिटी समाधानों के माध्यम से टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
7,950 से अधिक वाहनों का ऑर्डर बुक
हैदराबाद मुख्यालय वाली ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक लिमिटेड इलेक्ट्रिक बसों और इलेक्ट्रिक टिपर्स का निर्माण करती है। कंपनी के अनुसार, देशभर में उसके 4,500 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन तैनात हैं और उसके पास 7,950 से ज्यादा वाहनों का ऑर्डर बुक है।
कंपनी ने बताया कि उसके इलेक्ट्रिक वाहन अब तक 750 मिलियन यानी 75 करोड़ से अधिक ग्रीन किलोमीटर का सफर पूरा कर चुके हैं। ओलेक्ट्रा शहरी और इंटरसिटी सार्वजनिक परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी समाधान तैयार करती है। छत्रपति संभाजीनगर में 35 नई बसों की शुरुआत से महाराष्ट्र में कंपनी की मौजूदगी और मजबूत होगी।
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