राहुल गांधी पर कृष्णपाल गुर्जर का तंज, बोले- ‘जिद्दी और बिगड़ैल बच्चे जैसे’; सत्ता के लिए चुनाव व्यवस्था पर सवाल उठाने का आरोप
फरीदाबाद में केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस नेता को घेरा, कहा- चुनाव हारने पर ईवीएम और निर्वाचन आयोग पर उठाते हैं सवाल; जनता का विश्वास जीतने की दी सलाह
अनप्लग इंडिया। डेस्क
फरीदाबाद। केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन पर चुनाव में हार के बाद ईवीएम और निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाने का आरोप लगाया है। फरीदाबाद में दिए बयान में गुर्जर ने राहुल गांधी की तुलना जिद्दी और बिगड़ैल बच्चे से की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में सुधार करना नहीं, बल्कि किसी भी तरह सत्ता हासिल करना है।
गुर्जर ने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस चुनाव हारती है, तो उसकी ओर से चुनाव व्यवस्था पर सवाल उठाए जाते हैं। वहीं, जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार बनती है, वहां उसी व्यवस्था पर आपत्ति नहीं की जाती। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में सत्ता हासिल करने का रास्ता जनता का समर्थन और चुनाव है।
‘चुनाव सुधार से ज्यादा सत्ता की चिंता’
राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जिस तरह परिवार में कोई बच्चा जिद करता है और अपनी बात मनवाने पर अड़ा रहता है, उसी तरह राहुल गांधी का रवैया भी दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करती है।
गुर्जर ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के लिए जनता का विश्वास हासिल करना सबसे जरूरी है। केवल चुनावी नतीजों पर सवाल उठाने से राजनीतिक समर्थन नहीं बढ़ता। उन्होंने राहुल गांधी को आरोप-प्रत्यारोप के बजाय लोगों के बीच अपनी स्वीकार्यता मजबूत करने की सलाह दी।
कांग्रेस के पुराने शासन का भी किया जिक्र
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के पूर्व शासनकाल का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस दौर में कई राज्यों में चुनाव के दौरान बूथ कैप्चरिंग, मतपेटियां लूटने और दोबारा मतदान कराने जैसी घटनाएं होती थीं। उन्होंने बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए कहा कि पहले चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर समस्याएं सामने आती थीं।
गुर्जर ने यह भी आरोप लगाया कि कई स्थानों पर मतदाताओं को मतदान केंद्र पहुंचने से पहले ही उनका वोट डाले जाने की बात सुनने को मिलती थी। उन्होंने इन उदाहरणों के जरिए कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि वर्तमान चुनाव व्यवस्था पर सवाल उठाने से पहले उसे अपने पुराने शासनकाल का भी आकलन करना चाहिए।
ये आरोप केंद्रीय मंत्री ने अपने राजनीतिक बयान में लगाए हैं। उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर के लिए उपलब्ध सामग्री में नहीं है।
‘अपनी सरकार वाले राज्यों में क्यों नहीं उठते सवाल?’
गुर्जर ने कहा कि कांग्रेस जिन राज्यों में चुनाव जीतकर सरकार बनाती है, वहां ईवीएम और निर्वाचन आयोग की व्यवस्था पर उसी तरह सवाल नहीं उठाए जाते, जैसे हार के बाद दूसरे राज्यों में उठाए जाते हैं।
उन्होंने इस रवैये को कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति बताते हुए कहा कि चुनावी नतीजों को स्वीकार करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। यदि किसी दल को चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत है, तो उसे संबंधित तथ्यों और उचित मंच के माध्यम से अपनी बात रखनी चाहिए।
राहुल गांधी को जनता का भरोसा जीतने की दी सलाह
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी खुद अपनी पार्टी में बात नहीं सुने जाने की शिकायत करते हैं। ऐसे में उन्हें पहले अपनी पार्टी और फिर जनता के बीच विश्वास मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।
गुर्जर ने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही तय करती है कि किस दल को सत्ता में बैठाना है और किसे विपक्ष में। इसके लिए चुनाव सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। उनके अनुसार, राजनीतिक दलों को आरोप लगाने के बजाय जनता के मुद्दों पर काम करना चाहिए और अपने प्रदर्शन के आधार पर समर्थन मांगना चाहिए।
फरीदाबाद में दिए गए इस बयान के जरिए केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी और कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि सत्ता हासिल करने के लिए चुनाव व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने के बजाय जनता के बीच अपनी राजनीतिक विश्वसनीयता बढ़ाने की जरूरत है।
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