ब्रेकिंग
वोटर लिस्ट अपडेट करने का बड़ा फैसला: SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग का निर्देश, यूपी-एमपी सहित 17 राज्यों में शुरू होगा SSR
Rinku Yadav
•
•
4 मिनट पढ़ें
एमपी-यूपी सहित 17 राज्यों-UT में वोटर लिस्ट अपडेट होगी:SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग का आदेश
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नई दिल्ली | विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे देशव्यापी राजनीतिक विवाद और सुप्रीम कोर्ट में याचिकाओं के बीच भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। आयोग ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और राजस्थान सहित देश के 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट का स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) यानी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कराने का आधिकारिक निर्देश जारी किया है। चुनाव आयोग ने इस संबंध में सभी संबंधित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को पत्र भेजकर तैयारियां तुरंत शुरू करने को कहा है।
अगले साल उत्तर प्रदेश सहित 5 राज्यों में होने हैं विधानसभा चुनाव
निर्वाचन आयोग का यह फैसला इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि जिन राज्यों में SSR के आदेश दिए गए हैं, उनमें से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में अगले साल (2027) विधानसभा चुनाव होने हैं।
- उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को समाप्त हो रहा है।
- मणिपुर (60 सीट), गोवा (40 सीट), पंजाब (117 सीट) और उत्तराखंड (70 सीट) की विधानसभाओं का कार्यकाल भी मार्च 2027 में अलग-अलग तारीखों पर खत्म होगा।
2027 में 18 साल के होने वाले युवा भी जुड़वा सकेंगे नाम
SSR (स्पेशल समरी रिवीजन) का मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट को पूरी तरह अपडेट रखना है ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदान से वंचित न रहे। इसके तहत वोटर लिस्ट में नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे और पुरानी प्रविष्टियों की गलतियां सुधारी जाएंगी।
इस बार आयोग ने विशेष राहत देते हुए कहा है कि 1 जनवरी 2027 के अलावा, जो युवा 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को भी 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे पहले से ही नाम जुड़वाने के लिए एडवांस में आवेदन कर सकेंगे।
SIR विवाद पर क्या है स्थिति?
हाल ही में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया और सॉफ्टवेयर की पारदर्शिता को लेकर विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर कई सवाल उठाए हैं, जिसे लेकर यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा है।
आयोग के नए SSR आदेश में सीधे तौर पर SIR के दौरान छूटे हुए नामों को जोड़ने की किसी अलग प्रक्रिया का जिक्र नहीं है। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि यदि SIR के ड्राफ्ट में किसी का नाम छूट गया है, तो वह व्यक्ति फॉर्म-6 (Form-6) भरकर और जरूरी दस्तावेज जमा करके आवेदन कर सकता है। निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) जांच के बाद ही नाम जोड़ने पर अंतिम फैसला करेगा।
चुनाव आयोग के नए और सख्त दिशा-निर्देश:
- 2 किलोमीटर के दायरे में होगा पोलिंग बूथ: मतदाताओं की सुविधा के लिए हाईराइज सोसायटियों, रिहायशी कॉलोनियों और शहरी झुग्गियों का सर्वे होगा। किसी भी वोटर को मतदान के लिए 2 किमी से ज्यादा दूर न जाना पड़े। एक बूथ पर सामान्यतः 1,200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे।
- अधिकारियों के तबादलों पर लगी रोक: चुनावी कार्य की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), और निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारी (ERO) के पद खाली नहीं रखे जाएंगे। आयोग की लिखित मंजूरी के बिना इस अवधि में इन अधिकारियों का ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा।
- एक फॉर्मेट में दर्ज होंगे पते: पते दर्ज करने में विसंगतियों को दूर करने के लिए चुनाव आयोग ने एक समान तय फॉर्मेट में एड्रेस लिखने का निर्देश दिया है, जिससे मतदाता के क्षेत्र की पहचान आसानी से हो सके।
इन राज्यों का शेड्यूल आएगा बाद में:
आंध्र प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली, तेलंगाना, ओडिशा सहित कुछ राज्यों में SSR का कार्यक्रम बाद में घोषित होगा। वहीं, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में मौसम संबंधी विपरीत परिस्थितियों के कारण यह प्रक्रिया बाद में शुरू की जाएगी।
यह भी पढ़ें
