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दिल्ली में सियासी भूचाल: राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों का रो-रोकर बुरा हाल, पुलिस पर लगाए प्राइवेट पार्ट पर हमला करने के संगीन आरोप
न्यूज़रूम डेस्क
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‘SIR’ विवाद और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का हल्लाबोल; राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को दी सीधी चुनौती
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में राजनीतिक पारा पूरी तरह गरमा गया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए। इस दौरान राहुल गांधी अपने साथ उन प्रदर्शनकारी छात्रों को मीडिया के सामने लेकर आए, जिन्हें पुलिस ने ‘SIR’ और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के दौरान हिरासत में लिया था। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद छात्र-छात्राओं ने पुलिस कस्टडी में बर्बरता और अमानवीय व्यवहार के जो आरोप लगाए, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।
सीसीटीवी कैमरे बंद कर बेसमेंट में हुई पिटाई: छात्राओं ने बयां किया दर्द
विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ली गई छात्राओं ने दिल्ली पुलिस की महिला अधिकारी चंचल यादव पर बेहद गंभीर और संवेदनशील आरोप लगाए हैं:
- निजी अंगों पर वार: प्रदर्शनकारी छात्र अतीरा (जो एक कान से सुन नहीं सकतीं) ने बताया कि हिरासत के वक्त बस में कोई महिला पुलिसकर्मी नहीं थी। बाद में महिला पुलिसकर्मी चंचल यादव उन्हें थाने के बेसमेंट में ले गईं, जहाँ सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। आरोप है कि वहाँ अतीरा के चेहरे, आँख और प्राइवेट पार्ट्स पर ताबड़तोड़ मुक्के मारे गए।
- सड़क पर घसीटा और गला दबाया: NSUI की कार्यकर्ता ऋतु बराला ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि पुलिस ने उन्हें नाखूनों से नोंचा और उनका गला दबाकर पीछे धकेल दिया। ऋतु के अनुसार, उन्हें सड़क पर घसीटा गया, पैरों पर डंडे बरसाए गए और पुलिसकर्मी ने ताना मारते हुए पूछा, “बता तेरा नेता राहुल गांधी अब कहां गया?”
- कुरुक्षेत्र का युद्ध है, जीतेंगे: ऋतु ने कहा कि इस बर्बरता के बावजूद वे डरी नहीं हैं और उन्होंने पुलिस से साफ कह दिया कि यह कुरुक्षेत्र का युद्ध है और वे इसे जीतकर ही मानेंगी।
“भाजपा-आरएसएस के इशारे पर हुई कार्रवाई”, छात्रों ने लगाए आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल अन्य छात्रों ने भी पुलिसिया कार्रवाई को पूरी तरह एकतरफा और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया:
- गुंडों के कहने पर गिरफ्तारी: कंटेंट क्रिएटर रमित ने आरोप लगाया कि उन्हें भाजपा और आरएसएस के कार्यकर्ताओं के कहने पर हिरासत में लिया गया। पुलिस ने उनका फोन छीन लिया और डंडों से बुरी तरह पीटा।
- धर्मेंद्र को लात-घूंसों से पीटा: एक अन्य छात्र धर्मेंद्र ने पुलिसकर्मी अंकित कसाना पर मारपीट का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें लात-थप्पड़ों से पीटा गया और यह आरोप लगाया गया कि वे पैसे लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए हैं।
अमित शाह को राहुल की चेतावनी: “यह हिंदुस्तान है, युवाओं की आवाज को दबा नहीं सकते”
छात्रों की आपबीती सुनने के बाद राहुल गांधी ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा निशाना साधते हुए कहा:
“ये हिंदुस्तान है, अमित शाह जी। यहाँ कोई हिंदू-मुस्लिम नहीं है, इनकी कोई जात नहीं है। आप इस आवाज के सामने खड़े नहीं हो सकते।”
राहुल गांधी ने देश भर के छात्रों से अपील की कि वे पुलिस की इस तरह की ज्यादतियों के वीडियो बनाकर सबूत सुरक्षित रखें। उन्होंने वादा किया कि वक्त आने पर दोषी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों (ज्ञानेश कुमार समेत) को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।
“मुख्य चुनाव आयुक्त भेज रहे हैं मैसेज”: राहुल गांधी का बड़ा दावा
इस दौरान राहुल गांधी ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पिछले कुछ दिनों से उनसे संपर्क करने और मैसेज भेजने की कोशिश कर रहे हैं। राहुल ने मीडिया के माध्यम से उन्हें सीधे शब्दों में कहा, “आप अपराधी नहीं हैं, आपसे बस यह सब करवाया गया है। आपके लिए सबसे बेहतर रास्ता यही है कि आप तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे दें।”
गौरतलब है कि ‘India Block’ (विपक्षी गठबंधन) इस पूरे मुद्दे को लेकर पिछले 7 दिनों में 5 बड़े विरोध प्रदर्शन कर चुका है और आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज होने के आसार हैं।
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