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12 अक्तूबर 2026 | भरोसेमंद खबरें, सीधे आपके शहर से
अंक: 12 Oct 2026
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यूपी में भाजपा के 8 नए राज्यसभा उम्मीदवार, हरदीप पुरी और बीएल वर्मा का पत्ता साफ: गंगवार की बेटी समेत 2 महिलाओं को मौका

न्यूज़रूम डेस्क • • 6 मिनट पढ़ें
यूपी में भाजपा के 8 नए राज्यसभा उम्मीदवार, हरदीप पुरी और बीएल वर्मा का पत्ता साफ: गंगवार की बेटी समेत 2 महिलाओं को मौका

जातीय समीकरण साधते हुए भाजपा ने 3 पिछड़े, 2 ब्राह्मण और 2 दलित चेहरों पर लगाया दांव: 16 अक्टूबर को 10 राज्यसभा सीटों पर होना है चुनाव

अनीता यादव – अनप्लग इंडिया। डेस्क

लखनऊ। यूपी में भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए सोमवार दोपहर 8 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया। सभी नए उम्मीदवार हैं। इनमें 2 महिलाएं हैं। सामाजिक समीकरण की बात करें तो 2 ब्राह्मण, 1 ठाकुर, 3 पिछड़े और 2 दलित वर्ग से हैं। पिछड़े वर्ग में एक लोधी, एक कुर्मी और एक पाल समाज से हैं। वहीं, दलित वर्ग में एक खटीक और एक पासी समाज से हैं।

पीएम मोदी के मंत्रिमंडल में शामिल बीएल वर्मा और हरदीप सिंह पुरी का टिकट काट दिया गया है। दिनेश शर्मा को अंडमान-निकोबार का उपराज्यपाल बनाया गया है। मौजूदा राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, सीमा द्विवेदी, बृजलाल, गीता शाक्य और अरुण सिंह को दोबारा मौका नहीं मिला है। यूपी में राज्यसभा की 31 सीटें हैं। इनमें 10 सीटों पर 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। 6 अक्टूबर को नामांकन का आखिरी दिन है।

सभी 8 प्रत्याशियों को जानिए…

1. धर्मपाल सिंह

धर्मपाल सिंह बरेली की आंवला विधानसभा सीट से भाजपा विधायक और योगी कैबिनेट में पशुधन मंत्री हैं।

2. राधाकांत ओझा

राधाकांत ओझा प्रयागराज के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। 2024 में फूलपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान भी उनका नाम भाजपा के संभावित दावेदारों में प्रमुखता से सामने आया था।

3. प्रकाश पाल

प्रकाश पाल भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं। जून 2026 में उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई थी। वह कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

4. विद्यासागर सोनकर

विद्यासागर सोनकर जौनपुर के वरिष्ठ भाजपा नेता हैं। वे पहले लोकसभा सांसद रह चुके हैं और भाजपा संगठन में प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

5. गोपी कृष्ण पांडेय

गोपी कृष्ण पांडेय का नाम भाजपा ने पहली बार इस स्तर पर राज्यसभा प्रत्याशी के तौर पर सामने रखा है।

6. प्रियंका सिंह रावत

प्रियंका सिंह रावत बाराबंकी लोकसभा सीट से 2014 में भाजपा के टिकट पर सांसद चुनी गई थीं। वह बाराबंकी की पहली महिला सांसद बनी थीं। 2019 में भाजपा ने उनकी जगह उपेंद्र सिंह रावत को टिकट दिया।

7. राम प्रताप सिंह चौहान

जून 2026 में उन्हें भाजपा का प्रदेश महामंत्री बनाया गया। उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभारी भी बनाया गया। वे 1991-94 के दौरान भाजपा युवा मोर्चा में मंडल अध्यक्ष रहे हैं।

8. श्रुति गंगवार

श्रुति गंगवार झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की बेटी हैं। संतोष गंगवार ने 24 सितंबर को दिल्ली में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से मुलाकात की थी। ऐसा माना जा रहा है कि इसी मुलाकात के बाद संतोष गंगवार की बेटी श्रुति का राज्यसभा जाना तय हो गया था।

भाजपा ने खेला पिछड़ा कार्ड, ब्राह्मणों की नाराजगी दूर करने की कोशिश

  • भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पिछड़ा कार्ड खेला है। पिछड़े वर्ग में भी पार्टी के परंपरागत वोट बैंक लोधी, पाल और कुर्मी समाज पर फोकस किया है। धर्मपाल सिंह लोधी समाज से हैं, प्रकाश पाल पाल समाज और श्रुति गंगवार कुर्मी समाज से हैं।
  • वहीं, दलित वर्ग में भी 2017 से भाजपा का वोट बैंक माने जाने वाले पासी और खटीक समाज को ही मौका दिया है। विद्यासागर सोनकर खटीक समाज और प्रियंका रावत पासी समाज से हैं। राम प्रताप सिंह चौहान ठाकुर बिरादरी से हैं। जबकि राधाकांत ओझा और गोपी कृष्णा पांडेय ब्राह्मण हैं।
  • भाजपा ने UGC के नए नियमों से अगड़े वर्ग में पनपी नाराजगी और ब्राह्मणों की नाराजगी को दूर करने के लिए ब्राह्मण समाज से दो प्रत्याशी बनाए हैं। लेकिन ठाकुर समाज से एक प्रत्याशी कम कर दिया है। वर्तमान में नीरज शेखर और अरुण सिंह ठाकुर समाज से राज्यसभा सदस्य हैं। भाजपा ने दोनों को टिकट नहीं दिया है, लेकिन ठाकुर समाज से केवल एक राम प्रताप सिंह को प्रत्याशी बनाया है।

भाजपा-सपा का गणित समझिए

  • भाजपा से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, बीएल वर्मा और नीरज शेखर, सीमा द्विवेदी, बृजलाल, गीता शाक्य, अरुण सिंह और सपा के रामगोपाल यादव, बसपा के रामजी गौतम का कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म हो रहा है।
  • डॉ. दिनेश शर्मा अंडमान निकोबार के उप-राज्यपाल बना दिए गए हैं। उन्होंने इस्तीफा दिया है।
  • सपा के 2 उम्मीदवार प्रोफेसर राम गोपाल यादव और उद्योगपति धनराज परिमल नाथवानी ने 30 सितंबर को नामांकन दाखिल किया है।
  • सपा तीसरे और भाजपा 9वें उम्मीदवार को नहीं उतारती है तो चुनाव में सपा के 2 और भाजपा के 8 उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन तय है।

मोदी मंत्रिमंडल से 3 मंत्रियों की छुट्‌टी होने की संभावना

लिस्ट में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री पुरी और राज्य मंत्री वर्मा का नाम नहीं है। उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के लिए भी BJP ने दूसरे नाम घोषित किए हैं। यानी फिलहाल इन दोनों के लिए राज्यसभा में लौटने का रास्ता बंद हो गया है।

पुरी के लिए अगला संभावित रास्ता 2027 में खाली होने वाली राज्यसभा सीटें हो सकती हैं। अप्रैल 2027 में केरलम की 3 सीटों का कार्यकाल खत्म होगा, लेकिन वहां BJP के मौजूदा विधानसभा संख्या-बल को देखते हुए पुरी का वहां से राज्यसभा पहुंचना आसान नहीं माना जा सकता।

पुरी का राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को खत्म हो रहा है। संविधान के अनुच्छेद 75(5) के तहत वे लगातार 6 महीने तक ही सांसद बने बिना केंद्रीय मंत्री रह सकते हैं।

पीयूष गोयल को पहले ही भाजपा का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया जा चुका है। लिहाजा मोदी मंत्रिमंडल से तीन मंत्रियों को हटना तय है। हरदीप पुरी का एप्स्टीन फाइल में भी नाम सामने आया था। हरदीप 2018 में पहली बार राज्यसभा सदस्य बने थे और बीएल वर्मा को 2020 में राज्यसभा भेजा गया था।

लखनऊ से ज्यादा ताकतवर बना बाराबंकी

अवध का छोटा सा जिला बाराबंकी भाजपा की राजनीति में लखनऊ को छोड़़कर अन्य किसी जिले अधिक ताकतवर हो गया है। भाजपा में प्रदेश महामंत्री उपेंद्र रावत बाराबंकी से हैं।

अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष बैद्यनाथ रावत भी बाराबंकी से हैं। अब राज्यसभा चुनाव में भी बाराबंकी की प्रियंका रावत को टिकट दिया है। प्रियंका भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष भी हैं। प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री सतीश शर्मा भी बाराबंकी जिले से ही हैं। भाजपा के प्रदेश मंत्री अवधेश श्रीवास्तव भी बाराबंकी से ही हैं।

अब जानिए सपा प्रत्याशियों के बारे में…

सपा प्रत्याशी धनराज परिमल नथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज के ग्रुप प्रेसिडेंट हैं। उन्हें जाने-माने बिजनेसमैन मुकेश अंबानी का करीबी माना जाता है। वह गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट भी हैं। पिता परिमल नथवानी झारखंड से निर्दलीय राज्यसभा सांसद हैं। 3 महीने पहले NDA के समर्थन से राज्यसभा पहुंचे थे।

जबकि सपा के दूसरे प्रत्याशी प्रो.रामगोपाल यादव, अखिलेश यादव के चाचा हैं। वह 90 के दशक से लगातार राज्यसभा में सपा की ओर से जा रहे हैं। एक बार लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं। वर्तमान में राम गोपाल यादव पार्टी के प्रमुख महासचिव भी हैं।

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