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मोदी बोले- मोबाइल बना आम आदमी की जेब में बैंक और सरकारी दफ्तर: DBT से 5 लाख करोड़ का लीकेज रोका
इंडिया मोबाइल कांग्रेस में PM ने कहा- भारत अब टेक्नोलॉजी का सिर्फ उपभोक्ता नहीं, निर्माता भी, 5.5 लाख से ज्यादा 5G बेस स्टेशन सक्रिय, 6G और AI पर बढ़ेगा फोकस
अनप्लग इंडिया। डेस्क
नई दिल्ली। मोबाइल फोन अब केवल बातचीत, मैसेज या सोशल मीडिया का माध्यम नहीं रहा। बैंकिंग से लेकर इलाज, शिक्षा, सरकारी योजनाओं और भुगतान तक की सुविधाएं लोगों की हथेली तक पहुंच चुकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में भारत की डिजिटल यात्रा का जिक्र करते हुए यह बात कही।
प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीक के जरिए सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों तक पहुंचने से बिचौलियों और फर्जीवाड़े पर लगाम लगी है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से अब तक करीब 50 लाख करोड़ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे जा चुके हैं। उनके मुताबिक पुरानी व्यवस्था में होने वाले लीकेज को रोककर लगभग 5 लाख करोड़ गलत हाथों में जाने से बचाए गए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन लोगों की अवैध कमाई इस व्यवस्था के कारण बंद हुई, वे इसका विरोध कर सकते हैं, लेकिन सरकार जनता का पैसा सीधे जनता तक पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ती रहेगी।
गांव से शहर तक मोबाइल ने घटाई दूरी
मोदी ने कहा कि भारत भौगोलिक और भाषाई विविधताओं वाला विशाल देश है। पहले गांवों में रहने वाले लोगों को बैंक, अस्पताल या सरकारी कार्यालय के काम के लिए शहर जाना पड़ता था। इससे उनका समय और पैसा दोनों खर्च होते थे।
डिजिटल सेवाओं और मोबाइल कनेक्टिविटी ने इस स्थिति को बदलने में बड़ी भूमिका निभाई है। अब बड़ी संख्या में सरकारी सेवाएं मोबाइल के जरिए उपलब्ध हैं। इससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने और लंबी कतारों में खड़े रहने की जरूरत कम हुई है।
‘मोबाइल अब गुड गवर्नेंस का माध्यम’
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में टेलीकॉम का दायरा केवल नेटवर्क, स्पेक्ट्रम और इंटरनेट की स्पीड तक सीमित नहीं है। मोबाइल और इंटरनेट अब गुड गवर्नेंस और नागरिक सेवाओं की डिलीवरी के महत्वपूर्ण माध्यम बन चुके हैं।
उन्होंने कहा कि बीते 10-12 वर्षों में मोबाइल कम्युनिकेशन ने भारत की डिजिटल व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सरकार ने डिजिटल तकनीक को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए मोबाइल को अपने डिजिटल विजन के केंद्र में रखा।
5.5 लाख से अधिक 5G बेस स्टेशन
देश में 5G नेटवर्क के विस्तार का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि 2022 में इंडिया मोबाइल कांग्रेस के मंच से ही भारत में 5G की शुरुआत हुई थी। अब देशभर में 5.5 लाख से ज्यादा 5G बेस स्टेशन काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री के मुताबिक भारत नई तकनीक अपनाने के मामले में तेजी से आगे बढ़ा है और अब अगला लक्ष्य नई पीढ़ी की तकनीक के विकास में बड़ी भूमिका निभाना है।
‘डिजाइन भी भारत में, टेक्नोलॉजी भी भारत की’
प्रधानमंत्री ने भारत के टेक्नोलॉजी सेक्टर में बदलती भूमिका पर कहा कि देश अब केवल तकनीक का उपभोक्ता बनकर नहीं रहना चाहता। भारत कंज्यूमर से क्रिएटर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में डिजाइन भारत में तैयार करने और स्वदेशी तकनीक विकसित करने पर जोर रहेगा। सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को भी मजबूत किया जा रहा है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के अगले चरण में सप्लाई चेन पर विशेष ध्यान रहेगा।
साइबर फ्रॉड पर ग्लोबल फ्रेमवर्क की जरूरत
मोदी ने बढ़ते साइबर अपराध को दुनिया के लिए बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध किसी देश की सीमा तक सीमित नहीं हैं। एक देश में बैठा अपराधी दूसरे देश के नेटवर्क या संसाधनों का इस्तेमाल करके तीसरे देश में अपराध कर सकता है।
ऐसी स्थिति में साइबर फ्रॉड से मुकाबले के लिए वैश्विक स्तर पर साझा फ्रेमवर्क तैयार करने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने फोन और नेटवर्क सिक्योरिटी को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सामान्य उपयोगकर्ता को कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान और डिजिटल भुगतान के दौरान अपने पैसे तथा डेटा की सुरक्षा का भरोसा होना चाहिए।
100 करोड़ तक पहुंची ब्रॉडबैंड यूजर्स की संख्या
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कार्यक्रम में कहा कि पिछले एक दशक में भारत में ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या करीब 6 करोड़ से बढ़कर 100 करोड़ हो गई है।
उन्होंने बताया कि भारत दुनिया में सस्ता मोबाइल डेटा उपलब्ध कराने वाले देशों में शामिल है और यहां 1 GB डेटा की कीमत करीब 8 है।
सैटकॉम से प्री-6G तक दिखेगी नई तकनीक
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में इस बार AI, 6G और सैटेलाइट कम्युनिकेशन प्रमुख विषयों में शामिल हैं। प्रदर्शनी में सैटेलाइट कम्युनिकेशन, AI आधारित प्री-6G नेटवर्क और इंटीग्रेटेड सेंसिंग एंड कम्युनिकेशन जैसी तकनीकों को प्रदर्शित किया जाएगा।
भारत में 6G इंफ्रास्ट्रक्चर, टेस्टिंग और इससे जुड़े इकोसिस्टम को विकसित करने पर भी चर्चा हो रही है।
2017 से अब तक बदला इंडिया मोबाइल कांग्रेस का स्वरूप
इंडिया मोबाइल कांग्रेस की शुरुआत 2017 में हुई थी। शुरुआती आयोजन का फोकस मुख्य रूप से भारत पर था, जबकि अब इसका दायरा वैश्विक हो चुका है। 2026 के आयोजन में 100 से ज्यादा देशों की भागीदारी बताई गई है।
कार्यक्रम में टेलीकॉम और कॉरपोरेट जगत के प्रमुख प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इनमें भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल, रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी और आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला शामिल रहे।
नाना पाटेकर को भी किया याद
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अभिनेता नाना पाटेकर के निधन का भी उल्लेख किया। उन्होंने उनके अभिनय और सामाजिक मुद्दों पर फिल्मों के जरिए दिए गए संदेश को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नाना पाटेकर ने अलग-अलग किरदारों के जरिए दर्शकों पर अपनी अलग छाप छोड़ी और सामाजिक बुराइयों पर भी अपनी कला के माध्यम से प्रहार किया।
एक नजर में इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026
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